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रतन टाटा का जीवन परिचय | Ratan Tata Biography in hindi

रतन टाटा जो टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष है. भारतीय उद्योगपति ,दूरदर्शी होने के साथ साथ एक परोपकारी वयक्ति भी है ये साल 1990 से 2012 तक टाटा समूह के अध्यक्ष भी थे.रतन टाटा आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है.

रतन टाटा को बच्चे से बूढ़े तक सब जानते है. रतन टाटा, सभी प्रमुख कम्पनियों जैसे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा टी, टाटा केमिकल्स, इंडियन होटल्स और टाटा टेलीसर्विसेज के अध्यक्ष भी रहे । ये इतने दूरदर्शी से है की इन्होने घाटे में चल रही टाटा समूह की कम्पनियो को कई सालो की मेहनत और अपनी दूरदर्शिता की मदद से और अपने दम से मुनाफे में पहुचाया।

रतन टाटा बहुत ही शांत स्वभाव के वयक्ति है ये थोड़े से शर्मीले स्वाभाव के वयक्ति है ये बहुत ही सामान्य जीवन जीने वाले वयक्तियो में से है जो समाज की चमक धमक से दूर रहते है.

ये ऐसे वयक्ति है जो इतने धनवान होने के बाद भी कई सालों से मुम्बई के कोलाबा जिले में एक किताबों एवं कुत्तों से भरे हुये बेचलर फ्लैट में रह रहे हैं। इससे पता चलता है इनके स्वाभाव के बारे में की इनका व्यक्तित्व कितना आसमान्य और अतुल्य है. इनको अपनी जिंदगी में अपने परोपकारी कामो की वजह से अनगिनत पुरस्कार मिले है.

आज हम आपको उनकी जिंदगी के बारे में कुछ बेहतरीन और दिल छू जाने वाली जानकारिया देंगे।

रतन टाटा का जीवन परिचय

रतन टाटा जन्म, उम्र ,परिचय एवं संपत्ति(Birth, Age, , Introduction,Net Worth)

नाम Nameरतन टाटा
असली नाम Real Name रतन नवल टाटा
जन्म तारीख Date of Birth   28 दिसंबर 1937
उम्र Age83
जन्म स्थान Birth Placeसूरत , गुजरात
शिक्षा Education बी.एसडिग्री संरनात्मक इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रम
राशि Zodiac Signतुला
गृह नगर Home Townमुंबई
नागरिकता Nationalityभारतीय
धर्म Religionपारसी
पेशा Professionटाटा समूह के रिटायर्ड अध्यक्ष
पुरस्कार (Awards) पदम भूषण, पदम विभूषण
वैवाहिक स्थिति Marital Statusअवैवाहिक


रतन टाटा का परिवार एवं शुरुआती जीवन(Ratan Tata Family & Early Life )

गुजरात के सूरत शहर में 28 दिसंबर 1937 को रतन टाटा का जन्म हुआ था. और इनके पिता का नाम  नवल टाटा है  । उनकी माता का नाम सूनू टाटा है जब रतन टाटा केवल 10 साल के थे तो इनके माता पिता अलग हो गए थे.उसके बाद दोनों भाइयों का लालन पालन उनकी दादी नवजबाई टाटा ने किया ।

 इनकी दादी बहुत दयालु थी, लेकिन अनुशासन के मामले में भी काफी सख्त थी इनका का एक सौतेला भाई भी है जिसका नाम नोएल टाटा है।बचपन में ये पियानो सीखते थे और क्रिकेट खेला करते थे ।


रतन टाटा की शिक्षा (Ratan Tata Education )

  • रतन टाटा ने 8 वीं कक्षा तक की शुरुवाती शिक्षा मुंबई  के कैंपियन स्कूल से प्राप्त की.
  • मुंबई के ही  कैथेड्रल और एंड जॉन कॉनन स्कूल , एवं शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से इन्होने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई की
  • साल 1955 में  न्यूयॉर्क शहर के Riverdale Country School से इन्होने ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की । 


रतन टाटा का करियर (Ratan Tata Career )

