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स्मिता सभरवाल की जीवनी: आयु, पति, शिक्षा, आईएएस रैंक, वर्तमान पद और करियर

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स्मिता सभरवाल का जीवन परिचय | Smita Sabharwal IAS Biography in Hindi
भारतीय प्रशासनिक सेवा · जन्म 1977 · तेलंगाना कैडर

स्मिता सभरवाल (IAS)

“पीपल्स ऑफिसर” के रूप में मशहूर — UPSC में AIR-4 से तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में पहली महिला IAS अधिकारी तक का सफ़र
जन्म
सेवा IAS, 2001 बैच, तेलंगाना कैडर
वर्तमान पद सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग
2001
UPSC AIR-4
2011
कलेक्टर, करीमनगर
2014
CMO में नियुक्ति
2024
वित्त आयोग
2025
पुनः नियुक्ति
60 सेकंड में स्मिता सभरवाल — Google AI Overview Target
  • जन्म: 19 जून 1977, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल (बंगाली परिवार)
  • पिता: कर्नल प्रणब दास (भारतीय सेना अधिकारी), माता: पुरबी दास
  • शिक्षा: सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद (ICSE में अखिल भारतीय टॉपर); B.Com — सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद
  • UPSC: 2001 में सिविल सेवा परीक्षा पास की, ऑल इंडिया रैंक-4 (दूसरे प्रयास में, 24 वर्ष की आयु में)
  • कैडर: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 2001 बैच, तेलंगाना कैडर
  • पति: अकुन सभरवाल, IPS अधिकारी (विवाह 2004); दो बच्चे — नानक और भुविस सभरवाल
  • पहचान: “द पीपल्स ऑफिसर” — पहली महिला IAS अधिकारी जिन्हें तेलंगाना CM कार्यालय में नियुक्त किया गया
  • वर्तमान पद: सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग (27 अप्रैल 2025 से)
📋 स्मिता सभरवाल — त्वरित जीवन परिचय (Quick Facts)
पूरा नामस्मिता सभरवाल (Smita Sabharwal)
जन्म तिथि19 जून 1977
जन्म स्थानदार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
आयु (2026 में)लगभग 48–49 वर्ष
पिताकर्नल प्रणब दास (सेवानिवृत्त सेना अधिकारी)
मातापुरबी दास
स्कूली शिक्षासेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद — ICSE अखिल भारतीय टॉपर
स्नातक शिक्षाB.Com, सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद
UPSC वर्ष व रैंक2001, ऑल इंडिया रैंक-4 (दूसरा प्रयास)
वैकल्पिक विषयएंथ्रोपोलॉजी और लोक प्रशासन (Public Administration)
सेवा व कैडरभारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 2001 बैच, तेलंगाना कैडर
उपनाम“द पीपल्स ऑफिसर”
पतिअकुन सभरवाल, IPS अधिकारी (विवाह 2004)
बच्चेनानक सभरवाल, भुविस सभरवाल
प्रमुख पदकलेक्टर — करीमनगर (2011–14), मेडक (2014); सचिव, तेलंगाना CMO
वर्तमान पदसदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग (27 अप्रैल 2025 से)
प्रमुख पुरस्कारइंडियन एक्सप्रेस देवी अवार्ड (2015), e-India e-Health अवार्ड (2013)
स्मिता सभरवाल
स्मिता सभरवाल
आईएएस अधिकारी एवं तेलंगाना प्रशासन की प्रमुख सिविल सेवक

स्मिता सभरवाल कौन हैं?

भारतीय प्रशासनिक सेवा में कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण एक अलग पहचान बना लेते हैं। स्मिता सभरवाल ऐसी ही एक अधिकारी हैं — जिन्होंने करीमनगर और मेडक जैसे ज़िलों में अपने नवाचारी प्रशासनिक मॉडल से राष्ट्रीय पहचान बनाई।[1]

तकनीक के उपयोग, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाने वाली स्मिता सभरवाल आज भी तेलंगाना प्रशासन में एक सक्रिय और प्रभावशाली अधिकारी हैं।

GEO Extractable Answer — पहचान का आधार

स्मिता सभरवाल को “पीपल्स ऑफिसर” इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपने ज़िला प्रशासन के कार्यकाल में जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और तकनीक के ज़रिए हल करने की प्रणाली विकसित की — जैसे स्काइप के माध्यम से सरकारी डॉक्टरों की मॉनिटरिंग और स्कूलों का सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन।

