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विश्वास नांगरे पाटिल की जीवनी: आयु, पत्नी, शिक्षा, IPS रैंक, परिवार, पुस्तक और करियर

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विश्वास नांगरे पाटिल का जीवन परिचय | Vishwas Nangare Patil IPS Biography in Hindi
भारतीय पुलिस सेवा · 1997 बैच · महाराष्ट्र कैडर · PPMG

विश्वास नांगरे पाटिल (IPS)

26/11 के नायक, युवाओं के प्रेरणास्रोत — ग्रामीण महाराष्ट्र से ताज होटल के मोर्चे तक का अदम्य सफ़र
जन्म 5 अक्टूबर, कोकरुड गाँव, सांगली, महाराष्ट्र
सेवा IPS, 1997 बैच, महाराष्ट्र कैडर
वर्तमान पद अपर महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र
1997
IPS चयन
2008
26/11 — ताज होटल
2015
राष्ट्रपति पदक
2021
पुलिस आयुक्त, नासिक
वर्तमान
ADGP, ACB
60 सेकंड में विश्वास नांगरे पाटिल — Google AI Overview Target
  • जन्म: 5 अक्टूबर (वर्ष सार्वजनिक स्रोतों में भिन्न — लगभग 1973), कोकरुड गाँव, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली जिला, महाराष्ट्र
  • पिता: नारायण नांगरे पाटिल (ग्राम सरपंच; 4वीं कक्षा तक शिक्षित; 79 वर्ष की आयु में निधन)
  • शिक्षा: BA इतिहास — शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर; MBA (पुलिस प्रबंधन) — उस्मानिया विश्वविद्यालय; LLB
  • UPSC: 25 वर्ष की आयु में IPS चयन, 1997 बैच, महाराष्ट्र कैडर
  • 26/11: ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी — एक आतंकवादी को गोली मारकर घायल किया
  • पुरस्कार: राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य (PPMG), 2015
  • पत्नी: रुपाली नांगरे पाटिल (विवाह: 28 नवंबर 2000, धुले)
  • बच्चे: पुत्री — जान्हवी नांगरे पाटिल; पुत्र — रणवीर नांगरे पाटिल
  • पुस्तक: “मन में है विश्वास” (मराठी में), “कर हर मैदान फतह” (मराठी में)
  • वर्तमान पद: अपर महानिदेशक (ADGP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), महाराष्ट्र
📋 विश्वास नांगरे पाटिल — त्वरित जीवन परिचय (Quick Facts)
पूरा नामविश्वास नारायण नांगरे पाटिल
जन्म तिथि5 अक्टूबर (जन्म वर्ष सार्वजनिक स्रोतों में अनिश्चित — लगभग 1973)
जन्म स्थानकोकरुड गाँव, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली जिला, महाराष्ट्र
आयु (2026 में)लगभग 52–53 वर्ष
पितानारायण नांगरे पाटिल (ग्राम सरपंच; स्वर्गवासी)
मातासार्वजनिक रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
स्कूली शिक्षातालुका विद्यालय, बत्तीस शिराला — SSC में 88%
स्नातक शिक्षाBA (इतिहास), शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर
स्नातकोत्तरMBA (पुलिस प्रबंधन), उस्मानिया विश्वविद्यालय
विधि शिक्षाLLB (IPS में चयन के बाद)
UPSC बैच व कैडर1997 बैच, महाराष्ट्र कैडर, IPS
पत्नीरुपाली नांगरे पाटिल (विवाह: 28 नवंबर 2000, धुले)
पुत्रीजान्हवी नांगरे पाटिल
पुत्ररणवीर नांगरे पाटिल
प्रमुख पदDCP ज़ोन-1 मुंबई; SP नांदेड़, धुले; कमिश्नर ऑफ पुलिस, नासिक; ADGP ACB
वर्तमान पदअपर महानिदेशक (ADGP), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र
प्रमुख पुरस्कारPresident’s Police Medal for Gallantry (PPMG), 2015
प्रमुख पुस्तक“मन में है विश्वास” (मराठी), “कर हर मैदान फतह” (मराठी)
प्रसिद्धि का कारण26/11 ताज होटल में प्रथम प्रवेश; युवा प्रेरणा वक्ता
विश्वास नांगरे पाटिल
विश्वास नांगरे पाटिल
आईपीएस अधिकारी एवं महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी

विश्वास नांगरे पाटिल कौन हैं?