  • 1955 से 1962 तक अमेरिका में रहने के बाद वह अमेरिका से बहुत प्रभावित हुए । ये जब अमेरिका थे तो वो कैलिफोर्निया और वेस्ट कोस्ट की लाइफस्टाइल से इतने प्रभावित हो गए थे की उन्होंने लॉस एंजिल्स में ही रहने का फैसला कर लिया था
  • कुछ समय बाद उनकी दादी नवाजबाई की तबियत बिगड़ने लगी जिसके कारण उन्हें अमेरिका में बसने का सपना छोड़ के भारत आना पड़ा
  • जब ये भारत वापसआये IBM की जॉब थी लेकिन JRD टाटा इस बात से खुश नहीं थे उन्होंने साल 1962 में रतन टाटा को टाटा ग्रुप की कंपनी में काम करने की पेशकश की और इस तरह रतन टाटा का टाटा ग्रुप में आगमन हुआ.देश के इस सबसे बड़े टाटा ग्रुप से जुड़ने के बाद उन्होंने शुरू के दिनों में टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर काम किया,

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रतन टाटा का संघर्ष और सफलता – (Ratan Tata Success Story)

  • साल 1971 में इन्हे नेशनल रेडियो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी का डायरेक्टर इंचार्ज बनाया गया उस समय तक कंपनी घाटे में चल रही थी और बाजार में कंपनी की हिस्सेदार सिर्फ २% था और घटा 40 % था कुछ साल बाद रतन टाटा ने कंपनी को मुनाफे में पहुचाया और बाजार में कमपनी की हिस्सेदारी 20 % तक बढ़ा दी।
  • लेकिन इंदिरा गाँधी की सरकार ने आपातकालीन लागु कर दिया जिससे कंपनी को घाटा हुआ और इसके साथ साथ  टाटा को यूनियन की हड़ताल का सामना किया जिसके वजह से बाद में नेल्को कंपनी बंद करनी पड़ी।
  • कुछ समय बाद रतन टाटा को एक कपड़ा मिल (Empress Mills) सँभालने की जिम्मेदारी दी गयी । टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी घाटे का सामना कर रही थी। जिसके बाद रतन टाटा ने इसे काफी संभालने की कोशिश की लेकिन इनको किसी कारण कंपनी की हालत सुधारने के लिए 50 लाख रुपयों की जरुरत तह लेकिन वो इन्हे नहीं मिल पाए और अंत में इस कंपनी को बंद कर दिया गया जिससे रतन टाटा बहुत दुखी हुए थे
  • कुछ सालो बाद इनकी दूरदर्शिता पहचानते हुए इन्हे जेआरडी टाटा ने टाटा ग्रुप का उत्तरादिकारी बनाने की घोषणा कर दी और 1991 में टाटा ग्रुप में रहते हुए अपने चाचा, जेआरडी टाटा के उत्तराधिकारी बने।
  • टाटा इंडस्ट्रीज की कमान सँभालते हीटाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने पब्लिक इशू जारी किया और टाटा मोटर्स को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टकिया ।
  • सन 1998 में टाटा मोटर्स ने पहलीभारतीय यात्री कार टाटा इंडिका को बाजार में उतारा । 
  • रतन टाटा ने बहुत तेजी से टाटा ग्रुप को और बड़ा करने की योजना बनाई। इसी दूरदर्शिता के कारण साल 2000 में लंदन में मौजूद टेटली टी कंपनी को ख़रीदा उसके बाद , 2004 में इसने दक्षिण कोरिया के देवू मोटर्स के ट्रक बनाने वाली कंपनी को ख़रीदा।उसके 3 साल बाद ही टाटा ग्रुप ने  2007 में स्टील बनाने वाली कंपनी एंग्लो-डच को ख़रीदा ।रतन टाटा के कमान में टाटा ग्रुप दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक कंपनी बन गयी ।

रतन टाटा का सपना टाटा नैनो (Ratan Tata Dream Nano Car )