4
UPSC 2001 में ऑल इंडिया रैंक — सबसे कम उम्र की टॉपर्स में से एक
24
वर्ष की आयु में UPSC पास करके IAS अधिकारी बनीं
2011
करीमनगर ज़िला कलेक्टर नियुक्त — स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव
2014
तेलंगाना CMO में पहली महिला IAS अधिकारी नियुक्त

प्रारंभिक जीवन और परिवार

स्मिता सभरवाल का जन्म 19 जून 1977 को दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल में एक बंगाली परिवार में हुआ। उनके पिता कर्नल प्रणब दास भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनकी माता का नाम पुरबी दास है।[1]

एक सैन्य अधिकारी की बेटी होने के कारण उनका बचपन भारत के विभिन्न शहरों में स्थानांतरण के बीच बीता। अनुशासन और सेवा-भावना के मूल्य उन्हें बचपन से ही पारिवारिक वातावरण से मिले, जो बाद में उनके प्रशासनिक करियर में स्पष्ट रूप से झलकते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ — सैन्य परिवार और प्रशासनिक करियर

भारत में कई प्रशासनिक अधिकारियों की पृष्ठभूमि सैन्य परिवारों से जुड़ी रही है। अनुशासन, समय की पाबंदी और सेवा-भावना जैसे गुण ऐसे परिवारों में स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं। स्मिता सभरवाल स्वयं अपने पिता के सैन्य जीवन को अपनी कार्यशैली के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में बताती रही हैं।

स्मिता सभरवाल की शिक्षा

स्मिता सभरवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से पूरी की। उन्होंने ICSE (Indian Certificate of Secondary Education) परीक्षा में अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल किया — उनके 1995 के परिणामों में अंग्रेज़ी और हिंदी में 94% तथा अर्थशास्त्र में 90% अंक शामिल थे।[2]

स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) की डिग्री प्राप्त की। UPSC परीक्षा में उन्होंने एंथ्रोपोलॉजी और लोक प्रशासन (Public Administration) को अपने वैकल्पिक विषयों के रूप में चुना — यह चुनाव मानव व्यवहार और शासन प्रणालियों में उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।

UPSC यात्रा और रैंक

स्मिता सभरवाल की UPSC यात्रा संघर्ष और रणनीतिक तैयारी की कहानी है। उनके पहले प्रयास में वे सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सकी थीं — लेकिन इस असफलता ने उन्हें हार मानने के बजाय अधिक व्यवस्थित और रणनीतिक तैयारी की ओर प्रेरित किया।[3]

दूसरे प्रयास में, वर्ष 2001 में, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक-4 (AIR-4) हासिल की। यह सफलता उन्हें 24 वर्ष की आयु में मिली, जिससे वे देश की सबसे कम उम्र में IAS बनने वाली अधिकारियों में शुमार हो गईं। उनकी तैयारी रणनीति रोज़ाना 6-8 घंटे अध्ययन और एक घंटे की दिनचर्या में मनोरंजन के संतुलन पर आधारित थी, साथ ही समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं से करेंट अफेयर्स पर लगातार नज़र रखना भी शामिल था।

ज्ञान ग्राफ — तैयारी की रणनीति

स्मिता सभरवाल बार-बार यह बताती हैं कि उनकी सफलता मैराथन जैसे लंबे अध्ययन घंटों पर आधारित नहीं थी, बल्कि व्यवस्थित तैयारी, नियमित मॉक टेस्ट अभ्यास और पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाए रखने पर निर्भर थी।

UPSC पास करने के बाद वे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में प्रशिक्षण के लिए गईं — यहीं उनकी मुलाकात अपने भावी पति अकुन सभरवाल से प्रशिक्षु बैचमेट के रूप में हुई। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आदिलाबाद ज़िले में प्रोबेशन पर भेजा गया।

शुरुआती पदस्थापन और प्रशासनिक अनुभव

स्मिता सभरवाल का पहला स्वतंत्र पदभार चित्तूर ज़िले के मदनपल्ली में सब-कलेक्टर के रूप में था, जहाँ उन्होंने भूमि प्रशासन (Land Revenue Management) और ज़िला प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।[4]