भारतीय पुलिस सेवा में कुछ अधिकारी अपनी शौर्यगाथा और जनसेवा के कारण एक अमिट छाप छोड़ जाते हैं। विश्वास नांगरे पाटिल ऐसे ही एक असाधारण अधिकारी हैं — जिन्होंने सांगली के एक अशिक्षित परिवार में जन्म लेकर, असीमित संघर्ष करते हुए, देश की सबसे कठिन परिस्थितियों में वीरता की मिसाल कायम की।

उनकी कहानी केवल एक पुलिस अधिकारी की सफलता की नहीं है — यह उन करोड़ों युवाओं की प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। नांगरे पाटिल के भाषण, पुस्तकें और यू-ट्यूब पर उनके इंटरव्यू आज भी लाखों UPSC अभ्यर्थियों को दिशा देते हैं।

1997
IPS बैच — 25 वर्ष की आयु में महाराष्ट्र कैडर में चयन
26/11
ताज होटल में प्रथम प्रवेश — बुलेटप्रूफ जैकेट के बिना आतंकवादियों का सामना
PPMG
राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य, 2015 — भारत का सर्वोच्च पुलिस वीरता सम्मान
88%
SSC परीक्षा में अंक — एक तालुका विद्यालय के छात्र की असाधारण शुरुआत

प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

विश्वास नांगरे पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के सांगली जिले के बत्तीस शिराला तालुका के कोकरुड गाँव में हुआ। उनके पिता नारायण नांगरे पाटिल गाँव के सरपंच थे — जिनकी शिक्षा केवल 4वीं कक्षा तक हुई थी। उनकी माता की शिक्षा 2वीं कक्षा तक थी। यानी एक ऐसे परिवार में जहाँ खुद माता-पिता ठीक से लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे, वहाँ से एक IPS अधिकारी का उभरना भारत की ग्रामीण प्रतिभा का प्रमाण है।

पिता के सरपंच होने के कारण बचपन से ही उन्होंने सार्वजनिक सेवा और नेतृत्व के मूल्य आत्मसात किए। गाँव की जनता की समस्याएँ, उनके संघर्ष और समाधान की इच्छाशक्ति — यही उनकी प्रारंभिक पाठशाला थी।

संदर्भ — ग्रामीण पृष्ठभूमि और सिविल सेवा

भारत में IPS/IAS परीक्षाओं में ग्रामीण पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों की सफलता अब एक स्थापित तथ्य है। विश्वास नांगरे पाटिल उन अग्रणी अधिकारियों में हैं जिन्होंने स्वयं सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया कि उनके पास तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं थी, सीमित संसाधन थे — फिर भी उन्होंने स्वयंशक्ति से यह मुकाम हासिल किया।

उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें तुकाराम मुंढे, अशोक खेमका और दुर्गा शक्ति नागपाल जैसे उन अधिकारियों की श्रेणी में रखती है जो अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं करते।

प्रेरणादायक प्रसंग

कोल्हापुर के हॉस्टल में R. माधवन के साथ

शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर में पढ़ाई के दौरान विश्वास नांगरे पाटिल के हॉस्टल रूममेट बॉलीवुड अभिनेता R. माधवन थे। दोनों अपने-अपने सपनों की ओर बढ़ रहे थे — एक सिनेमा की दुनिया में, दूसरा देश की सेवा में। यह किस्सा नांगरे पाटिल स्वयं अपने भाषणों में सुनाते हैं — कि जीवन में रास्ते अलग होते हैं, लक्ष्य का निर्धारण ही दिशा तय करता है।

