ऋषि अग्रवाल का जीवन परिचय । ABG Shipyard Scam, Rishi Agarwal B

ऋषि अग्रवाल का जीवन परिचय । ABG Shipyard Scam,RishiAgarwal Biography In Hindi

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भारत का सबसे बड़ा घोटाला जिसको सुनकर अच्छे लोगो के दिमाग चकरा जाये .बीजी शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और एमडी ऋषि अग्रवाल ने भारत के 28 बैंकों को 22 842 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया है । 

सूत्रों ने कहा कि सीबीआई 8 फ़रवरी 2022 को ऋषि अग्रवाल के खिलाफ धोका धड़ी का मामला दर्ज किया और 12 जनवरी 2022 को उनके घर की तलाशी ली गयी जिसके बाद उन्हें समन जारी किया गया और उसके बाद उनसे पूछताछ की गई।

सीबीआई फ़िलहाल एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके पूर्व निदेशकों ऋषि अग्रवाल, संथानम मुथुस्वामी और अश्विनी कुमार की जांच कर रही है, जिन पर 22,842 करोड़ रुपये में से 28 बैंकों को धोखा देने का आरोप लगाया गया है। जांच अभी भी जारी है। 

Rishi Agarwal 1
ऋषि अग्रवाल

ऋषि अग्रवाल का जीवन परिचय 

नाम (Name)ऋषि अग्रवाल
प्रसिद्द (Famous for )22,842 करोड़ रुपये का घोटाला
जन्म की तारीख (Birthday )साल 1969
उम्र (Age )53 साल (साल 2022 )
जन्म स्थान (Place of born )कोडरमा , झारखंड
शिक्षा  (Educational )एमबीए
कॉलेज (Collage )पर्ड्यू यूनिवर्सिटी ,अमेरिका
गृहनगर (Hometown)कोडरमा , झारखंड
लंबाई (Height )5 फ़ीट 6 इंच
वजन (Weight )68 किग्रा
आँखों का रंग (Eye Color)काला
बालो का रंग( Hair Color)काला
धर्म (Religion)हिन्दू
नागरिकता(Nationality)भारतीय
पेशा (Profession)  बीजी शिपयार्ड के मालिक
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)  विवाहित

ऋषि अग्रवाल कौन है ? (Who is  Rishi Agarwal )

ऋषि अग्रवाल एबीजी शिपयार्ड कंपनी के चेयरमैन और एमडी हैं . उनके ऊपर भारत के 28 बैंकों के साथ 22842 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. इस घोटाले के मामले में 7 फरवरी को उनके ऊपर CBI ने केस दर्ज किया था.

ऋषि अग्रवाल का जन्म एवं शिक्षा (Birth & Education )

एबीजी शिपयार्ड के मालिक ऋषि अग्रवाल का जन्म साल 1969 कोडरमा में हुआ था। कोडरमा , झारखंड में पड़ता है. कोडरमा में पले बड़े होने वाले ऋषि अग्रवाल का सपना कुछ बड़ा करने का था इसिलिय वो जल्द से जल्द मुंबई आना चाहते थे .

ऋषि ने अपनी पढाई अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से की है जहां से उन्होंने अपना एमबीए में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की .

ऋषि अग्रवाल का शुरुआती जीवन (Early Life )

अग्रवाल को शुरू से ही शिपिंग के बिज़नेस से बहुत लगाव था और वह शिपिंग का बिजनेस करना चाहते थे.

उन्होंने आरएस नकारा से मगडाला शिपयार्ड में 8 लाख रुपये देकर एक जमींन खरीद ली. बाद में इसी जमीन के ऊपर उन्होंने एबीजी शिपयार्ड कंपनी बनाई जो बड़े और छोटे मोटे जहाजों के निर्माण का काम करती है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रवाल को उनके बिज़नेस में पहला ऑर्डर उनके मामा द्वारा ही दिया गया था।

एबीजी शिपयार्ड कंपनी के बारे में

एबीजी शिपयार्ड कंपनी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है जो गुजरात में सूरत और दहेज में जहाजों का निर्माण करती है। ऋषि कमलेश अग्रवाल एबीजी शिपयार्ड के मालिक/अध्यक्ष हैं। यह कंपनी अभी तक  नौसेना और कोस्टगार्ड के लिए भी बड़े बड़े जहाज बना चकी है।

इस कंपनी का गठन 1985 में हुआ था, इसका मुख्यालय मुंबई में है। जिसने अब तक 175 से अधिक नए जहाज बनाए हैं, जिनमे से 45 जहाज दूसरे देशों के लिए बनाए हैं जिनकी आपूर्ति देश-विदेश में की जाती है। 

एबीजी शिपयार्ड कंपनी नए जहाज बनाने के साथ-साथ अपने पुर्जों की मरम्मत और बिक्री भी करती है।

क्या है ABG Shipyard Scam?