इसके बाद उन्होंने कडपा में DRDA (District Rural Development Agency) की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में ग्रामीण विकास क्षेत्र में काम किया। वारंगल नगर निगम आयुक्त के रूप में उन्होंने “Fund Your City” योजना शुरू की, जिसके अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से फुट ओवर ब्रिज, ट्रैफिक जंक्शन, पार्क और बस-स्टॉप जैसी सुविधाएँ बनाई गईं।

आगे उन्होंने विशाखापत्तनम में डिप्टी कमिश्नर (वाणिज्यिक कर) और कुरनूल व हैदराबाद में जॉइंट कलेक्टर के रूप में भी सेवा दी — इन भूमिकाओं ने उन्हें आंध्र प्रदेश और बाद में तेलंगाना के प्रशासनिक ढाँचे की गहरी समझ दी।

करीमनगर कलेक्टर — अम्मा लालना योजना

अप्रैल 2011 में करीमनगर ज़िला कलेक्टर का पद ग्रहण करने के बाद स्मिता सभरवाल ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।[5]

करीमनगर कलेक्टर — प्रमुख पहल 2011–2014
🏥
अम्मा लालना: उच्च-जोखिम गर्भावस्था प्रबंधन और संस्थागत प्रसव को बढ़ाने की योजना — NRHM के अंतर्गत राष्ट्रीय मॉडल बनी।
💻
स्काइप मॉनिटरिंग: सरकारी डॉक्टरों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की स्काइप के माध्यम से निगरानी — स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार।
🏫
स्कूल मॉनिटरिंग सॉफ़्टवेयर: विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए सॉफ़्टवेयर से सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की निगरानी — करीमनगर राज्य में टॉप पर पहुँचा।
🛣️
शहरी सुधार: जनप्रतिनिधियों की मदद से चौड़ी सड़कें, वैज्ञानिक ट्रैफिक जंक्शन, शौचालय और बस-स्टॉप जैसी सुविधाओं का निर्माण।
🗳️
वोटर पंडुगा: मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए शुरू किया गया विशेष कार्यक्रम।

करीमनगर ज़िले को प्रधानमंत्री के 20-पॉइंट कार्यक्रम (2012–13) के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ ज़िले का पुरस्कार मिला। “अम्मा लालना” कार्यक्रम को उत्कृष्ट लोक प्रशासन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार हेतु भी नामांकित किया गया था।

मेडक कलेक्टर से मुख्यमंत्री कार्यालय तक

स्मिता सभरवाल ने मेडक ज़िले की कलेक्टर के रूप में 2014 के आम चुनावों के दौरान सेवा दी, जहाँ उच्च मतदान प्रतिशत के साथ निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए गए।[6]

इसके बाद उन्हें तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सचिव नियुक्त किया गया — वे इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनीं। यह नियुक्ति तेलंगाना के प्रशासनिक इतिहास में एक उल्लेखनीय घटना मानी जाती है।

“तकनीक का उपयोग और जनता से सीधा संवाद — यही स्मिता सभरवाल की कार्यशैली की पहचान है। उन्होंने साबित किया कि प्रशासन केवल फाइलों में नहीं, ज़मीन पर भी होता है।”

— मीडिया मूल्यांकन

स्मिता सभरवाल की वर्तमान पोस्टिंग क्या है?

तेलंगाना में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद, जनवरी 2024 में स्मिता सभरवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय से स्थानांतरित कर तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव नियुक्त किया गया।[7]

हाल की पोस्टिंग — समयक्रम 2024–2025
📅
4 जनवरी 2024 – 10 नवंबर 2024: सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग।
📅
11 नवंबर 2024 – 27 अप्रैल 2025: सचिव, युवा उन्नयन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, तेलंगाना सरकार।
📅
27 अप्रैल 2025 से वर्तमान तक: पुनः सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग।

नोट: सरकारी अधिकारियों के पदस्थापन समय-समय पर बदलते रहते हैं। सबसे ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए तेलंगाना सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाओं या प्रतिष्ठित समाचार स्रोतों को देखना उचित रहेगा।

स्मिता सभरवाल के पति कौन हैं?