विश्वास नांगरे पाटिल की शिक्षा और UPSC रैंक

शैक्षणिक यात्रा

विश्वास नांगरे पाटिल की शैक्षणिक यात्रा एक आदर्श रणनीतिक बदलाव की कहानी है। उन्होंने 12वीं में विज्ञान लेकर शुरुआत की, लेकिन UPSC की तैयारी के लिए कला विषयों की ओर मुड़े — क्योंकि इतिहास, समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान सिविल सेवाओं के लिए अधिक उपयुक्त थे। यह फैसला उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है।

शैक्षणिक उपलब्धियाँ
🏫
स्कूली शिक्षा: तालुका विद्यालय, बत्तीस शिराला — SSC में 88% अंक — एक ग्रामीण विद्यालय में असाधारण प्रदर्शन।
🎓
स्नातक: BA (इतिहास) — शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर। 12वीं विज्ञान के बाद कला की ओर रणनीतिक बदलाव।
📚
MBA: पुलिस प्रबंधन एवं प्रशासन — उस्मानिया विश्वविद्यालय। IPS में चयन के बाद विशेषज्ञता।
⚖️
LLB: कानून की पढ़ाई — पुलिस प्रशासन में विधिक ज्ञान को गहरा करने के लिए।

UPSC तैयारी — संघर्ष और समर्पण

विश्वास नांगरे पाटिल की UPSC तैयारी की कहानी असाधारण त्याग और अनुशासन की मिसाल है। उनके पास कोई कोचिंग नहीं थी, संसाधन सीमित थे — लेकिन संकल्प अडिग था।

क्या आप जानते हैं? — UPSC तैयारी की दिनचर्या

UPSC तैयारी के दौरान विश्वास नांगरे पाटिल रोज़ सुबह 3 बजे उठते थे। वे अंबिवली स्टेशन से पहली लोकल ट्रेन पकड़ते और CST मुंबई पहुँचते — यह दूरी लगभग 80 किलोमीटर थी। वे पुस्तकालय में सुबह 5:30 बजे पहुँचने वाले पहले व्यक्ति होते थे और शाम 8:30 बजे तक पढ़ाई करते थे। उस समय वे केवल एक जोड़ी जींस और टी-शर्ट पहनते थे और 15 रुपये की थाली पर गुज़ारा करते थे।

UPSC रैंक

विश्वास नांगरे पाटिल 1997 बैच में IPS के लिए चयनित हुए। वे लगभग 25 वर्ष की आयु में भारतीय पुलिस सेवा में आए।

महत्वपूर्ण सूचना — UPSC रैंक

विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों में नांगरे पाटिल की UPSC रैंक के संदर्भ में अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। कुछ स्रोत AIR-302 का उल्लेख करते हैं। हालाँकि यह जानकारी पूरी तरह सत्यापित नहीं है। UPSC की आधिकारिक मार्कशीट सार्वजनिक नहीं होती — इसलिए इस बिंदु पर केवल आधिकारिक UPSC अभिलेखों को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए।

IPS प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली पोस्टिंग धुले में हुई, जहाँ उन्होंने Deputy SP के रूप में सेवा शुरू की। इसी दौरान उनका विवाह भी हुआ।

करियर और प्रमुख पदस्थापन

विश्वास नांगरे पाटिल का करियर महाराष्ट्र के कई जिलों और शहरों में फैला है। उन्होंने ग्रामीण से लेकर महानगरीय प्रशासन तक — नांदेड़, धुले, औरंगाबाद, मुंबई और नासिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दी है।