रतन टाटा का ये सपना था की अपने देश भारत के लोगो के लिए सबसे सस्ती और किफायती कार को बाजार में लाये और यह सपना उनका पूरा भी हुआ. साल 2008 में टाटा मोटर्स ने सबसे सस्ती कार ”नैनो कार ”का नई दिल्ली में हो रहे ऑटो एक्सपो में इस का उद्घाटन किया जिसकी कीमत 1 लाख rs थी यानि की लगभग 2000$ है दिल्ली के

रतन टाटा का रिटायरमेंट (Ratan Tata Retirement )

  • 21 सालो तक रतन टाटा ने टाटा कम्पनी की कमान संभाली। रतन टाटा की नेर्तत्व्य में टाटा ग्रुप का बाजार में 40% तक हिस्सेदारी और 50 % तक मुनाफा बढ़ा।
  • 75 वर्ष की उम्र में रतन टाटा ने 28 दिसंबर 2012 को टाटा समूह से इस्तीफा दे दिया। उनके बाद साइरस मिस्त्री , शापूरजी पल्लोनजी समूह के पल्लोनजी मिस्त्री के 44 वर्षीय बेटे को टाटा ग्रुप की कमान सँभालने के लिए चुना ।
  • साल 2016 में साइरस मिस्त्री को किसी कारणवस कंपनी से निकाल दिया गया
  • रतन टाटा ने फिर से साल 2016 से 2017 तक टाटा ग्रुप की कमान सँभालने की जिम्मेदारी अपने कंधो पर ली.
  • साल 2017 में नटराजन चंद्रशेखरन को टाटा ग्रुप की जिम्मेदारी सौंपी गयी जिसे वे अभी तक संभाल है


रतन टाटा की उपलब्धियां एवं अवार्ड्स (Ratan Tata Awards & Achievements)

रतन टाटा को 2000 में पद्म भूषण और 2008 में पद्म विभूषण प्राप्त हुआ , जो भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा और दूसरा सबसे ऊंचा नागरिक सम्मान है।

सालनामपुरस्कार देने वाला संगठन
2001Honorary Doctor of Business Administrationओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी
2005International Distinguished Achievement Awardबनाई ब्रिथ इंटरनेशनल
2008Honorary Citizen Awardसिंगापुर की सरकार
2010Oslo Business for Peace awardशांति फाउंडेशन के लिए व्यापार
2010Business for Peace Awardशांति फाउंडेशन के लिए व्यापार
2010Business Leader of the Yearएशियाई पुरस्कार ।
2012Grand Cordon of the Order of the Rising Sunजापान सरकार
2013Transformational Leader of the Decadeइंडियन अफेयर्स इंडिया लीडरशिप कॉन्क्लेव 2013
2013Honorary Doctor of Business Practiceकरनेगी मेलों विश्वविद्याल
2014Honorary Doctor of Businessसिंगापुर प्रबंधन विश्वविद्यालय
2015Sayaji Ratna Awardबड़ौदा प्रबंधन संघ, मानद कारण, एचईसी पेरिस
2016 Commander of the Legion of Honourफ्रांस की सरकार

रतन टाटा के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Fact About Ratan Tata) –

1. 100 कंपनीयो के साथ टाटा ग्रुप विश्व में पांचवी सबसे बड़ी कंपनी है. टाटा चाय से लेकर 5 स्टार होटल तक, सूई से लेकर स्टील तक, नैनों कार से लेकर हवाई जहाज तकसब बेचते हैं

2. रतन टाटा को पालतू जानवरों से प्यार है उन्होंने अपना मुंबई वाला 400 करोड़ का बांग्ला पालतू कुत्तो की देख रेख के लिए दे रक्खा है दूसरा उन्हें प्लेन उड़ाना पसंद है उनके पास लाइसेंस भी है.

3. रतन टाटा अपने कर्मचारियों से बहुत प्यार करते है. टाटा में नौकरी करना सरकारी नौकरी से कम नही है.

4. रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को अपने 21 साल दिए और इन 21 सालो में कंपनी को शिखर पर पहुंचा दिया. कंपनी की वैल्यू 50 गुना बढ़ा दी. .

. 5 .साल 2008 में 26/11 के दिन आतंकवादियो द्वारा मुंबई के ताज होटल पर किये गए हमले में ताज होटल में जितने भी लोग घायल हुए थे उन सबका इलाज टाटा ने ही कराया था.