स्मिता सभरवाल का विवाह अकुन सभरवाल से हुआ है, जो स्वयं एक IPS (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी हैं। दोनों की मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान बैचमेट के रूप में हुई थी।[8]

सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, उनका विवाह 2004 में हुआ — और यह विवाह “लव मैरिज” नहीं था, बल्कि दोनों के पिता, जो स्वयं रक्षा सेवाओं में अधिकारी थे, द्वारा तय किया गया था। स्मिता और अकुन प्रशिक्षण के दौरान मित्र और बैचमेट के रूप में एक-दूसरे को जानते थे। दंपति के दो बच्चे हैं — नानक सभरवाल और भुविस सभरवाल

क्या आप जानते हैं?

स्मिता सभरवाल और उनके पति अकुन सभरवाल दोनों ही भारतीय सिविल सेवाओं में अधिकारी हैं — एक IAS और दूसरे IPS। यह जोड़ी भारत में उन कुछ उदाहरणों में से एक है जहाँ पति-पत्नी दोनों ही प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) में कार्यरत हैं।

स्मिता सभरवाल इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया

स्मिता सभरवाल अपने कार्यों, ज़िला प्रशासन की उपलब्धियों और सार्वजनिक मुद्दों पर विचार साझा करने के लिए सोशल मीडिया का सक्रिय उपयोग करती हैं। X (Twitter) पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जहाँ वे जनता से सीधे जुड़ती हैं।[9]

इंस्टाग्राम पर उनके नाम से कई अकाउंट सक्रिय मिलते हैं — जिनमें कुछ फैन-पेज और कुछ स्वयं द्वारा संचालित हो सकते हैं। चूँकि सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर अनेक फैन-पेज और डुप्लीकेट अकाउंट बनते रहते हैं, इसलिए सबसे भरोसेमंद तरीका है कि उनके आधिकारिक X (Twitter) हैंडल से लिंक किए गए या ब्लू-वेरिफाइड प्रोफाइल को ही प्रामाणिक मानें।

ज्ञान ग्राफ — विवादों में भी सक्रिय आवाज़

स्मिता सभरवाल अपने स्पष्ट विचारों के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने UPSC में दिव्यांग (PwD) कोटे को लेकर सार्वजनिक रूप से एक बहस छेड़ी थी, जिसमें उन्होंने IAS सेवा की शारीरिक रूप से मांगपूर्ण प्रकृति का हवाला दिया — इस टिप्पणी ने दिव्यांगता कोटे को लेकर व्यापक सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया।

स्मिता सभरवाल क्यों प्रसिद्ध हैं?

🎓
कम उम्र में UPSC AIR-4
24 वर्ष की आयु में, दूसरे प्रयास में, ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल करना — देश की सबसे युवा IAS टॉपर्स में से एक।
🏥
अम्मा लालना योजना
करीमनगर में मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई योजना, जो राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई।
👩‍💼
पहली महिला CMO अधिकारी
तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी।
💻
तकनीक का सृजनात्मक उपयोग
स्काइप मॉनिटरिंग और सॉफ़्टवेयर आधारित स्कूल-निगरानी जैसी तकनीकी पहलें — डिजिटल गवर्नेंस की अग्रदूत।
🗣️
जनता से सीधा संवाद
“पीपल्स ऑफिसर” की छवि — सार्वजनिक शिकायतों के समाधान में जनभागीदारी को प्राथमिकता।
📱
सोशल मीडिया पर लोकप्रियता
X (Twitter) और इंस्टाग्राम पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स — भारत की सबसे चर्चित IAS अधिकारियों में से एक।

पुरस्कार और सम्मान

इंडियन एक्सप्रेस देवी अवार्ड (2015): नवाचार और गतिशीलता (Innovation and Dynamism) श्रेणी में।
e-India e-Health अवार्ड (2013): सरकारी डिजिटल पहल के लिए — स्वास्थ्य क्षेत्र की श्रेणी।
मुख्यमंत्री पुरस्कार (2011–12): 21-पॉइंट फ्लैगशिप प्रोग्राम में सर्वश्रेष्ठ ज़िला प्रदर्शन के लिए।
मुख्यमंत्री पुरस्कार (2012–13): 20-पॉइंट फ्लैगशिप प्रोग्राम में सर्वश्रेष्ठ ज़िला प्रदर्शन के लिए।
प्लेटिनम अवार्ड: ₹10 लाख मूल्य का पुरस्कार — ज़िला स्तर पर बेहतरीन ई-गवर्नेंस पहल के लिए।
PM अवार्ड नामांकन: “अम्मा लालना” कार्यक्रम को उत्कृष्ट लोक प्रशासन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया।

