विश्वास नांगरे पाटिल (IPS)
विश्वास नांगरे पाटिल (IPS, PPMG) महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। इस वीरता के लिए उन्हें 2015 में राष्ट्रपति पुलिस पदक (शौर्य) से सम्मानित किया गया। सांगली के एक छोटे गाँव से उठकर महाराष्ट्र के शीर्ष पुलिस अधिकारियों में स्थान बनाने वाले नांगरे पाटिल आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के प्रेरणास्रोत हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में अपर महानिदेशक (ADGP) के पद पर कार्यरत हैं।
- जन्म: 5 अक्टूबर (वर्ष सार्वजनिक स्रोतों में भिन्न — लगभग 1973), कोकरुड गाँव, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली जिला, महाराष्ट्र
- पिता: नारायण नांगरे पाटिल (ग्राम सरपंच; 4वीं कक्षा तक शिक्षित; 79 वर्ष की आयु में निधन)
- शिक्षा: BA इतिहास — शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर; MBA (पुलिस प्रबंधन) — उस्मानिया विश्वविद्यालय; LLB
- UPSC: 25 वर्ष की आयु में IPS चयन, 1997 बैच, महाराष्ट्र कैडर
- 26/11: ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी — एक आतंकवादी को गोली मारकर घायल किया
- पुरस्कार: राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य (PPMG), 2015
- पत्नी: रुपाली नांगरे पाटिल (विवाह: 28 नवंबर 2000, धुले)
- बच्चे: पुत्री — जान्हवी नांगरे पाटिल; पुत्र — रणवीर नांगरे पाटिल
- पुस्तक: “मन में है विश्वास” (मराठी में), “कर हर मैदान फतह” (मराठी में)
- वर्तमान पद: अपर महानिदेशक (ADGP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), महाराष्ट्र
| पूरा नाम | विश्वास नारायण नांगरे पाटिल |
| जन्म तिथि | 5 अक्टूबर (जन्म वर्ष सार्वजनिक स्रोतों में अनिश्चित — लगभग 1973) |
| जन्म स्थान | कोकरुड गाँव, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली जिला, महाराष्ट्र |
| आयु (2026 में) | लगभग 52–53 वर्ष |
| पिता | नारायण नांगरे पाटिल (ग्राम सरपंच; स्वर्गवासी) |
| माता | सार्वजनिक रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है। |
| स्कूली शिक्षा | तालुका विद्यालय, बत्तीस शिराला — SSC में 88% |
| स्नातक शिक्षा | BA (इतिहास), शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर |
| स्नातकोत्तर | MBA (पुलिस प्रबंधन), उस्मानिया विश्वविद्यालय |
| विधि शिक्षा | LLB (IPS में चयन के बाद) |
| UPSC बैच व कैडर | 1997 बैच, महाराष्ट्र कैडर, IPS |
| पत्नी | रुपाली नांगरे पाटिल (विवाह: 28 नवंबर 2000, धुले) |
| पुत्री | जान्हवी नांगरे पाटिल |
| पुत्र | रणवीर नांगरे पाटिल |
| प्रमुख पद | DCP ज़ोन-1 मुंबई; SP नांदेड़, धुले; कमिश्नर ऑफ पुलिस, नासिक; ADGP ACB |
| वर्तमान पद | अपर महानिदेशक (ADGP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र |
| प्रमुख पुरस्कार | President’s Police Medal for Gallantry (PPMG), 2015 |
| प्रमुख पुस्तक | “मन में है विश्वास” (मराठी), “कर हर मैदान फतह” (मराठी) |
| प्रसिद्धि का कारण | 26/11 ताज होटल में प्रथम प्रवेश; युवा प्रेरणा वक्ता |
आईपीएस अधिकारी एवं महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
विश्वास नांगरे पाटिल कौन हैं?
