राणा अय्यूब का जीवन परिचय |Rana Ayyub Biography In Hindi

राणा अय्यूब का जीवन परिचय |Rana Ayyub Biography in Hindi

राणा अय्यूब का जीवन परिचय ,जीवनी , बायोग्राफी ,कौन है ,विवाद (Rana Ayyub Biography In Hindi ,boyfriend ,Who is  Rana Ayyub ,Age, Height, Caste, Boyfriend   )

राणा अय्यूब एक भारतीय महिला पत्रकार हैं। उन्होंने पहले तहलका के लिए एक पत्रकार के रूप में काम किया, और अब एक बिना किसी पत्रिका के साथ जुड़े हुए स्वतंत्र होकर लेख लिखती हैं। 

राणा अय्यूब ने संगठन के प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप से निपटने के विरोध में नवंबर 2013 में तहलका पत्रिका से इस्तीफा दे दिया, ।

 वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना करती रही हैं। अयूब की गुजरात फर्जी मुठभेड़ों की जांच को आउटलुक पत्रिका ने दुनिया भर में अब तक की बीस महानतम पत्रिका कहानियों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया है। वह गुजरात फाइल्स: एनाटॉमी ऑफ ए कवर अप की लेखिका हैं।

राणा अय्यूब
राणा अय्यूब

राणा अय्यूब का जीवन परिचय

पूरा नाम (Full Name )राणा अय्यूब खान
जन्मदिन (Birthday)1 मई 1984
उम्र (Age )38 साल (साल 2022 में )
जन्म स्थान (Birth Place)श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर, भारत
शिक्षा (Education )सामाजिक संचार और मीडिया में पोस्टग्रैजुशन
स्कूल (School )श्रीनगर से की स्कूली शिक्षा
कॉलेज (Collage )जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली, भारत
राशि (Zodiac)वृषभ राशि
नागरिकता (Citizenship)भारतीय
गृह नगर (Hometown)श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर, भारत
धर्म (Religion)इस्लाम
लम्बाई (Height)5 फीट 6 इंच
वजन (Weight )60 किग्रा
आंखो का रंग (Eye Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)काला
शौक (Hobbies )यात्रा करना, पढ़ना, संगीत सुनना
पेशा (Occupation)पत्रकार, लेखक
वैवाहिक स्थिति Marital Statusअविवाहित

राणा अय्यूब का जन्म एवं शुरुआती जीवन (Rana Ayyub Birth & Early Life )

राणा अय्यूब की जन्म तिथि 1 मई 1982 है और वह एक भारतीय है । उनका जन्म श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में एक उच्च-मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।

उनके पिता मोहम्मद अय्यूब वक़िफ़, ब्लिट्ज पत्रिका में एक लेखक के रूप में काम करते थे , ब्लिट्ज मुंबई की एक पत्रिका थी। इसके अलावा उनके एक प्रगतिशील लेखक आंदोलन के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे।

जब मुंबई शहर में साल 1992-93 में दंगे हुए तो इस दौरान परिवार मुस्लिम बहुल उपनगर देवनार में चला गया , जहां राणा ने अपना बचपन बिताया है।

राणा अय्यूब की शिक्षा (Rana Ayyub Education )

राणा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्कूली शिक्षा श्री नगर के स्थानीय स्कूल से पूरी हुई। आगे की पढाई के लिए उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दाखिला लिया जहां से उन्होंने सोशल कम्युनिकेशंस और मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढाई पूरी की ।

राणा अय्यूब का पत्रकारिता से लेकर बहरूपिया बनने तक सफर (Career )

राणा ने तहलका नाम की एक पत्रिका के लिए लेखक का काम किया, जो दिल्ली स्थित एक राजनीतिक समाचार पत्रिका है।  वह पहले सामान्य रूप से भाजपा की, साथ ही विशेष रूप से नरेंद्र मोदी की भी आलोचना करती रहती हैं। इनके अलावा वह एक रेडिओ शो पर भी काम कर चुकी है।

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राणा अय्यूब रेडिओ शो में

उन्हें एक खोजी पत्रकार के रूप में काम करने की अनुमति दी गई थी, और उनका मुख्य कार्य स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देना था जो उनकी पुस्तक गुजरात फाइल्स के आधार के रूप में काम करता था। 

दुर्भाग्य से, स्टिंग ऑपरेशन पर तहलका के प्रबंधन ने अय्यूब द्वारा लिखित या उसके द्वारा हासिल की गई सामग्री के आधार पर किसी भी टुकड़े को छापने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने तहलका के साथ कई महीनों तक काम करना जारी रखा।

उन्होंने नवंबर 2013 में तहलका पत्रिका से इस्तीफा दे दिया और अय्यूब अब आत्मनिर्भर हैं। हालाँकि, सितंबर 2019 में, उन्हें वाशिंगटन पोस्ट के ग्लोबल ओपिनियन सेक्शन के लिए एक योगदान लेखक के रूप में नियुक्त किया गया था। 

फिर, अक्टूबर 2020 में, हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII) के अध्यक्ष के रूप में अभिनेता गजेंद्र चौहान के विवादास्पद चयन के जवाब में अय्यूब द्वारा लिखित एक खुला पत्र जारी किया।

खबर निकलवाने के लिए बहरूपिया तक बनी

पत्रिका तहलका के साथ काम करने वाली एक खोजी पत्रकार के रूप में, उन्हें गुजरात के राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों को फंसाने के उद्देश्य से एक दीर्घकालिक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एक परियोजना शुरू करने की अनुमति दी गई थी।