स्मिता सभरवाल — करियर टाइमलाइन

वर्ष घटना
19 जून 1977 जन्म: दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल। पिता कर्नल प्रणब दास, माता पुरबी दास।
1995 ICSE टॉपर: सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से अखिल भारतीय प्रथम स्थान।
~1998 स्नातक: सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से B.Com।
2001 UPSC सफलता: दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास, ऑल इंडिया रैंक-4। आयु: 24 वर्ष।
2001 LBSNAA प्रशिक्षण: मसूरी में प्रशिक्षण; आदिलाबाद ज़िले में प्रोबेशन।
2004 विवाह: अकुन सभरवाल (IPS) से विवाह।
2009–2011 विभिन्न पद: सब-कलेक्टर मदनपल्ली, प्रोजेक्ट डायरेक्टर कडपा, म्युनिसिपल कमिश्नर वारंगल, डिप्टी कमिश्नर विशाखापत्तनम, जॉइंट कलेक्टर कुरनूल व हैदराबाद।
अप्रैल 2011 करीमनगर कलेक्टर: “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना और स्कूल-निगरानी सॉफ़्टवेयर की शुरुआत।
2014 मेडक कलेक्टर: 2014 के आम चुनावों का सफल और निष्पक्ष संचालन।
2014 CMO नियुक्ति: तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में पहली महिला IAS अधिकारी के रूप में नियुक्ति। महत्व: अति महत्वपूर्ण
2015 देवी अवार्ड: इंडियन एक्सप्रेस द्वारा नवाचार और गतिशीलता के लिए सम्मानित।
4 जनवरी 2024 स्थानांतरण: CMO से तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव नियुक्त।
11 नवंबर 2024 नई भूमिका: सचिव, युवा उन्नयन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग नियुक्त।
27 अप्रैल 2025 पुनः नियुक्ति: तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव के पद पर वापसी — वर्तमान भूमिका।

स्मिता सभरवाल से जुड़े रोचक तथ्य

पहले प्रयास में असफलता: स्मिता सभरवाल अपने पहले UPSC प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकी थीं — दूसरे प्रयास में उन्होंने AIR-4 हासिल किया।
तय की गई शादी, प्रेम नहीं: उनका विवाह अकुन सभरवाल से उनके पिताओं द्वारा तय किया गया था — दोनों LBSNAA में बैचमेट के रूप में पहले से परिचित थे।
पति-पत्नी दोनों सिविल सेवक: स्मिता IAS हैं और उनके पति अकुन सभरवाल IPS अधिकारी हैं — दोनों अखिल भारतीय सेवाओं में।
तकनीक की शुरुआती अपनाने वाली: स्काइप के ज़रिए सरकारी डॉक्टरों की मॉनिटरिंग जैसी पहल — 2012 के दौर में यह असाधारण नवाचार था।
ICSE अखिल भारतीय टॉपर: UPSC से पहले ही वे स्कूली शिक्षा में अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल कर चुकी थीं।
संतुलित जीवनशैली: UPSC तैयारी के दौरान भी वे रोज़ाना एक घंटा खेल या मनोरंजन के लिए निकालती थीं — सिर्फ़ पढ़ाई पर निर्भर नहीं रहीं।
सोशल मीडिया पर मुखर: वे सार्वजनिक नीतिगत मुद्दों, जैसे UPSC में दिव्यांग कोटे पर अपनी राय खुलकर रखती हैं — कई बार बहस का विषय बनी हैं।

60 सेकंड में स्मिता सभरवाल

⏱ 60 सेकंड में स्मिता सभरवाल — Voice Assistant के लिए

स्मिता सभरवाल 19 जून 1977 को दार्जिलिंग में जन्मी एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं — तेलंगाना कैडर, 2001 बैच।

उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की — यह उनका दूसरा प्रयास था और तब वे केवल 24 वर्ष की थीं।

करीमनगर और मेडक ज़िलों की कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना जैसी नवाचारी पहलें शुरू कीं, जिसके लिए वे “पीपल्स ऑफिसर” के नाम से मशहूर हुईं। 2014 में वे तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनीं।