6. 26/11 आतंकवादी हमले में होटल के आस-पास छोटी मोटी दुकान ठेला लगाने वाले जिन लोगो का नुकसान हुआ था उन सबकी मदद टाटा ने की.

7. 26/11 आतंकवादी हमले के दौरान ताज होटल जितने भी दिन बंद रहा उतने दिन की सैलरी कर्मचारियो को दी गयी थी

रतन टाटा के 7 बेस्ट इंस्पायरिंग थॉट्स (Ratan Tata Quotes in Hindi)

I don’t believe in taking right decisions. I take decisions and then make them right.

(मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूँ और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूँ।)

If you want to walk fast, walk alone. But if you want to walk far, walk together.

(अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए। लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए।)

 Ups and downs in life are very important to keep us going, because a straight line even in an ECG means we are not alive

(आगे बढ़ने के लिए जीवन में उतर-चढ़ाव बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि ईसीजी में भी एक सीधी लाइन का मतलब होता है कि हम जिंदा नहीं हैं।)

Power and wealth are not two of my main stakes.

(सत्ता और धन मेरे दो प्रमुख सिद्धांत नहीं हैं।)

The day I am not able to fly will be a sad day for me.

(जिस दिन मैं उड़ान नहीं भर पाऊंगा, वो मेरे लिए एक दुखद दिन होगा।)

There are many things that, if I have to relive, maybe I will do it another way. But I would not like to look back and think what I have not been able to.

(ऐसी कई चीजें हैं, जो अगर मुझे दोबारा जीने के मौका मिले तो शायद मैं अलग ढंग से करूँगा। लेकिन मैं पीछे मुड़कर ये नहीं देखना चाहूँगा कि मैं क्या नहीं कर पाया।)

None can destroy iron, but its own rust can! Likewise none can destroy a person, but its own mindset can!

(कोई लोहे को नष्ट नहीं कर सकता, लेकिन उसकी अपनी जंग कर सकती है! उसी तरह कोई किसी इंसान को बर्बाद नहीं कर सकता, लेकिन उसकी अपनी मानसिकता कर सकती है।)


रतन टाटा की कुल संपत्ति (Ratan Tata Net Worth)

अगर टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों के मार्किट वैल्यू की बात करें तो टाटा ग्रुप की जितनी भी कंपनियां है उनका मार्किट वैल्यू 17 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है ब्‍लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्‍स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 117 बिलियन डॉलर यानी करीब 8.25 लाख करोड़ है.रतन टाटा अपनी संपत्ति का 65 % पैसा लोगो की सहायता के लिए दान कर देते है यही कारण है की वो दुनिया के सबसे अमीर वयक्ति नहीं है

अंतिम कुछ शब्द 

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Dilip Kumar Biography in Hindi | दिलीप कुमार जीवन परिचय

दिलीप कुमार का जीवन परिचय, परिवार, पत्नी, बच्चे, कमाई, जाति, धर्म, उम्र, ताजा खबर मृत्यु निधन( Dilip kumar biography, age, latest health news in hindi)

दिलीप कुमार को भारतीय सिनेमा में हम ‘‘ट्रेजडी किंग” के नाम से भी जानते है. आज हम बात करेंगे भारत के लोकप्रिय अभिनेता दिलीप कुमार जी के जीवन के बारे में.

दिलीप कुमार एक भारतीय फिल्म अभिनेता होने के साथ साथ एक परोपकारी व्यक्ति हैं, जिन्हें हिंदी सिनेमा में उनके काम के लिए जाना जाता है।उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ भी प्राप्त है।((web.archive.org))

“द फर्स्ट खान” के नाम से याद किये जाने वाले अभिनेता दिलीप कुमार जी को भारतीय सिनेमा में उनके अभिनय की तकनीक लाने का श्रेय दिया गया है। दिलीप कुमार जी के पास सबसे Best अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए सबसे अधिक जीत का रिकॉर्ड है और वह पुरस्कार के उद्घाटन प्राप्तकर्ता भी थे।
अभिनेता दिलीप कुमार जी को भारतीय सिनेमा के साथ-साथ पुरे विश्वाजगत के इतिहास में सबसे महान अभिनेताओं में से एक माना जाता है।