प्रमुख पदस्थापन 1997 से वर्तमान
🏛️
Deputy SP, धुले: IPS प्रशिक्षण के बाद पहली पोस्टिंग। यहीं 28 नवंबर 2000 को विवाह भी हुआ।
🏛️
SP, नांदेड़ और अन्य जिले: ग्रामीण महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण।
🏙️
DCP ज़ोन-1, दक्षिण मुंबई: 26 नवंबर 2008 को इसी पद पर कार्यरत थे जब 26/11 हमला हुआ।
🎭
रेव पार्टी छापे (2007 व 2012): 2007 में SP (ग्रामीण) के रूप में एक निजी फार्म पर रेव पार्टी में छापा — 280 से अधिक गिरफ्तारियाँ। 2012 में जुहू में भी इसी तरह का अभियान।
🏛️
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), मुंबई: मुंबई में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिका।
🌆
पुलिस आयुक्त, नासिक नगर: महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े नगर आयुक्तालय का नेतृत्व।
🔍
Special IG, औरंगाबाद: मराठवाड़ा क्षेत्र में वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व।
⚖️
ADGP, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), महाराष्ट्र: वर्तमान पद — महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सर्वोच्च अभियान का नेतृत्व।

26/11 मुंबई हमलों में विश्वास नांगरे पाटिल की भूमिका

26 नवंबर 2008 की वह काली रात भारतीय इतिहास में दर्ज है — जब 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई को दहला दिया था। इस हमले में हेमंत करकरे, अशोक कामटे और विजय सालस्कर जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शहीद हो गए। ऐसे माहौल में विश्वास नांगरे पाटिल की वीरता और भी उल्लेखनीय है।

“वे बिना किसी बुलेटप्रूफ जैकेट के, केवल एक ग्लॉक पिस्तौल लेकर ताज होटल में घुस गए — अगर उन्होंने ऐसा न किया होता, तो क्रिस्टल हॉल के विवाह समारोह में उपस्थित अनेक लोग मारे जाते।”
— सार्वजनिक रिपोर्ट्स, विकिपीडिया
26/11 — नांगरे पाटिल की भूमिका: चरण दर चरण 26–27 नवंबर 2008
🌙
26 नवंबर, देर रात: DCP ज़ोन-1 के रूप में दक्षिण मुंबई में ड्यूटी। ताज होटल में आतंकवादियों के घुसने की सूचना मिली।
🏨
ताज होटल में प्रवेश: बिना बुलेटप्रूफ जैकेट, केवल ग्लॉक पिस्तौल के साथ — ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने।
🎯
मुठभेड़: एक आतंकवादी को पैर में गोली मारी। उनके एक अंगरक्षक शहीद, दूसरा घायल।
💒
क्रिस्टल हॉल: होटल में एक विवाह समारोह चल रहा था — उनके समय पर पहुँचने से अनेक जीवन बचे।
📻
सुबह 4:30 बजे: एक अन्य IPS अधिकारी ने वायरलेस पर उनकी आवाज़ सुनी और उनके परिवार को सुरक्षित होने की सूचना दी। (नांगरे पाटिल का परिवार अन्य अधिकारियों की शहादत देखकर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुका था।)
🕖
सुबह लगभग 7 बजे: NSG कमांडो के नियंत्रण संभालने के बाद वे घर लौटे।
क्या आप जानते हैं?

26/11 के समय नांगरे पाटिल के गृह जनपद में उनका परिवार हेमंत करकरे और अन्य अधिकारियों की शहादत की खबर सुनकर उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुका था। सुबह 4:30 बजे एक वायरलेस संदेश से परिवार को पता चला कि वे जीवित हैं।

विश्वास नांगरे पाटिल की वर्तमान पोस्टिंग और जिम्मेदारियाँ

ADGP, ACB — प्रमुख जिम्मेदारियाँ
⚖️
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान: सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच एवं कार्रवाई।
🏛️
पुलिस नेतृत्व: ACB की पूरे महाराष्ट्र में इकाइयों का प्रशासनिक एवं परिचालन नेतृत्व।
🔎
जागरूकता अभियान: सार्वजनिक जागरूकता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली पहलें।
🎤
युवा मार्गदर्शन: UPSC अभ्यर्थियों और युवाओं को समय-समय पर प्रेरणादायक व्याख्यान।

