स्मिता सभरवाल (IAS)
स्मिता सभरवाल (जन्म 19 जून 1977) तेलंगाना कैडर की 2001 बैच की IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की थी। वे “पीपल्स ऑफिसर” के रूप में जानी जाती हैं और तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी हैं। करीमनगर व मेडक की कलेक्टर के रूप में उनके नवाचारी प्रशासनिक कार्यों — जैसे “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना और “Fund Your City” — ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दी। वर्तमान में वे तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव हैं।
- जन्म: 19 जून 1977, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल (बंगाली परिवार)
- पिता: कर्नल प्रणब दास (भारतीय सेना अधिकारी), माता: पुरबी दास
- शिक्षा: सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद (ICSE में अखिल भारतीय टॉपर); B.Com — सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद
- UPSC: 2001 में सिविल सेवा परीक्षा पास की, ऑल इंडिया रैंक-4 (दूसरे प्रयास में, 24 वर्ष की आयु में)
- कैडर: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 2001 बैच, तेलंगाना कैडर
- पति: अकुन सभरवाल, IPS अधिकारी (विवाह 2004); दो बच्चे — नानक और भुविस सभरवाल
- पहचान: “द पीपल्स ऑफिसर” — पहली महिला IAS अधिकारी जिन्हें तेलंगाना CM कार्यालय में नियुक्त किया गया
- वर्तमान पद: सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग (27 अप्रैल 2025 से)
| पूरा नाम | स्मिता सभरवाल (Smita Sabharwal) |
| जन्म तिथि | 19 जून 1977 |
| जन्म स्थान | दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल |
| आयु (2026 में) | लगभग 48–49 वर्ष |
| पिता | कर्नल प्रणब दास (सेवानिवृत्त सेना अधिकारी) |
| माता | पुरबी दास |
| स्कूली शिक्षा | सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद — ICSE अखिल भारतीय टॉपर |
| स्नातक शिक्षा | B.Com, सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद |
| UPSC वर्ष व रैंक | 2001, ऑल इंडिया रैंक-4 (दूसरा प्रयास) |
| वैकल्पिक विषय | एंथ्रोपोलॉजी और लोक प्रशासन (Public Administration) |
| सेवा व कैडर | भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 2001 बैच, तेलंगाना कैडर |
| उपनाम | “द पीपल्स ऑफिसर” |
| पति | अकुन सभरवाल, IPS अधिकारी (विवाह 2004) |
| बच्चे | नानक सभरवाल, भुविस सभरवाल |
| प्रमुख पद | कलेक्टर — करीमनगर (2011–14), मेडक (2014); सचिव, तेलंगाना CMO |
| वर्तमान पद | सदस्य सचिव, तेलंगाना राज्य वित्त आयोग (27 अप्रैल 2025 से) |
| प्रमुख पुरस्कार | इंडियन एक्सप्रेस देवी अवार्ड (2015), e-India e-Health अवार्ड (2013) |
आईएएस अधिकारी एवं तेलंगाना प्रशासन की प्रमुख सिविल सेवक
स्मिता सभरवाल कौन हैं?