विश्वास नारायण नांगरे पाटिल (IPS, PPMG) भारतीय पुलिस सेवा के 1997 बैच के महाराष्ट्र कैडर के वरिष्ठ अधिकारी हैं। वे 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी के रूप में विख्यात हैं। उनकी इस असाधारण वीरता के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य (PPMG) से सम्मानित किया गया।
भारतीय पुलिस सेवा में कुछ अधिकारी अपनी शौर्यगाथा और जनसेवा के कारण एक अमिट छाप छोड़ जाते हैं। विश्वास नांगरे पाटिल ऐसे ही एक असाधारण अधिकारी हैं — जिन्होंने सांगली के एक अशिक्षित परिवार में जन्म लेकर, असीमित संघर्ष करते हुए, देश की सबसे कठिन परिस्थितियों में वीरता की मिसाल कायम की।
उनकी कहानी केवल एक पुलिस अधिकारी की सफलता की नहीं है — यह उन करोड़ों युवाओं की प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। नांगरे पाटिल के भाषण, पुस्तकें और यू-ट्यूब पर उनके इंटरव्यू आज भी लाखों UPSC अभ्यर्थियों को दिशा देते हैं।
प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
विश्वास नांगरे पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के सांगली जिले के बत्तीस शिराला तालुका के कोकरुड गाँव में हुआ। उनके पिता नारायण नांगरे पाटिल गाँव के सरपंच थे — जिनकी शिक्षा केवल 4वीं कक्षा तक हुई थी। उनकी माता की शिक्षा 2वीं कक्षा तक थी। यानी एक ऐसे परिवार में जहाँ खुद माता-पिता ठीक से लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे, वहाँ से एक IPS अधिकारी का उभरना भारत की ग्रामीण प्रतिभा का प्रमाण है।
पिता के सरपंच होने के कारण बचपन से ही उन्होंने सार्वजनिक सेवा और नेतृत्व के मूल्य आत्मसात किए। गाँव की जनता की समस्याएँ, उनके संघर्ष और समाधान की इच्छाशक्ति — यही उनकी प्रारंभिक पाठशाला थी।
भारत में IPS/IAS परीक्षाओं में ग्रामीण पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों की सफलता अब एक स्थापित तथ्य है। विश्वास नांगरे पाटिल उन अग्रणी अधिकारियों में हैं जिन्होंने स्वयं सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया कि उनके पास तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं थी, सीमित संसाधन थे — फिर भी उन्होंने स्वयंशक्ति से यह मुकाम हासिल किया।
उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें तुकाराम मुंढे, अशोक खेमका और दुर्गा शक्ति नागपाल जैसे उन अधिकारियों की श्रेणी में रखती है जो अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं करते।
कोल्हापुर के हॉस्टल में R. माधवन के साथ
शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर में पढ़ाई के दौरान विश्वास नांगरे पाटिल के हॉस्टल रूममेट बॉलीवुड अभिनेता R. माधवन थे। दोनों अपने-अपने सपनों की ओर बढ़ रहे थे — एक सिनेमा की दुनिया में, दूसरा देश की सेवा में। यह किस्सा नांगरे पाटिल स्वयं अपने भाषणों में सुनाते हैं — कि जीवन में रास्ते अलग होते हैं, लक्ष्य का निर्धारण ही दिशा तय करता है।
विश्वास नांगरे पाटिल की शिक्षा और UPSC रैंक
विश्वास नांगरे पाटिल ने अपनी स्कूली शिक्षा तालुका विद्यालय, बत्तीस शिराला से पूरी की — SSC में 88% अंक प्राप्त किए। 12वीं में विज्ञान लेने के बाद उन्होंने कला में रुख किया और शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर से BA (इतिहास) किया। IPS चयन के बाद उन्होंने MBA (पुलिस प्रबंधन) और LLB भी हासिल की। वे 1997 बैच में लगभग 25 वर्ष की आयु में IPS में चयनित हुए।