नोटसरकारी अधिकारियों के पदस्थापन राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जाते हैं। सबसे ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचनाएँ देखें।

विश्वास नांगरे पाटिल की पुस्तकें

📖
मन में है विश्वास (मराठी)
आत्मकथात्मक पुस्तक — ग्रामीण पृष्ठभूमि से IPS बनने की यात्रा, UPSC की तैयारी और 26/11 के अनुभव। युवाओं में अत्यंत लोकप्रिय।
📖
कर हर मैदान फतह (मराठी)
प्रेरणादायक पुस्तक — जीवन के विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष और विजय के सूत्र। UPSC अभ्यर्थियों में खासी पहचान।

पुस्तकों का संदेश और प्रभाव

अपनी पुस्तकों में विश्वास नांगरे पाटिल ने युवाओं को सरल किंतु गहरे जीवन-सूत्र दिए हैं। उनका कहना है — “15 वर्ष की आयु में ही अपना लक्ष्य तय करो और शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलो। जीवन एक दौड़ है और ईश्वर आपका जॉकी है। परीक्षाएँ आएंगी, लेकिन लक्ष्य से नज़र मत हटाओ। अपनी शक्तियाँ और कमज़ोरियाँ पहचानो। जब सब कुछ छोड़ जाए, तो आत्मविश्वास कभी नहीं छोड़ता।”

युवाओं पर प्रभाव

विश्वास नांगरे पाटिल के भाषण यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे जा चुके हैं। IPS/IAS अभ्यर्थियों के बीच वे उन चुनिंदा अधिकारियों में हैं जो न केवल अपनी उपलब्धियों से बल्कि अपनी ईमानदारी और जनसेवा की भावना से भी प्रेरणा देते हैं। उनकी पुस्तकें कई UPSC कोचिंग संस्थानों द्वारा अनुशंसित की जाती हैं।

विश्वास नांगरे पाटिल का परिवार

विश्वास नांगरे पाटिल के पिता नारायण नांगरे पाटिल अपने गाँव कोकरुड के सरपंच थे। उनकी शिक्षा केवल 4वीं कक्षा तक हुई थी, लेकिन उन्होंने अपने बेटे के सपनों को हर संभव समर्थन दिया। 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। माता की शिक्षा 2वीं कक्षा तक हुई थी — उनके विषय में अन्य विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

👨‍👩‍👧‍👦 परिवार — संक्षिप्त तथ्य
पत्नीरुपाली नांगरे पाटिल
विवाह तिथि28 नवंबर 2000
विवाह स्थानधुले (तब वे धुले में Deputy SP थे)
पुत्रीजान्हवी नांगरे पाटिल
पुत्ररणवीर नांगरे पाटिल
पितानारायण नांगरे पाटिल (स्वर्गवासी, आयु 79 वर्ष)
मातानाम सार्वजनिक स्रोतों में उपलब्ध नहीं है
गृह गाँवकोकरुड, बत्तीस शिराला तालुका, सांगली

“26/11 की रात उनके परिवार को लगा कि वे नहीं रहे — लेकिन सुबह 4:30 बजे वायरलेस पर उनकी आवाज़ सुनकर सब जान गए कि विश्वास जीवित है।”

— सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित

पुरस्कार और सम्मान

राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य (PPMG), 2015: भारत का सर्वोच्च पुलिस वीरता सम्मान — 26/11 मुंबई हमलों में असाधारण साहस के लिए। गृह मंत्रालय की समिति ने बिना विचार-विमर्श के इन्हें विजेता घोषित किया।
PPMG पदवी: नाम के बाद “PPMG” (Police Medal for Gallantry) लिखने का अधिकार — भारतीय पुलिस सेवा में असाधारण सम्मान का प्रतीक।
राष्ट्रीय पहचान: 26/11 के बाद वे सर्वाधिक याद किए जाने वाले पुलिस अधिकारी बने — व्यक्तिगत साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक।