दिलीप कुमार जीवन परिचय

दिलीप कुमार जीवन परिचय

नाम दिलीप कुमार
असली नाम मुहम्मद युसुफ खान
चालू नाम ट्रैजेडी किंग
जन्म तारीख  11 दिसंबर 1922
मृत्यु की तारीख 07 जुलाई 2021
उम्र 98 साल
जन्म स्थान पेशावर उत्तर-पश्चिम प्रोविंस, ब्रिटिश इंडिया
राशि धनु राशि
गृह नगर मुंबई
नागरिकता भारतीय
शिक्षा NA
धर्म इस्लाम
रुचि  खाना पकाना
वैवाहिक स्थिति विवाहित

दिलीप जी का जन्म(Dilip Kumar Born):-

दिलीप कुमार का जन्म मोहम्मद यूसुफ खान ((.hindustantimes)) के रूप में 11 दिसंबर 1922 को ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत के एक शहर , पेशावर के किस्सा खवानी बाजार इलाके में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। ((ndtv))

वह लाला गुलाम सरवर अली खान (1890-1950) और उनकी पत्नी आयशा बेगम (1897-1948) की बारह संतानों में से एक थे। उनके पिता एक फल व्यापारी थे।

दिलीप जी की शिक्षा (Dilip Kumar Education ):-

खान की स्कूली शिक्षा देवलाली (अब महाराष्ट्र में) के बार्न्स स्कूल में हुई , जहाँ उनके पिता के बगीचे थे।((web.archive.org)) वह पेशावर में उसी पड़ोस में पले-बढ़े जहां राज कपूर , उनके बचपन के दोस्त और बाद में फिल्म उद्योग में उनके सहयोगी थे। ((indianexpress))

साल 1940 में, वह पुणे चले गए और एक सूखे फल की आपूर्ति की दुकान और एक कैंटीन की स्थापना की। पेशावर से आने के बावजूद, खान के परिवार ने 1947 में भारत के विभाजन के बाद बंबई में रहने का फैसला किया।((tribuneindia))

अभिनेता दिलीप कुमार का शुरुआती जीवन(Dilip Kumar Early Life ) :-

दिलीप कुमार के पिता फल बेचा करते थे इसके साथ साथ वो एक जमींदार भी थे.सन 1940 में दिलीप कुमार साहब ने अपनी जवानी के दिनों में अपने पिता से विवाद के बाद उन्होंने अपने मुंबई वाले घर को छोड़ दिया था और वह से पुणे चले गए। वहा पर वो एक पारसी कैफे के मालिक से मिले जिनकी मदद से उन्होंने आर्मी क्लब में एक सैंडविच स्टॉल खोला जब दिलीप कुमार के स्टाल का contract खतम हो गया तो वो 5000 rs की बचत के साथ मुंबई चले गए और और घर चलाने के लिए उन्होंने और दूसरे काम भी किये

दिलीप कुमार जी की शादीशुदा जिंदगी (Dilip Kumar Married Life

)

सायरा बानो एवं दिलीप कुमार
सायरा बानो एवं दिलीप कुमार

साल 1966 में दिलीप कुमार जी ने फिल्म इंडस्ट्री की बेहद खूबसूरत और मशहूर अदाकारा सायरा जी से निकाह किया. उस समय सायरा बानो दिलीप कुमार से 22 साल छोटी थी.उसके बाद बच्चे की चाहत में सन 1981 में दिलीप कुमार ने अपना दूसरा विवाह आसमा साहिबा के साथ किया जो सिर्फ 2 साल ही चल पाया।आसमा साहिबा सन 1983 दिलीप कुमार से अलग हो गयी। ((indiatoday))

 उनकी कोई संतान नहीं थी. अपनी आत्मकथा, दिलीप कुमार: द सबस्टेंस एंड द शैडो में, उन्होंने खुलासा किया कि बानू ने 1972 में गर्भधारण किया था, लेकिन गर्भावस्था में जटिलताएं विकसित हुईं, जिससे गर्भपात हो गया। इसके बाद, उन्होंने इसे ईश्वर की इच्छा मानकर दोबारा बच्चे पैदा करने की कोशिश नहीं की।((freepressjournal))