स्मिता सभरवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की 2001 बैच की अधिकारी हैं, जो तेलंगाना कैडर से संबंध रखती हैं। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की थी। वे “द पीपल्स ऑफिसर” के रूप में लोकप्रिय हैं और तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण एक अलग पहचान बना लेते हैं। स्मिता सभरवाल ऐसी ही एक अधिकारी हैं — जिन्होंने करीमनगर और मेडक जैसे ज़िलों में अपने नवाचारी प्रशासनिक मॉडल से राष्ट्रीय पहचान बनाई।[1]
तकनीक के उपयोग, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाने वाली स्मिता सभरवाल आज भी तेलंगाना प्रशासन में एक सक्रिय और प्रभावशाली अधिकारी हैं।
स्मिता सभरवाल को “पीपल्स ऑफिसर” इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपने ज़िला प्रशासन के कार्यकाल में जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और तकनीक के ज़रिए हल करने की प्रणाली विकसित की — जैसे स्काइप के माध्यम से सरकारी डॉक्टरों की मॉनिटरिंग और स्कूलों का सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन।
प्रारंभिक जीवन और परिवार
स्मिता सभरवाल का जन्म 19 जून 1977 को दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल में एक बंगाली परिवार में हुआ। उनके पिता कर्नल प्रणब दास भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनकी माता का नाम पुरबी दास है।[1]
एक सैन्य अधिकारी की बेटी होने के कारण उनका बचपन भारत के विभिन्न शहरों में स्थानांतरण के बीच बीता। अनुशासन और सेवा-भावना के मूल्य उन्हें बचपन से ही पारिवारिक वातावरण से मिले, जो बाद में उनके प्रशासनिक करियर में स्पष्ट रूप से झलकते हैं।
भारत में कई प्रशासनिक अधिकारियों की पृष्ठभूमि सैन्य परिवारों से जुड़ी रही है। अनुशासन, समय की पाबंदी और सेवा-भावना जैसे गुण ऐसे परिवारों में स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं। स्मिता सभरवाल स्वयं अपने पिता के सैन्य जीवन को अपनी कार्यशैली के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में बताती रही हैं।
स्मिता सभरवाल की शिक्षा
स्मिता सभरवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से पूरी की, जहाँ उन्होंने ICSE बोर्ड परीक्षा में अखिल भारतीय टॉपर का स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से कॉमर्स में स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की।
स्मिता सभरवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से पूरी की। उन्होंने ICSE (Indian Certificate of Secondary Education) परीक्षा में अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल किया — उनके 1995 के परिणामों में अंग्रेज़ी और हिंदी में 94% तथा अर्थशास्त्र में 90% अंक शामिल थे।[2]
स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) की डिग्री प्राप्त की। UPSC परीक्षा में उन्होंने एंथ्रोपोलॉजी और लोक प्रशासन (Public Administration) को अपने वैकल्पिक विषयों के रूप में चुना — यह चुनाव मानव व्यवहार और शासन प्रणालियों में उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।
UPSC यात्रा और रैंक
स्मिता सभरवाल ने 2001 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 (AIR-4) हासिल की। यह उनका दूसरा प्रयास था — पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सकी थीं। 24 वर्ष की आयु में वे देश की सबसे कम उम्र की IAS टॉपर्स में से एक बनीं।
स्मिता सभरवाल की UPSC यात्रा संघर्ष और रणनीतिक तैयारी की कहानी है। उनके पहले प्रयास में वे सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सकी थीं — लेकिन इस असफलता ने उन्हें हार मानने के बजाय अधिक व्यवस्थित और रणनीतिक तैयारी की ओर प्रेरित किया।[3]
दूसरे प्रयास में, वर्ष 2001 में, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक-4 (AIR-4) हासिल की। यह सफलता उन्हें 24 वर्ष की आयु में मिली, जिससे वे देश की सबसे कम उम्र में IAS बनने वाली अधिकारियों में शुमार हो गईं। उनकी तैयारी रणनीति रोज़ाना 6-8 घंटे अध्ययन और एक घंटे की दिनचर्या में मनोरंजन के संतुलन पर आधारित थी, साथ ही समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं से करेंट अफेयर्स पर लगातार नज़र रखना भी शामिल था।
स्मिता सभरवाल बार-बार यह बताती हैं कि उनकी सफलता मैराथन जैसे लंबे अध्ययन घंटों पर आधारित नहीं थी, बल्कि व्यवस्थित तैयारी, नियमित मॉक टेस्ट अभ्यास और पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाए रखने पर निर्भर थी।