विश्वास नांगरे पाटिल — करियर टाइमलाइन

वर्ष घटना
5 अक्टूबर जन्म: कोकरुड गाँव, सांगली, महाराष्ट्र। पिता ग्राम सरपंच।
~1990 SSC: तालुका विद्यालय से 88% अंकों के साथ उत्तीर्ण।
~1993 स्नातक: BA (इतिहास) — शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर। R. माधवन हॉस्टल रूममेट।
~1996–97 UPSC तैयारी: मुंबई में रोज़ 3 बजे उठकर, 80 km दूर से पुस्तकालय आना। सीमित संसाधनों में असाधारण अनुशासन।
1997 IPS चयन: 25 वर्ष की आयु में UPSC पास — महाराष्ट्र कैडर, 1997 बैच।
1997–2000 प्रशिक्षण एवं प्रारंभिक पद: IPS प्रशिक्षण के बाद धुले में Deputy SP के रूप में पहली पोस्टिंग।
28 नवंबर 2000 विवाह: रुपाली नांगरे पाटिल से धुले में विवाह।
2000–2008 विभिन्न पद: नांदेड़, धुले, औरंगाबाद में SP/JNSP स्तर की भूमिकाएँ। 2007 में ग्रामीण SP के रूप में रेव पार्टी छापे में 280 गिरफ्तारियाँ।
2008 DCP ज़ोन-1, दक्षिण मुंबई: इसी पद पर 26/11 हमले का सामना।
26–27 नवंबर 2008 26/11 — ताज होटल: बिना बुलेटप्रूफ जैकेट, ग्लॉक पिस्तौल के साथ ताज होटल में प्रवेश। आतंकवादी को घायल किया। एक अंगरक्षक शहीद। ऐतिहासिक महत्व: अत्यंत उच्च
2012 जुहू रेव पार्टी छापा: प्रभावशाली लोगों पर निडर कार्रवाई।
2015 PPMG पुरस्कार: राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य — 26/11 वीरता के लिए।
~2016 Special IG, औरंगाबाद: मराठवाड़ा क्षेत्र में वरिष्ठ नेतृत्व।
~2019–21 संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), मुंबई: मुंबई नगर पुलिस में वरिष्ठ भूमिका।
~2021–23 पुलिस आयुक्त, नासिक नगर: महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े पुलिस कमिश्नरेट का नेतृत्व।
वर्तमान ADGP, ACB, महाराष्ट्र: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अपर महानिदेशक के रूप में कार्यरत।

विश्वास नांगरे पाटिल से जुड़े रोचक तथ्य

R. माधवन से हॉस्टल रूममेट: कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में बॉलीवुड अभिनेता R. माधवन उनके हॉस्टल रूममेट थे — दोनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कीर्तिमान बनाए।
15 रुपये की थाली और एक जोड़ी जींस: UPSC तैयारी के दौरान वे केवल 15 रुपये की थाली पर जीवन गुज़ारते थे और पूरे सप्ताह एक ही जींस-टी-शर्ट पहनते थे।
80 किमी की दैनिक यात्रा: मुंबई CST तक रोज़ 80 किलोमीटर की यात्रा — सुबह 3 बजे उठकर, पहली ट्रेन से, सुबह 5:30 बजे पुस्तकालय पहुँचते थे।
बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के ताज होटल: 26/11 के दौरान उनके पास बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं थी — फिर भी वे सबसे पहले होटल में घुसे।
परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी की: 26/11 की रात अन्य अधिकारियों की शहादत देखकर उनका परिवार उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुका था — सुबह वायरलेस से जीवित होने की खबर आई।
विवाह की तारीख और 26/11 का आश्चर्यजनक संयोग: उनका विवाह 28 नवंबर 2000 को हुआ था — और 26/11 हमला भी नवंबर 2008 में हुआ। दोनों तारीखें उनके जीवन में गहरी छाप छोड़ गईं।
निडर प्रशासक: प्रभावशाली लोगों के रेव पार्टी में भी निडर होकर छापा मारा — 2007 और 2012 दोनों बार। यह उनकी कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।