दिलीप कुमार करियर (Dilip kumar Career )

सन 1943 में दिलीप कुमार अपने पिता की घर ख़र्चे में मदद करने के लिए वो चर्चगेट स्टेशन पर डॉ मसानी से मिले।डॉ मसानी दिलीप कुमार को मलाड में बॉम्बे टॉकीज में अपने साथ ले गए । वहां उनकी मुलाकात अभिनेत्री देविका रानी से हुई जो बॉम्बे टॉकीज की मालिक थी.अभिनेत्री देविका रानी ने दिलीप कुमार को 1250 प्रति माह। की तनख़ा पर काम दे दिया।

दिलीप कुमार मुलाकात वह अभिनेता अशोक कुमार हुयी , जो दिलीप जी की एक्टिंग से बहुत मोहित हुए.

शुरुआत में दिलीप जी कहानी व स्क्रिप्ट लेखन में मदद किया करते थे, क्योंकि उर्दू व हिंदी भाषा में इनकी अच्छी पकड़ थी. देविका रानी ने उनसे अपना नाम बदलकर दिलीप कुमार करने का अनुरोध किया, और बाद में उन्हें ज्वार भाटा (1944) के लिए मुख्य भूमिका में कास्ट किया, तरह दिलीप कुमार जी का हिंदी फिल्म उद्योग में प्रवेश हो गया

दिलीप जी की पहली फिल्म (Dilip kumar First Movie)–

दिलीप कुमार की पहली फिल्म ज्वार भाटा थी जो सन 1944 में आई  थी, जो सफल न हो सकी। उसके बाद  कुछ और असफल फिल्मों के बाद उन्होंने अपनी पहली सुपरहिट फिल्म अभिनेत्री  नूरजहाँ के साथ  जुगनू  की जो सन 1947 में आयी थी, इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया जिसकी बदौलत दिलीप कुमार रातो रात सुपरस्टार बन गए (( addatoday))

इसके बाद उन्होंने कुछ और हिट फिल्मे जैसे शहीद और मेला।1949 में दिलीप जी को राज कपूर व नर्गिस के साथ अंदाज फिल्म में काम करने का मौका मिला, ये उस समय की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बन गई.((web.archive.org))

1950 के दशक में दिलीप कुमार की छवि जोगन, दीदार व दाग जैसी फिल्मों की वजह से ”ट्रेजड किंग” की बनने लगी लोग उनको” ट्रेजडी किंग” बुलाने लगे

दिलीपकुमार की पहली फिल्म को टेक्नीकलर में शूट किया गयाऔर लंदन में एक भव्य प्रीमियर के साथ पूरे यूरोप में प्रदर्शित किया गया . कॉमेडी आज़ाद (1955)में एक चोर के रूप में और रोमांटिक संगीत कोहिनूर में एक शाही राजकुमार के रूपमें उन्हें हल्की भूमिकाओं के साथ और भी सफलता मिली।वह फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार ( दाग के लिए ) जीतने वाले पहले अभिनेता थे और इसे सात बार और जीता। 

1960 के दशक में, उन्होंने मुगल-ए-आज़म फिल्म में अभिनय किया, जो भारतीय फिल्म इतिहास में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बन गई और 11 साल तक बनी रही। गंगा जमुना, नेता, दिल दिया दर्द लिया, राम और श्याम और आदमी जैसी फिल्मों के साथ सफलता का सिलसिला जारी रहा

उन्होंने  वैजयंतीमाला , मधुबाला , नरगिस , निम्मी , मीना कुमारी और कामिनी कौशल सहित कई शीर्ष अभिनेत्रियों के साथ भी काम किया 60 के दशक में अपने भाई नासिर खान के साथ गंगा जमुना सरस्वती नामक फिल्म में काम किया, हालांकि यह फिल्म बड़े पर्दे पर असफल रही, परंतु इसने दिलीप जी की इमेज पर कोई बुरा प्रभाव नहीं डाला.