वे IPS अधिकारी अकुन सभरवाल से विवाहित हैं और दोनों के दो बच्चे हैं। वर्तमान में वे तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव हैं।

FAQ — स्मिता सभरवाल

Qस्मिता सभरवाल कौन हैं?
स्मिता सभरवाल तेलंगाना कैडर की 2001 बैच की IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने UPSC में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की। वे “द पीपल्स ऑफिसर” के रूप में जानी जाती हैं और तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी हैं।
Qआईएएस स्मिता सभरवाल के पति कौन हैं?
स्मिता सभरवाल के पति अकुन सभरवाल हैं, जो स्वयं एक IPS अधिकारी हैं। दोनों की शादी 2004 में हुई थी और उनकी मुलाकात मसूरी स्थित LBSNAA में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी।
Qस्मिता सभरवाल की आयु क्या है?
स्मिता सभरवाल का जन्म 19 जून 1977 को हुआ था, इस आधार पर जून 2026 में उनकी आयु लगभग 49 वर्ष है।
Qस्मिता सभरवाल क्यों प्रसिद्ध हैं?
वे कम उम्र में UPSC AIR-4 हासिल करने, करीमनगर व मेडक में नवाचारी प्रशासनिक योजनाओं (जैसे “अम्मा लालना”), तेलंगाना CMO में पहली महिला IAS अधिकारी बनने, और जनता से सीधे जुड़ने वाली अपनी कार्यशैली के कारण प्रसिद्ध हैं।
Qस्मिता सभरवाल का UPSC रैंक क्या था?
स्मिता सभरवाल ने 2001 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 (AIR-4) हासिल की थी — यह उनका दूसरा प्रयास था।
Qस्मिता सभरवाल वर्तमान में किस पद पर कार्यरत हैं?
वर्तमान में (जून 2026 तक उपलब्ध जानकारी अनुसार) स्मिता सभरवाल तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव हैं — इस पद पर वे 27 अप्रैल 2025 से कार्यरत हैं। सरकारी पदस्थापन समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
Qस्मिता सभरवाल किस कैडर की अधिकारी हैं?
स्मिता सभरवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2001 बैच की अधिकारी हैं और तेलंगाना कैडर से संबंध रखती हैं।
Qस्मिता सभरवाल की शिक्षा कैसी रही है?
उन्होंने सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से स्कूली शिक्षा पूरी की, जहाँ वे ICSE बोर्ड परीक्षा में अखिल भारतीय टॉपर रहीं। इसके बाद उन्होंने सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से B.Com की डिग्री प्राप्त की।
Qस्मिता सभरवाल की पहली पोस्टिंग कहाँ हुई थी?
उनकी पहली स्वतंत्र पोस्टिंग चित्तूर ज़िले के मदनपल्ली में सब-कलेक्टर के रूप में हुई थी, जहाँ उन्होंने भूमि प्रशासन का अनुभव प्राप्त किया।
Q“अम्मा लालना” योजना क्या है?
“अम्मा लालना” करीमनगर ज़िले में स्मिता सभरवाल द्वारा शुरू की गई एक स्वास्थ्य योजना थी, जिसका उद्देश्य उच्च-जोखिम गर्भावस्था प्रबंधन और संस्थागत प्रसव दर बढ़ाना था। यह योजना मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सराही गई।
Qस्मिता सभरवाल इंस्टाग्राम अकाउंट क्या है?
इंस्टाग्राम पर स्मिता सभरवाल के नाम से कई अकाउंट और फैन-पेज मौजूद हैं, जिनमें से कुछ फैन-निर्मित हैं। किसी एक निश्चित “आधिकारिक” हैंडल की पुष्टि के लिए सत्यापित (ब्लू-टिक) बैज देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है। वे X (पूर्व Twitter) पर अधिक सक्रिय और सत्यापित उपस्थिति रखती हैं।
Qस्मिता सभरवाल क्यों चर्चा में रहती हैं?
वे अपनी प्रशासनिक उपलब्धियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सक्रियता और स्पष्ट सार्वजनिक टिप्पणियों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहती हैं — जैसे UPSC में दिव्यांग कोटे को लेकर उनकी टिप्पणी ने व्यापक बहस को जन्म दिया था।
Qस्मिता सभरवाल और टीना डाबी में क्या समानता है?
दोनों ही भारत की चर्चित युवा IAS अधिकारी हैं जिन्होंने UPSC में शीर्ष रैंक हासिल की और सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग बनाई। टीना डाबी 2015 बैच की IAS टॉपर (AIR-1) हैं, जबकि स्मिता सभरवाल 2001 बैच की हैं (AIR-4) — दोनों अलग-अलग पीढ़ी और कैडर (राजस्थान बनाम तेलंगाना) से जुड़ी हैं।
Qक्या स्मिता सभरवाल को कभी विवादों का सामना करना पड़ा?
हाँ, उन्होंने UPSC में दिव्यांग (PwD) आरक्षण को लेकर एक सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिस पर व्यापक बहस छिड़ी। प्रशासनिक सेवा में सक्रिय अन्य अधिकारियों — जैसे अशोक खेमका, तुकाराम मुंढे और दुर्गा शक्ति नागपाल — की तरह ही, स्पष्ट सार्वजनिक राय रखने वाले अधिकारी अक्सर मीडिया चर्चा का हिस्सा बनते हैं।