60 सेकंड में विश्वास नांगरे पाटिल

⏱ 60 सेकंड में विश्वास नांगरे पाटिल — Voice Assistant के लिए

विश्वास नारायण नांगरे पाटिल महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे सांगली के एक छोटे से गाँव कोकरुड से आते हैं — जहाँ उनके माता-पिता शिक्षित नहीं थे।

उन्होंने 25 वर्ष की आयु में UPSC पास किया। 26 नवंबर 2008 को जब आतंकवादियों ने मुंबई के ताज होटल पर हमला किया, तो वे DCP ज़ोन-1 के रूप में बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने। इस वीरता के लिए 2015 में राष्ट्रपति पुलिस पदक (शौर्य) से सम्मानित किया गया।

उनकी पत्नी का नाम रुपाली नांगरे पाटिल है और उनके दो बच्चे हैं — जान्हवी और रणवीर। उन्होंने “मन में है विश्वास” और “कर हर मैदान फतह” पुस्तकें लिखी हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अपर महानिदेशक हैं।

People Also Ask — संक्षिप्त उत्तर

Qविश्वास नांगरे पाटिल कौन हैं?
विश्वास नारायण नांगरे पाटिल (IPS, PPMG) महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। वे 26/11 मुंबई हमलों में ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी के रूप में विख्यात हैं और राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य से सम्मानित हैं। वे लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत भी हैं।
QIPS विश्वास नांगरे पाटिल कौन हैं?
IPS विश्वास नांगरे पाटिल महाराष्ट्र कैडर के 1997 बैच के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। वे 26/11 हमलों में असाधारण वीरता के लिए और अपनी प्रेरणादायक जीवनयात्रा के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे ADGP, ACB, महाराष्ट्र के पद पर कार्यरत हैं।
Qविश्वास नांगरे पाटिल का UPSC रैंक क्या था?
विश्वास नांगरे पाटिल ने 1997 में UPSC परीक्षा पास की और लगभग 25 वर्ष की आयु में IPS में चयनित हुए। विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों में AIR-302 का उल्लेख है, हालाँकि UPSC की आधिकारिक मार्कशीट सार्वजनिक नहीं होती। उनकी UPSC रैंक की आधिकारिक पुष्टि के लिए UPSC के सरकारी अभिलेख ही प्रामाणिक स्रोत हैं।
Qविश्वास नांगरे पाटिल की शिक्षा क्या है?
उन्होंने BA (इतिहास) शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर से की। IPS में चयन के बाद उस्मानिया विश्वविद्यालय से MBA (पुलिस प्रबंधन) और LLB भी किया। SSC में उन्होंने तालुका विद्यालय से 88% अंक प्राप्त किए थे।
Qविश्वास नांगरे पाटिल वर्तमान में किस पद पर हैं?
विश्वास नांगरे पाटिल वर्तमान में महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में अपर महानिदेशक पुलिस (ADGP) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे नासिक नगर के पुलिस आयुक्त और मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त रह चुके हैं।
Qविश्वास नांगरे पाटिल की पत्नी कौन हैं?
विश्वास नांगरे पाटिल की पत्नी का नाम रुपाली नांगरे पाटिल है। उनका विवाह 28 नवंबर 2000 को धुले में हुआ था — उस समय विश्वास जी धुले में ही Deputy SP के रूप में कार्यरत थे।
Qविश्वास नांगरे पाटिल की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक कौन सी है?
विश्वास नांगरे पाटिल की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक “मन में है विश्वास” है, जो मराठी में लिखी आत्मकथात्मक पुस्तक है। इसमें उनकी जीवनयात्रा, संघर्ष, 26/11 के अनुभव और युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश हैं। उनकी दूसरी पुस्तक “कर हर मैदान फतह” भी मराठी में है।
Q26/11 मुंबई हमलों में उनकी क्या भूमिका थी?
26 नवंबर 2008 को DCP ज़ोन-1 के रूप में विश्वास नांगरे पाटिल बिना बुलेटप्रूफ जैकेट के ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने। उन्होंने एक आतंकवादी को पैर में गोली मारी, जिससे होटल में मौजूद अनेक लोगों की जान बची। उनके एक अंगरक्षक इस मुठभेड़ में शहीद हुए। इस वीरता के लिए उन्हें 2015 में PPMG से सम्मानित किया गया।