 उसके बाद उसने अपने चुने हुए लक्ष्यों से दोस्ती करने के लिए लगभग 10 महीने लगातार अपनी वेशभूषा बदल कर एक बेहरुपीये के रूप में बिताए।

हिन्दू लड़की के नाम से पहचान बना कर किया करती थी स्टिंग ओप्रशन

जब वह तहलका पत्रिका के लिए काम कर रही थी तब उन्होंने अपने स्टिंग ऑपरेशन के लिए एक हिंदू लड़की का पहचान पत्र भी बनाया। वह इस ऑपरेशन में पूरी तरह से लगी हुई थीं और उन्होंने पूरी लगन से काम लिया। 

स्टिंग ऑपरेशन की समाप्ति पर तहलका के प्रबंधन ने इसे प्रकाशित करने से इनकार कर दिया. फिर भी उसने अपना ऑपरेशन जारी रखा, और अंत में इसे ‘ गुजरात फाइल्स: एनाटॉमी ऑफ ए कवर अप’ के रूप में प्रकाशित किया।

लेखक के रूप में राणा अय्यूब का करियर

उन्होंने “गुजरात फाइल्स: एनाटॉमी ऑफ ए कवर-अप” नामक पुस्तक लिखी। पुस्तक की तैयारी के दौरान, उन्होंने गुजरात के कई नौकरशाहों और पुलिस कर्मियों की एक वीडियो रिकॉर्डर डिवाइस द्वारा बनाई गई रिकॉर्डिंग की पूरी प्रतिलिपि का दस्तावेजीकरण किया। 

इस दौरान उनका ‘तहलका’ से भी झगड़ा हो गया था। इसी तरह, उनके उपन्यास को मशहूर हस्तियों के साथ साथ अन्य लोगो ने भी सराहा। 

राणा अय्यूब को जान से मारने की धमकी मिलना

वर्ष 2018 में, राणा अय्यूब को ट्विटर पर कई हत्या और बलात्कार की धमकी मिली। उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अपराधी का पता नहीं चलने के कारण मामला बंद कर दिया गया। 

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ट्विटर पर राणा अय्यूब को जान से मारने की धमकी मिलना

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भारतीय अधिकारियों से इंटरनेट से नफरत फैलाने वाले अभियान के बाद उसे मौत की धमकियों से “रक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई” करने का आग्रह किया।

राणा अय्यूब की उपलब्धियां और पुरस्कार ( Awards & Achievements )

  • राणा अय्यूब को साल 2002 में मोस्ट रेजिलिएंट जर्नलिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • उन्हें पत्रकारिता की बहादुरी के लिए मैकगिल मेडल से भी सम्मानित किया गया.
  • मुस्लिम पब्लिक अफेयर्स काउंसिल ऑफ यूएसए के 2020 वॉयस ऑफ करेज एंड कॉन्शियस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।
  • टाइम पत्रिका ने अय्यूब की पहचान दुनिया भर के उन 10 पत्रकारों में से एक के रूप में की है, जो अपने जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा करते हैं।

राणा अय्यूब के विवाद (Rana Ayyub Controvercy )

28 अगस्त, 2021 को एक संस्था द्वारा उनके ऊपर गरीबो का पैसा लूटने का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवाई। संस्था ने आरोप लगाया गया था की अय्यूब ने तीन अभियानों में एक ऑनलाइन क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म जिसका नाम “केटो” था उसके माध्यम से करोड़ों की राशि जुटाई। 

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राणा अय्यूब के विवाद को लेकर आजतक न्यूज़ की हैडलाइन

यह पैसा अप्रैल-मई 2020 के दौरान झुग्गीवासियों और किसानों के लिए एकत्र किया गया था।

राणा अय्यूब द्वारा केटो पर कुल ₹2,69,44,680 का फंड जुटाया गया। ये राशि उसकी बहन/पिता के बैंक खातों में निकाली गई। इस राशि में से, ₹72,01,786 उसके अपने बैंक खाते में वापस ले ली गई.

उसकी बहन इफ्फत शेख के खाते में 37 लाख से अधिक और उसके पिता मोहम्मद में ₹ 1.60 करोड़ से अधिक की निकासी की गई। अय्यूब ने ₹31.16 लाख के खर्च से संबंधित कई सबूत पेश किए। हालांकि उनके द्वारा पेश किया सारे बिल नकली थे और उन्होंने असलियत में गरीबो की मदद के लिए मात्र ₹17.66 लाख ही खर्च किये थे ।

उन्होंने फण्ड से मिले पैसो में से 50 लाख रुपयों को फिक्स्ड डिपाजिट में जमा कर दिया था। उन्होंने 50 लाख रुपयों की एफडी करवाने के लिए एक अलग से नया बैंक अकाउंट भी खुलवाया था।

FAQ

राणा अय्यूब कौन है ?

राणा अय्यूब एक महिला पत्रकार हैं। उन्होंने पहले तहलका के लिए एक पत्रकार के रूप में काम किया, और अब एक बिना किसी पत्रिका के साथ जुड़े हुए स्वतंत्र होकर लेख लिखती हैं। 

राणा अय्यूब का असली नाम क्या है ?

राणा अय्यूब खान

राणा अय्यूब का बॉयफ्रेंड कौन है ?

अभी तक वह सिंगल है।

राणा अय्यूब का धर्म क्या है ?

इस्लाम

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अंतिम कुछ शब्द –

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