एबीजी शिपयार्ड ने 16 सालो में 165 से अधिक जहाजों का निर्माण किया है। एबीजी शिपयार्ड की कंपनी को पहली बार 2016 में एक कंगाल कंपनी (NPA )घोषित कर दिया था। NPA का मतलब होता है नॉन प्रॉफिट एसेट यानि की एक ऐसी संपत्ति जिससे कोई फायदा ना हो रहा है

बाद में, SBI BANK ने 8 नवंबर, 2019 को अपनी पहली शिकायत दर्ज की। ऋण खाते को 2019 में धोखाधड़ी घोषित किया गया था। SBI BANK ने अगस्त 2020 में एक और नई शिकायत दर्ज की।

इस शिकायत के बाद, CBI ने 7 फरवरी, 2022 को शिकायत की प्राथमिकी पर डेढ़ साल से अधिक समय तक “जांच” करने के बाद SBI BANK की शिकायत पर कार्रवाई की।

अग्रवाल के अलावा CBI ने तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने उन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के कथित अपराधों के लिए मामला दर्ज किया है। 

सीबीआई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने शनिवार, 12 फरवरी को सूरत में निजी कंपनी के निदेशकों सहित आरोपियों के परिसरों में 13 स्थानों पर तलाशी ली। 

एबीजी शिपयार्ड द्वारा ठगे गए बैंक

भारतीय स्टेट बैंक की एक शिकायत के अनुसार, कंपनी पर बैंक का ₹ 22,842करोड़ का बकाया बाकी है जिनमे से निम्न बैंक शामिल है

  • ICICI बैंक का ₹ 7,089 करोड़,
  • IDBI बैंक का ₹ 3,634 करोड़,
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा का ₹ 1,614 करोड़,
  • पंजाब नेशनल बैंक का ₹ 1,244 बकाया है।
  • पीएनबी) और इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) का ₹ 1,228 करोड़। 

सीबीआई ने कहा कि धन का इस्तेमाल बैंकों द्वारा जारी किए गए उद्देश्यों के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया था।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ अलग से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच भी शुरू कर दी है।

देश का सबसे बड़ा घोटाला (India Biggest Scam )

एबीजी शिपयार्ड : यह देश का अब तक सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है क्योकि इस घोटाले में 28 बैंकों के साथ 22 842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. 

नीरव मोदी : देश का दूसरा सबसे बड़ा घोटाला तब घटा जब जनवरी 2018 में नीरव मोदी (Nirav Modi) का नाम सामने आया था. नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 13 570 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी .

विजय माल्या : देश का तीसरा सबसे घोटाला तब हुआ जब जुलाई 2015 में कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) का नाम सामने आया था. इस घोटाले में 17 बैंकों से 9000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई थी.

ऋषि अग्रवाल की संपत्ति

2016-17 में उनका राजस्व 16.40 करोड़ रुपये था, जबकि कर्ज 10,000 करोड़ रुपये था।

FAQ

कौन हैं ऋषि अग्रवाल?

ऋषि अग्रवाल एबीजी शिपयार्ड कंपनी के चेयरमैन और एमडी हैं .

सीबीआई ने ऋषि अग्रवाल पर मामला क्यों दर्ज किया?

एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (एमडी) ऋषि कमलेश अग्रवाल पर सीबीआई ने आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गुंडागर्दी, बेईमानी, घोर विश्वास के उल्लंघन और आधिकारिक स्थान के दुरुपयोग के लिए मामला दर्ज किया है। 
इसके अलावा, वह वडाराज एनर्जी लिमिटेड, गुजरात के एमडी हैं।

ऋषि अग्रवाल के घोटाले में किन बैंकों का हाथ रहा है?

भारतीय स्टेट बैंक की एक शिकायत के अनुसार, कॉरपोरेट पर वित्तीय संस्थान का ₹ 2,925 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक का ₹ 7,089 करोड़, आईडीबीआई बैंक का ₹ 3,634 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा का ₹ 1,614 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक का ₹ 1,244 बकाया है। (पीएनबी) और इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) को ₹ 1,228 करोड़। 
सीबीआई ने कहा कि धन का उपयोग उन कार्यों के लिए किया गया है जिनके लिए उन्हें बैंकों द्वारा लॉन्च किया गया है।

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अंतिम कुछ शब्द –

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