शैक्षणिक यात्रा
विश्वास नांगरे पाटिल की शैक्षणिक यात्रा एक आदर्श रणनीतिक बदलाव की कहानी है। उन्होंने 12वीं में विज्ञान लेकर शुरुआत की, लेकिन UPSC की तैयारी के लिए कला विषयों की ओर मुड़े — क्योंकि इतिहास, समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान सिविल सेवाओं के लिए अधिक उपयुक्त थे। यह फैसला उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है।
UPSC तैयारी — संघर्ष और समर्पण
विश्वास नांगरे पाटिल की UPSC तैयारी की कहानी असाधारण त्याग और अनुशासन की मिसाल है। उनके पास कोई कोचिंग नहीं थी, संसाधन सीमित थे — लेकिन संकल्प अडिग था।
UPSC तैयारी के दौरान विश्वास नांगरे पाटिल रोज़ सुबह 3 बजे उठते थे। वे अंबिवली स्टेशन से पहली लोकल ट्रेन पकड़ते और CST मुंबई पहुँचते — यह दूरी लगभग 80 किलोमीटर थी। वे पुस्तकालय में सुबह 5:30 बजे पहुँचने वाले पहले व्यक्ति होते थे और शाम 8:30 बजे तक पढ़ाई करते थे। उस समय वे केवल एक जोड़ी जींस और टी-शर्ट पहनते थे और 15 रुपये की थाली पर गुज़ारा करते थे।
UPSC रैंक
विश्वास नांगरे पाटिल 1997 बैच में IPS के लिए चयनित हुए। वे लगभग 25 वर्ष की आयु में भारतीय पुलिस सेवा में आए।
विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों में नांगरे पाटिल की UPSC रैंक के संदर्भ में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। कुछ स्रोत AIR-302 का उल्लेख करते हैं। हालाँकि यह जानकारी पूरी तरह सत्यापित नहीं है। UPSC की आधिकारिक मार्कशीट सार्वजनिक नहीं होती — इसलिए इस बिंदु पर केवल आधिकारिक UPSC अभिलेखों को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए।
IPS प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली पोस्टिंग धुले में हुई, जहाँ उन्होंने Deputy SP के रूप में सेवा शुरू की। इसी दौरान उनका विवाह भी हुआ।
करियर और प्रमुख पदस्थापन
विश्वास नांगरे पाटिल का करियर महाराष्ट्र के कई जिलों और शहरों में फैला है। उन्होंने ग्रामीण से लेकर महानगरीय प्रशासन तक — नांदेड़, धुले, औरंगाबाद, मुंबई और नासिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दी है।
26/11 मुंबई हमलों में विश्वास नांगरे पाटिल की भूमिका
26 नवंबर 2008 की रात, जब पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई के ताज होटल पर कब्जा कर लिया, तब DCP ज़ोन-1 के रूप में विश्वास नांगरे पाटिल बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के, केवल अपनी ग्लॉक पिस्तौल के साथ, ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने। उन्होंने एक आतंकवादी को पैर में गोली मारी। इस मुठभेड़ में उनके एक अंगरक्षक शहीद हो गए और एक घायल हुए। इस साहस के लिए उन्हें 2015 में राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य प्रदान किया गया।
26 नवंबर 2008 की वह काली रात भारतीय इतिहास में दर्ज है — जब 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई को दहला दिया था। इस हमले में हेमंत करकरे, अशोक कामटे और विजय सालस्कर जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शहीद हो गए। ऐसे माहौल में विश्वास नांगरे पाटिल की वीरता और भी उल्लेखनीय है।
“वे बिना किसी बुलेटप्रूफ जैकेट के, केवल एक ग्लॉक पिस्तौल लेकर ताज होटल में घुस गए — अगर उन्होंने ऐसा न किया होता, तो क्रिस्टल हॉल के विवाह समारोह में उपस्थित अनेक लोग मारे जाते।”— सार्वजनिक रिपोर्ट्स, विकिपीडिया