UPSC पास करने के बाद वे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में प्रशिक्षण के लिए गईं — यहीं उनकी मुलाकात अपने भावी पति अकुन सभरवाल से प्रशिक्षु बैचमेट के रूप में हुई। प्रशिक्षण के बाद उन्हें आदिलाबाद ज़िले में प्रोबेशन पर भेजा गया।
शुरुआती पदस्थापन और प्रशासनिक अनुभव
स्मिता सभरवाल का पहला स्वतंत्र पदभार चित्तूर ज़िले के मदनपल्ली में सब-कलेक्टर के रूप में था, जहाँ उन्होंने भूमि प्रशासन (Land Revenue Management) और ज़िला प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।[4]
इसके बाद उन्होंने कडपा में DRDA (District Rural Development Agency) की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में ग्रामीण विकास क्षेत्र में काम किया। वारंगल नगर निगम आयुक्त के रूप में उन्होंने “Fund Your City” योजना शुरू की, जिसके अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से फुट ओवर ब्रिज, ट्रैफिक जंक्शन, पार्क और बस-स्टॉप जैसी सुविधाएँ बनाई गईं।
आगे उन्होंने विशाखापत्तनम में डिप्टी कमिश्नर (वाणिज्यिक कर) और कुरनूल व हैदराबाद में जॉइंट कलेक्टर के रूप में भी सेवा दी — इन भूमिकाओं ने उन्हें आंध्र प्रदेश और बाद में तेलंगाना के प्रशासनिक ढाँचे की गहरी समझ दी।
करीमनगर कलेक्टर — अम्मा लालना योजना
अप्रैल 2011 में स्मिता सभरवाल ने करीमनगर ज़िला कलेक्टर का पद ग्रहण किया। यहाँ उन्होंने “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना शुरू की, जिसने संस्थागत प्रसव दर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह योजना मातृ और शिशु मृत्यु दर घटाने के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सराही गई और प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए नामांकित हुई।
अप्रैल 2011 में करीमनगर ज़िला कलेक्टर का पद ग्रहण करने के बाद स्मिता सभरवाल ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।[5]
करीमनगर ज़िले को प्रधानमंत्री के 20-पॉइंट कार्यक्रम (2012–13) के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ ज़िले का पुरस्कार मिला। “अम्मा लालना” कार्यक्रम को उत्कृष्ट लोक प्रशासन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार हेतु भी नामांकित किया गया था।
मेडक कलेक्टर से मुख्यमंत्री कार्यालय तक
स्मिता सभरवाल मेडक ज़िले की कलेक्टर रहते हुए 2014 के आम चुनावों के सफल संचालन के लिए जानी गईं। इसके बाद वे तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनीं — यह तेलंगाना प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था।
स्मिता सभरवाल ने मेडक ज़िले की कलेक्टर के रूप में 2014 के आम चुनावों के दौरान सेवा दी, जहाँ उच्च मतदान प्रतिशत के साथ निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए गए।[6]
इसके बाद उन्हें तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सचिव नियुक्त किया गया — वे इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनीं। यह नियुक्ति तेलंगाना के प्रशासनिक इतिहास में एक उल्लेखनीय घटना मानी जाती है।
“तकनीक का उपयोग और जनता से सीधा संवाद — यही स्मिता सभरवाल की कार्यशैली की पहचान है। उन्होंने साबित किया कि प्रशासन केवल फाइलों में नहीं, ज़मीन पर भी होता है।”
— मीडिया मूल्यांकनस्मिता सभरवाल की वर्तमान पोस्टिंग क्या है?
स्मिता सभरवाल वर्तमान में (जून 2026 तक उपलब्ध जानकारी अनुसार) तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव हैं — इस पद पर वे 27 अप्रैल 2025 से कार्यरत हैं। इससे पहले वे जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक भी इस आयोग की सदस्य सचिव रही थीं, और बीच में युवा उन्नयन, पर्यटन व संस्कृति विभाग की सचिव रहीं।
तेलंगाना में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद, जनवरी 2024 में स्मिता सभरवाल को मुख्यमंत्री कार्यालय से स्थानांतरित कर तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव नियुक्त किया गया।[7]
नोट: सरकारी अधिकारियों के पदस्थापन समय-समय पर बदलते रहते हैं। सबसे ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए तेलंगाना सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाओं या प्रतिष्ठित समाचार स्रोतों को देखना उचित रहेगा।
स्मिता सभरवाल के पति कौन हैं?