निष्कर्ष — स्मिता सभरवाल: तकनीक, सेवा और पारदर्शिता की मिसाल

स्मिता सभरवाल का करियर यह दर्शाता है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में सफलता केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है — असली परीक्षा ज़मीनी स्तर पर जनता के लिए काम करने में है। UPSC में युवा उम्र में AIR-4 हासिल करने से लेकर करीमनगर और मेडक में नवाचारी योजनाओं तक, उनका सफ़र दृष्टिकोण और निरंतरता का उदाहरण है।

तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में पहली महिला IAS अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर उन्होंने प्रशासनिक ढाँचे में महिलाओं की भागीदारी का एक नया मानक स्थापित किया। उनकी कहानी टीना डाबी जैसी अन्य युवा अधिकारियों की तरह यह संदेश देती है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सेवा-भावना और तकनीकी नवाचार साथ-साथ चल सकते हैं।

“स्मिता सभरवाल ने साबित किया कि एक IAS अधिकारी की पहचान सिर्फ़ फाइलों पर हस्ताक्षर तक सीमित नहीं है — यह तकनीक, संवेदनशीलता और जनता से सीधे जुड़ाव से भी बनती है।”

— मीडिया मूल्यांकन

आज जब हम स्मिता सभरवाल का जीवन परिचय पढ़ते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नवाचार, पारदर्शिता और जनसंवेदना का संगम किस तरह वास्तविक बदलाव ला सकता है।

स्रोत एवं संदर्भ

  1. Wikipedia — “Smita Sabharwal” (अद्यतन अप्रैल 2026)
  2. India.com — “Meet Smita Sabharwal, India’s Youngest Female IAS Officer” (मार्च 2025)
  3. Officersdetails.com — “Smita Sabharwal IAS – Inspiring Journey, Achievements And Personal Life” (अगस्त 2025)
  4. Iconichonors.com — “Smita Sabharwal IAS (AIR 4) | Age, Husband, Career, Net Worth & Success Story” (अप्रैल 2026)
  5. The Hindu — “Amma Lalana programme sought in all districts” (17 अगस्त 2012)
  6. The Hans India — “Smita Sabharwal: Medak Collector to CMO” (7 जून 2014)
  7. The New Indian Express — “Another IAS, IPS reshuffle: Smita Sabharwal moved out of CMO in Telangana” (4 जनवरी 2024); The Hindu — “IAS officer who was in news for resharing Kancha Gachibowli post transferred” (27 अप्रैल 2025)
  8. India.com — विवाह व पारिवारिक विवरण रिपोर्ट (मार्च 2025)
  9. Zee News — “Who Is Smita Sabharwal? Telangana’s ‘People’s IAS Officer’, A Social Media Star” (जून 2023)
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यह लेख राजनीतिक रूप से तटस्थ और तथ्य-आधारित जानकारी प्रदान करता है। डॉ. मोहन यादव की जीवनी में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी अभिलेखों और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। योजनाओं, चुनावों, पदों एवं सरकारी आंकड़ों से संबंधित जानकारी समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल अवश्य देखें। विवाद एवं आलोचना अनुभाग में उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर विभिन्न पक्षों को संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया है।

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अंतिम अपडेट: जून 2026 | स्रोत सत्यापन के बाद प्रकाशित | सरकारी एवं सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित

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