FAQ — विश्वास नांगरे पाटिल

Qविश्वास नांगरे पाटिल की उम्र कितनी है?
उनका जन्म 5 अक्टूबर को हुआ था। जन्म वर्ष सार्वजनिक स्रोतों में अनिश्चित है — अधिकांश स्रोत लगभग 1973 बताते हैं। इस आधार पर जून 2026 में उनकी आयु लगभग 52–53 वर्ष है।
Qविश्वास नांगरे पाटिल किस कैडर के IPS अधिकारी हैं?
वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1997 बैच के महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी हैं।
Qविश्वास नांगरे पाटिल का परिवार कैसा है?
उनकी पत्नी रुपाली नांगरे पाटिल हैं (विवाह: 28 नवंबर 2000, धुले)। उनके दो बच्चे हैं — पुत्री जान्हवी और पुत्र रणवीर। उनके पिता नारायण नांगरे पाटिल ग्राम सरपंच थे और 79 वर्ष की आयु में स्वर्गवासी हो गए।
Qविश्वास नांगरे पाटिल क्यों प्रसिद्ध हैं?
वे मुख्यतः तीन कारणों से प्रसिद्ध हैं: 26/11 हमलों में ताज होटल में प्रवेश करने वाले पहले पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी वीरता, राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य से सम्मान, और एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से शीर्ष पुलिस अधिकारी बनने की प्रेरणादायक कहानी।
Qविश्वास नांगरे पाटिल की पुत्री का क्या नाम है?
विश्वास नांगरे पाटिल की पुत्री का नाम जान्हवी नांगरे पाटिल है। उनके पुत्र का नाम रणवीर नांगरे पाटिल है।
Qविश्वास नांगरे पाटिल का जन्म कहाँ हुआ था?
उनका जन्म महाराष्ट्र के सांगली जिले के बत्तीस शिराला तालुका के कोकरुड गाँव में हुआ था।
Qविश्वास नांगरे पाटिल ने कितनी पुस्तकें लिखी हैं?
उन्होंने मराठी में दो प्रमुख पुस्तकें लिखी हैं — “मन में है विश्वास” (आत्मकथात्मक) और “कर हर मैदान फतह” (प्रेरणादायक)। दोनों पुस्तकें युवाओं में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
Qक्या विश्वास नांगरे पाटिल सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं?
हाँ, उनके भाषण और इंटरव्यू यू-ट्यूब पर लाखों बार देखे जा चुके हैं। वे समय-समय पर UPSC अभ्यर्थियों और युवाओं को मार्गदर्शन देते हैं।
Qविश्वास नांगरे पाटिल और UPSC अभ्यर्थियों के लिए क्या संदेश है?
उनका मुख्य संदेश है — 15 वर्ष की आयु में लक्ष्य तय करें, आत्मविश्वास कभी न खोएं, विफलता को सबक मानें और नियमित अनुशासित परिश्रम करें। वे कहते हैं कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं है — संकल्प की कमी है।
Qविश्वास नांगरे पाटिल का PPMG क्या होता है?
PPMG का अर्थ है President’s Police Medal for Gallantry (राष्ट्रपति पुलिस पदक — शौर्य)। यह भारत का सर्वोच्च पुलिस वीरता सम्मान है। नांगरे पाटिल के नाम के साथ “PPMG” इसी सम्मान का प्रतीक है।

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