26/11 के समय नांगरे पाटिल के गृह जनपद में उनका परिवार हेमंत करकरे और अन्य अधिकारियों की शहादत की खबर सुनकर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुका था। सुबह 4:30 बजे एक वायरलेस संदेश से परिवार को पता चला कि वे जीवित हैं।
विश्वास नांगरे पाटिल की वर्तमान पोस्टिंग और जिम्मेदारियाँ
विश्वास नांगरे पाटिल वर्तमान में महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau — ACB) में अपर महानिदेशक पुलिस (Additional Director General of Police — ADGP) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे नासिक नगर के पुलिस आयुक्त और मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) रह चुके हैं। सरकारी पदस्थापन बदलते रहते हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक स्रोत देखें।
नोटसरकारी अधिकारियों के पदस्थापन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जाते हैं। सबसे ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाएँ देखें।
विश्वास नांगरे पाटिल की पुस्तकें
विश्वास नांगरे पाटिल की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक का नाम “मन में है विश्वास” है, जो मराठी भाषा में लिखी गई है। यह एक आत्मकथात्मक पुस्तक है जिसमें उन्होंने अपने जीवन संघर्ष, UPSC तैयारी, पुलिस सेवा के अनुभव और युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश साझा किए हैं। इस पुस्तक को मराठी पाठकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
पुस्तकों का संदेश और प्रभाव
अपनी पुस्तकों में विश्वास नांगरे पाटिल ने युवाओं को सरल किंतु गहरे जीवन-सूत्र दिए हैं। उनका कहना है — “15 वर्ष की आयु में ही अपना लक्ष्य तय करो और शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलो। जीवन एक दौड़ है और ईश्वर आपका जॉकी है। परीक्षाएँ आएंगी, लेकिन लक्ष्य से नज़र मत हटाओ। अपनी शक्तियाँ और कमज़ोरियाँ पहचानो। जब सब कुछ छोड़ जाए, तो आत्मविश्वास कभी नहीं छोड़ता।”
विश्वास नांगरे पाटिल के भाषण यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे जा चुके हैं। IPS/IAS अभ्यर्थियों के बीच वे उन चुनिंदा अधिकारियों में हैं जो न केवल अपनी उपलब्धियों से बल्कि अपनी ईमानदारी और जनसेवा की भावना से भी प्रेरणा देते हैं। उनकी पुस्तकें कई UPSC कोचिंग संस्थानों द्वारा अनुशंसित की जाती हैं।
विश्वास नांगरे पाटिल का परिवार
विश्वास नांगरे पाटिल की पत्नी का नाम रुपाली नांगरे पाटिल है। उनका विवाह 28 नवंबर 2000 को धुले में हुआ था — उस समय वे धुले में ही Deputy SP के पद पर कार्यरत थे। दंपति के दो बच्चे हैं — पुत्री जान्हवी नांगरे पाटिल और पुत्र रणवीर नांगरे पाटिल।
विश्वास नांगरे पाटिल के पिता नारायण नांगरे पाटिल अपने गाँव कोकरुड के सरपंच थे। उनकी शिक्षा केवल 4वीं कक्षा तक हुई थी, लेकिन उन्होंने अपने बेटे के सपनों को हर संभव समर्थन दिया। 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। माता की शिक्षा 2वीं कक्षा तक हुई थी — उनके विषय में अन्य विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
| पत्नी | रुपाली नांगरे पाटिल |
| विवाह तिथि | 28 नवंबर 2000 |
| विवाह स्थान | धुले (तब वे धुले में Deputy SP थे) |
| पुत्री | जान्हवी नांगरे पाटिल |