1970 के दशक में दास्तान, गोपी, सगीना और बैराग जैसी फिल्मों के साथ उनके करियर ग्राफ में धीरे-धीरे गिरावट देखी गई, जो बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही। उसके बाद, उन्होंने वर्ष 1976 से 1981 तक फिल्मों से पांच साल का विश्राम लिया।

 1981 में मल्टी स्टारर ‘क्रांति’ फिल्म से धमाकेदार वापसी की. इसके बाद से इन्होने अपनी उम्र के हिसाब से रोल का चुनाव किया, वे परिवार के बड़े या पुलिस वाले के रोल लेने लगे. दिलीप जी की आखिरी बड़ी हिट फिल्म रही 1991 की फिल्म ‘सौदागर’. दिलीप जी आखिरी बार 1998 में फिल्म ‘किला’ में नजर आये  और इसके बाद इन्होने अभिनेता के रूप में फिल्म इंडस्ट्री से सन्यास ले लिया.

दिलीप जी निर्देशक के रूप में (Dilip Kumar as a Director )–

1996 में दिलीप जी ने निर्देशक के रूप में कदम रखना चाहा और कलिंगा नाम की फिल्म की तैयारी की, लेकिन किसी कारणवश फिल्म शुरू होने से पहले ही बंद हो गई.

दिलीप कुमार सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में –

दिलीप जी हमेशा से पाकिस्तान व भारत के लोगों को जोड़ना चाहते थे, उन्होंने इसके लिए बहुत से कार्य भी किये.

सन 2000 से दिलीप जी संसद के सदस्य बन गए, वे एक बहुत अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता है, जो हमेशा जरूरतमंदो की मदद के लिए आगे रहे है.

दिलीप कुमार अवार्ड्स व् अचीवमेंट (Dilip kumar Awards and Achivement)–

  • 1991 में दिलीप जी को देश के तीसरे सबसे बड़े सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.
  • 1993 में दिलीप जी को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
  • 1994 में उनको भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया गया.
  • 1998 में दिलीप जी को पाकिस्तान सरकार के द्वारा सर्वोच्च नागरिक पुरुस्कार निशान ए पाकिस्तान से सम्मानित किया गया. ये दुसरे भारतीय थे, जिन्हें ये सम्मान मिला था, इसके पहले देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को ये सम्मान मिला था.
  • दिलीप जी का नाम सबसे अधिक अवार्ड पाने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है.

दिलीप कुमार के अफेयर्स( Affairs) –

अधिकतर फिल्मी सितारों की तरह दिलीप जी के भी कुछ प्रेम संबंध रहे है, जो कि इन अभिनेत्रियों के साथ थे –

  • कामिनी कौशल – दिलीप जी सबसे पहले इस खूबसूरत लड़की के प्रति आकर्षित हुये थे और उन्होने यह बात मानी भी थी. परंतु कामिनी ने कभी मीडिया के सम्मुख यह बात स्वीकार नहीं की, पर उनके फिल्म के कुछ साथी यह बताते है कि ये भी दिलीप जी से आकर्षित थी और उनके साथ रहने के लिए कुछ भी कीमत दे सकती थी. परंतु कामिनी ने अपनी स्वर्गवासी बहन से वादा किया था कि वे उनके पति से शादी कर उनके बच्चों का ध्यान रखेंगी और उन्होने ऐसा ही किया और यह संबंध टूट गया
  • मधुबाला – जब इनकी मुलाकात मधुबाला से हुई, जिनसे उन्हें गहरा प्यार हो गया. दिलीप जी उनसे शादी भी करना चाहते थे, लेकिन मधुबाला के पिता इस बात के सख्त खिलाफ थे. इसका कारण ये माना जाता है कि मधुबाला अपने परिवार में एक लोती कमाने वाली थी, उनके चले जाने पर परिवार के खाने पीने के लाले पड़ जाते. दिलीप कुमार व मधुबाला को साथ में बहुत से डायरेक्टर्स लेना चाहते थे, लेकिन जब मधुबाला के पिता को उनके प्यार के बारे में पता चला, तो उन्होंने दिलीप जी के साथ उनके काम करने में पाबंदी लगा दी. दोनों ने साथ में मुग़ल ए आजम जैसी महान फिल्म भी की थी, ये वो दौर था जब दोनों के प्यार के चर्चे जोरों पर थे, लेकिन पिता की मनाही की वजह से दोनों अलग हो रहे थे.