स्मिता सभरवाल के पति का नाम अकुन सभरवाल है, जो स्वयं एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। दोनों की शादी 2004 में हुई थी। उनकी मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान बैचमेट के रूप में हुई थी। दंपति के दो बच्चे हैं — नानक सभरवाल और भुविस सभरवाल।
स्मिता सभरवाल का विवाह अकुन सभरवाल से हुआ है, जो स्वयं एक IPS (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी हैं। दोनों की मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान बैचमेट के रूप में हुई थी।[8]
सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, उनका विवाह 2004 में हुआ — और यह विवाह “लव मैरिज” नहीं था, बल्कि दोनों के पिता, जो स्वयं रक्षा सेवाओं में अधिकारी थे, द्वारा तय किया गया था। स्मिता और अकुन प्रशिक्षण के दौरान मित्र और बैचमेट के रूप में एक-दूसरे को जानते थे। दंपति के दो बच्चे हैं — नानक सभरवाल और भुविस सभरवाल।
स्मिता सभरवाल और उनके पति अकुन सभरवाल दोनों ही भारतीय सिविल सेवाओं में अधिकारी हैं — एक IAS और दूसरे IPS। यह जोड़ी भारत में उन कुछ उदाहरणों में से एक है जहाँ पति-पत्नी दोनों ही प्रतिष्ठित अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) में कार्यरत हैं।
स्मिता सभरवाल इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया
स्मिता सभरवाल सोशल मीडिया पर एक सक्रिय और लोकप्रिय उपस्थिति रखती हैं, विशेष रूप से X (पूर्व Twitter) पर जहाँ उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पर उनके नाम से कई अकाउंट और फैन-पेज मौजूद हैं, इसलिए किसी एक “आधिकारिक” हैंडल की पुष्टि के लिए उनके सत्यापित (verified) प्रोफाइल बैज को ज़रूर देखें।
स्मिता सभरवाल अपने कार्यों, ज़िला प्रशासन की उपलब्धियों और सार्वजनिक मुद्दों पर विचार साझा करने के लिए सोशल मीडिया का सक्रिय उपयोग करती हैं। X (Twitter) पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जहाँ वे जनता से सीधे जुड़ती हैं।[9]
इंस्टाग्राम पर उनके नाम से कई अकाउंट सक्रिय मिलते हैं — जिनमें कुछ फैन-पेज और कुछ स्वयं द्वारा संचालित हो सकते हैं। चूँकि सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर अनेक फैन-पेज और डुप्लीकेट अकाउंट बनते रहते हैं, इसलिए सबसे भरोसेमंद तरीका है कि उनके आधिकारिक X (Twitter) हैंडल से लिंक किए गए या ब्लू-वेरिफाइड प्रोफाइल को ही प्रामाणिक मानें।
स्मिता सभरवाल अपने स्पष्ट विचारों के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने UPSC में दिव्यांग (PwD) कोटे को लेकर सार्वजनिक रूप से एक बहस छेड़ी थी, जिसमें उन्होंने IAS सेवा की शारीरिक रूप से मांगपूर्ण प्रकृति का हवाला दिया — इस टिप्पणी ने दिव्यांगता कोटे को लेकर व्यापक सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया।
स्मिता सभरवाल क्यों प्रसिद्ध हैं?
स्मिता सभरवाल मुख्य रूप से चार कारणों से प्रसिद्ध हैं: UPSC में युवा उम्र में AIR-4 हासिल करना, करीमनगर व मेडक में नवाचारी प्रशासनिक योजनाएँ, तेलंगाना CMO में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनना, और जनता से सीधे जुड़ने वाली उनकी “पीपल्स ऑफिसर” छवि।
पुरस्कार और सम्मान
स्मिता सभरवाल — करियर टाइमलाइन
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 19 जून 1977 | जन्म: दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल। पिता कर्नल प्रणब दास, माता पुरबी दास। |
| 1995 | ICSE टॉपर: सेंट एन्स हाई स्कूल, सिकंदराबाद से अखिल भारतीय प्रथम स्थान। |
| ~1998 | स्नातक: सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वुमन, हैदराबाद से B.Com। |
| 2001 | UPSC सफलता: दूसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास, ऑल इंडिया रैंक-4। आयु: 24 वर्ष। |
| 2001 | LBSNAA प्रशिक्षण: मसूरी में प्रशिक्षण; आदिलाबाद ज़िले में प्रोबेशन। |
| 2004 | विवाह: अकुन सभरवाल (IPS) से विवाह। |
| 2009–2011 | विभिन्न पद: सब-कलेक्टर मदनपल्ली, प्रोजेक्ट डायरेक्टर कडपा, म्युनिसिपल कमिश्नर वारंगल, डिप्टी कमिश्नर विशाखापत्तनम, जॉइंट कलेक्टर कुरनूल व हैदराबाद। |
| अप्रैल 2011 | करीमनगर कलेक्टर: “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना और स्कूल-निगरानी सॉफ़्टवेयर की शुरुआत। |
| 2014 | मेडक कलेक्टर: 2014 के आम चुनावों का सफल और निष्पक्ष संचालन। |
| 2014 | CMO नियुक्ति: तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में पहली महिला IAS अधिकारी के रूप में नियुक्ति। महत्व: अति महत्वपूर्ण |