| पुत्र | रणवीर नांगरे पाटिल |
| पिता | नारायण नांगरे पाटिल (स्वर्गवासी, आयु 79 वर्ष) |
| माता | नाम सार्वजनिक स्रोतों में उपलब्ध नहीं है |
| गृह गाँव | कोकरुड, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली |
“26/11 की रात उनके परिवार को लगा कि वे नहीं रहे — लेकिन सुबह 4:30 बजे वायरलेस पर उनकी आवाज़ सुनकर सब जान गए कि विश्वास जीवित है।”
— सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारितपुरस्कार और सम्मान
विश्वास नांगरे पाटिल — करियर टाइमलाइन
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 5 अक्टूबर | जन्म: कोकरुड गाँव, सांगली, महाराष्ट्र। पिता ग्राम सरपंच। |
| ~1990 | SSC: तालुका विद्यालय से 88% अंकों के साथ उत्तीर्ण। |
| ~1993 | स्नातक: BA (इतिहास) — शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर। R. माधवन हॉस्टल रूममेट। |
| ~1996–97 | UPSC तैयारी: मुंबई में रोज़ 3 बजे उठकर, 80 km दूर से पुस्तकालय आना। सीमित संसाधनों में असाधारण अनुशासन। |
| 1997 | IPS चयन: 25 वर्ष की आयु में UPSC पास — महाराष्ट्र कैडर, 1997 बैच। |
| 1997–2000 | प्रशिक्षण एवं प्रारंभिक पद: IPS प्रशिक्षण के बाद धुले में Deputy SP के रूप में पहली पोस्टिंग। |
| 28 नवंबर 2000 | विवाह: रुपाली नांगरे पाटिल से धुले में विवाह। |
| 2000–2008 | विभिन्न पद: नांदेड़, धुले, औरंगाबाद में SP/JNSP स्तर की भूमिकाएँ। 2007 में ग्रामीण SP के रूप में रेव पार्टी छापे में 280 गिरफ्तारियाँ। |
| 2008 | DCP ज़ोन-1, दक्षिण मुंबई: इसी पद पर 26/11 हमले का सामना। |
| 26–27 नवंबर 2008 | 26/11 — ताज होटल: बिना बुलेटप्रूफ जैकेट, ग्लॉक पिस्तौल के साथ ताज होटल में प्रवेश। आतंकवादी को घायल किया। एक अंगरक्षक शहीद। ऐतिहासिक महत्व: अत्यंत उच्च |
| 2012 | जुहू रेव पार्टी छापा: प्रभावशाली लोगों पर निडर कार्रवाई। |
| 2015 | PPMG पुरस्कार: राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य — 26/11 वीरता के लिए। |
| ~2016 | Special IG, औरंगाबाद: मराठवाड़ा क्षेत्र में वरिष्ठ नेतृत्व। |
| ~2019–21 | संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), मुंबई: मुंबई नगर पुलिस में वरिष्ठ भूमिका। |
| ~2021–23 | पुलिस आयुक्त, नासिक नगर: महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े पुलिस कमिश्नरेट का नेतृत्व। |
| वर्तमान | ADGP, ACB, महाराष्ट्र: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अपर महानिदेशक के रूप में कार्यरत। |
विश्वास नांगरे पाटिल से जुड़े रोचक तथ्य
60 सेकंड में विश्वास नांगरे पाटिल
विश्वास नारायण नांगरे पाटिल महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे सांगली के एक छोटे से गाँव कोकरुड से आते हैं — जहाँ उनके माता-पिता शिक्षित नहीं थे।
उन्होंने 25 वर्ष की आयु में UPSC पास किया। 26 नवंबर 2008 को जब आतंकवादियों ने मुंबई के ताज होटल पर हमला किया, तो वे DCP ज़ोन-1 के रूप में बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने। इस वीरता के लिए 2015 में राष्ट्रपति पुलिस पदक (शौर्य) से सम्मानित किया गया।
उनकी पत्नी का नाम रुपाली नांगरे पाटिल है और उनके दो बच्चे हैं — जान्हवी और रणवीर। उन्होंने “मन में है विश्वास” और “कर हर मैदान फतह” पुस्तकें लिखी हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अपर महानिदेशक हैं।