दिलीप कुमार की मृत्यु (Dilip Kumar Death)

दिलीप साहब बहुत लंबे समय से बीमार चल रहे थे उन्हें कई बार मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया और कुछ समय बाद वे ठीक होकर अपने अपने घर चले जाते थे.

दिलीप कुमार की मृत्यु

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई 2021 को सुबह 7:30 बजे 98 वर्ष की आयु में हिंदुजा अस्पताल , मुंबई में निधन हो गया।((nytimes)) वह 98 वर्ष के थे। दिलीप कुमार को सांस लेने में तकलीफ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह दूसरी बार था जब उन्हें उसी महीने अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पिछले कुछ वर्षों में, दिलीप कुमार निमोनिया से लेकर गुर्दे की बीमारी तक कई तरह की बीमारियों से जूझ रहे थे। अभिनेता, जो उस समय 94 वर्ष के थे, ने अपना जन्मदिन अस्पताल में बुखार और पैर की सूजन के इलाज करते हुए बिताया। दिलीप कुमार की 85 साल से अधिक उम्र की पत्नी सायरा बानो ने उनकी देखभाल कर रही थी ।

दिलीप जी कि पसंद और नापसंद (Likes and Dislikes) –

पसंदीदा कामखाना बनाना
पसंदीदा अभिनेत्रीमीना कुमारी, नलिनी जयवंत
पसंदीदा  खेलक्रिकेट
पसंदीदा कलर    काला

दिलीप कुमार की कुल संपत्ति (Dilip Kumar Net Worth) –

दिलीप कुमार की कुल संपत्ति

इस महान अभिनेता का जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था बावजूद इसके किस्मत ने इनका साथ दिया और इन्होने बहुत मेहनत करी. आज के समय में इनकी लगभग 65 मिलियन डॉलर तक की नेट वर्थ है.

इस तरह से दिलीप जी का पूरा जीवन बहुत ही अच्छा और प्रेरणादाई रहा. गैर मुल्क में आकर अपना नाम स्थापित करना और लोगों के दिल में जगह बनाना  वाकई में कठिन बात है, जो इन्होने कर दिखाया. अब हिन्दी सिनेमा को पुनः इनके जैसे कलाकारो का इंतजार है.

यह भी देखे :-

दिलीप कुमार का धर्म कौन सा है?

इस्लाम

दिलीप कुमार की डेट कब हुई थी?

07 जुलाई 2021

दिलीप कुमार की मृत्यु कब और कहा हुई

दिलीप कुमार की मृत्यु मुंबई में 07 जुलाई 2021 को हुयी

दिलीप कुमार की पहली फिल्म कौन सी है?

दिलीप कुमार की पहली फिल्म ज्वार भाटा थी जो सन 1944 में आई  थी, जो सफल न हो सकी।

दिलीप कुमार ने कितनी शादी की?

दिलीप कुमार ने दो शादी की
पहला निकाह सायरा बानो के साथ हुआ था
दूसरा निकाह आसमा साहिबा के साथ किया जो सिर्फ 2 साल ही चल पाया।आसमा साहिबा सन 1983 दिलीप कुमार से अलग हो गयी

दिलीप कुमार का अंतिम संस्कार कब हुआ?

दिलीप कुमार का अंतिम संस्कार मुंबई में 07 जुलाई 2021 को हुआ?

दिलीप कुमार का लड़का कौन है?

दिलीप कुमार के कोई बच्चे नहीं है

दिलीप कुमार की वाइफ का नाम क्या है?

पहली बीबी का नाम सायरा बानो है जो अभी भी उनके साथ थी
दूसरी बीबी आसमा साहिबा के साथ इनका निकाह सिर्फ 2 साल ही चल पाया।आसमा साहिबा सन 1983 दिलीप कुमार से अलग हो गयी

अंतिम कुछ शब्द 

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