| 2015 | देवी अवार्ड: इंडियन एक्सप्रेस द्वारा नवाचार और गतिशीलता के लिए सम्मानित। |
| 4 जनवरी 2024 | स्थानांतरण: CMO से तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव नियुक्त। |
| 11 नवंबर 2024 | नई भूमिका: सचिव, युवा उन्नयन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग नियुक्त। |
| 27 अप्रैल 2025 | पुनः नियुक्ति: तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव के पद पर वापसी — वर्तमान भूमिका। |
स्मिता सभरवाल से जुड़े रोचक तथ्य
60 सेकंड में स्मिता सभरवाल
स्मिता सभरवाल 19 जून 1977 को दार्जिलिंग में जन्मी एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं — तेलंगाना कैडर, 2001 बैच।
उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल की — यह उनका दूसरा प्रयास था और तब वे केवल 24 वर्ष की थीं।
करीमनगर और मेडक ज़िलों की कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “अम्मा लालना” स्वास्थ्य योजना जैसी नवाचारी पहलें शुरू कीं, जिसके लिए वे “पीपल्स ऑफिसर” के नाम से मशहूर हुईं। 2014 में वे तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला IAS अधिकारी बनीं।
वे IPS अधिकारी अकुन सभरवाल से विवाहित हैं और दोनों के दो बच्चे हैं। वर्तमान में वे तेलंगाना राज्य वित्त आयोग की सदस्य सचिव हैं।
FAQ — स्मिता सभरवाल
निष्कर्ष — स्मिता सभरवाल: तकनीक, सेवा और पारदर्शिता की मिसाल
स्मिता सभरवाल का करियर यह दर्शाता है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में सफलता केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है — असली परीक्षा ज़मीनी स्तर पर जनता के लिए काम करने में है। UPSC में युवा उम्र में AIR-4 हासिल करने से लेकर करीमनगर और मेडक में नवाचारी योजनाओं तक, उनका सफ़र दृष्टिकोण और निरंतरता का उदाहरण है।
तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय में पहली महिला IAS अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर उन्होंने प्रशासनिक ढाँचे में महिलाओं की भागीदारी का एक नया मानक स्थापित किया। उनकी कहानी टीना डाबी जैसी अन्य युवा अधिकारियों की तरह यह संदेश देती है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सेवा-भावना और तकनीकी नवाचार साथ-साथ चल सकते हैं।
“स्मिता सभरवाल ने साबित किया कि एक IAS अधिकारी की पहचान सिर्फ़ फाइलों पर हस्ताक्षर तक सीमित नहीं है — यह तकनीक, संवेदनशीलता और जनता से सीधे जुड़ाव से भी बनती है।”
— मीडिया मूल्यांकनआज जब हम स्मिता सभरवाल का जीवन परिचय पढ़ते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नवाचार, पारदर्शिता और जनसंवेदना का संगम किस तरह वास्तविक बदलाव ला सकता है।
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स्रोत एवं संदर्भ
- Wikipedia — “Smita Sabharwal” (अद्यतन अप्रैल 2026)
- India.com — “Meet Smita Sabharwal, India’s Youngest Female IAS Officer” (मार्च 2025)
- Officersdetails.com — “Smita Sabharwal IAS – Inspiring Journey, Achievements And Personal Life” (अगस्त 2025)
- Iconichonors.com — “Smita Sabharwal IAS (AIR 4) | Age, Husband, Career, Net Worth & Success Story” (अप्रैल 2026)
- The Hindu — “Amma Lalana programme sought in all districts” (17 अगस्त 2012)
- The Hans India — “Smita Sabharwal: Medak Collector to CMO” (7 जून 2014)
- The New Indian Express — “Another IAS, IPS reshuffle: Smita Sabharwal moved out of CMO in Telangana” (4 जनवरी 2024); The Hindu — “IAS officer who was in news for resharing Kancha Gachibowli post transferred” (27 अप्रैल 2025)
- India.com — विवाह व पारिवारिक विवरण रिपोर्ट (मार्च 2025)
- Zee News — “Who Is Smita Sabharwal? Telangana’s ‘People’s IAS Officer’, A Social Media Star” (जून 2023)
यह लेख राजनीतिक रूप से तटस्थ और तथ्य-आधारित जानकारी प्रदान करता है। डॉ. मोहन यादव की जीवनी में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी अभिलेखों और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। योजनाओं, चुनावों, पदों एवं सरकारी आंकड़ों से संबंधित जानकारी समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल अवश्य देखें। विवाद एवं आलोचना अनुभाग में उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर विभिन्न पक्षों को संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया है।
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