इयान कार्डोज़ो का जीवन परिचय,गोरखा मूवी, कहानी। Ian Cardozo

इयान कार्डोज़ो का जीवन परिचय,गोरखा मूवी, कहानी। Ian Cardozo Biography in Hindi

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मेजर जनरल इयान कार्डोजो भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी हैं। वह एक बटालियन और एक ब्रिगेड की कमान संभालने वाले भारतीय सेना के पहले युद्ध-विकलांग अधिकारी थे। 

वह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी बटालियन 4/5 गोरखा राइफल्स में शामिल हुए। उनकी रेजिमेंट उन्हें ‘कार्टूस साहिब” के नाम से बुलाया करती थी , क्योंकि सैना के जवानो लिए उनके नाम का सही उच्चारण करना मुश्किल था। 

युद्ध के समय, कार्डोज़ो ने एक बारूदी सुरंग पर कदम रखा और उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण, उन्हें अपना पैर काटने के लिए अपनी खुकरी का उपयोग करना पड़ा। 

बाद में, उनकी यूनिट ने पाकिस्तानी सेना के एक सर्जन को पकड़ लिया, जिसने कार्डोज़ो के पैर का ऑपरेशन किया था। गोरखा रेजीमेंट के मेजर कार्डोजो ने युद्ध में अपना पैर गंवाने के बाद भी जीवन में कभी हार नहीं मानी। 

मेजर कार्डोजो बटालियन की कमान संभालने वाले भारतीय सेना के पहले विकलांग अधिकारी बने। सरकार ने उन्हें पाक युद्ध में उनकी बहादुरी के लिए सेना पदक से सम्मानित किया।

Major General Ian Cardozo
मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो का जीवन परिचय

नाम ( Name)इयान कार्डोज़ो
निक नेम (Nick Name )कार्टूस  साहब  ,कार्ट्रिज
प्रसिद्धी का कारण (Famous For )1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी बहादुरी के लिए
जन्म (Birth)7 अगस्त, 1937
उम्र (Age )84 साल (साल 2021 में )
जन्म स्थान (Birth Place)बॉम्बे ,  बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत 
गृहनगर (Hometown)नई दिल्ली ,भारत
शिक्षा Education Qualificationस्नातक
स्कूल (School )सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, फोर्ट 
कॉलेज (College) सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
धर्म (Religion)ईसाई
राशि (Zodiac Sig)सिंह  राशि
कद (Height)5 फीट 8 इंच
आंखों का रंग (Eye Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)सफ़ेद
पेशा (Profession)रिटायर्ड इंडियन फोर्स ऑफिसर
सर्विस / ब्रांच ( Army Service/Branch)भारतीय सेना
रैंक (Rank) मेजर जनरल
सर्विस के साल (Service-Years)सन 1954 से 1993 तक
यूनिट (Unit)1/ 5 गोरखा राइफल्स एवं 4/ 5 गोरखा राइफल्स
युद्ध/लड़ाई (Wars/Battles)• 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध
• सिलहट की लड़ाई
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो का शुरूआती जीवन (Early Life )

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो का जन्म 7 अगस्त, 1937 को बॉम्बे , बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत  के एक आम परिवार में पिता  विन्सेंट कार्डोज़ो एवं माँ डायना कार्डोज़ो के यहां हुआ था।

इयान कार्डोज़ो बचपन से ही एक आम घर के बच्चे थे और एक सामान्य जीवन व्यतीत करते थे । हां, लेकिन उनके सपने कभी आम नहीं रहे। कहा जाता है कि इयान में बचपन से ही देश के लिए कुछ करने की तमन्ना थी। वह इस मंजिल तक पहुंचने का एक ही रास्ता जानते थे और वह वह थी भारतीय सेना।

इयान को बचपन से ही पता था कि सेना के जरिए ही वह अपने देश के लिए कुछ कर सकता है। इसलिए उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही इसके लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया था।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की शिक्षा (Education )

इयान कार्डोज़ो ने अपनी शुरूआती पढाई सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, फोर्ट से प्राप्त की उसके बाद उन्होंने आगे की पढाई पूरी करने के लिए  सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई में दाखिला लिया और अपनी स्नातक की डिग्री हासिल की।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो का परिवार ( Family)

पिता का नाम (Father’s Name) विन्सेंट कार्डोज़ो
माता का नाम (Mother’s Name)डायना कार्डोज़ो (née de Souza)
पत्नी का नाम (Wife ’s Name) प्रिसिला कार्डोज़ो
बच्चो के नाम (Children ’s Name)3 बेटे (नाम ज्ञात नहीं )

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो का करियर

कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने सीधे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में दाखिला लिया। यहीं से उनकी सेना का सफर शुरू हुआ। अकादमी में अपनी पढ़ाई के दौरान, इयान ने हर चीज पर बहुत ध्यान दिया।

इयान ने कुछ ही वर्षों में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं रुके। इसके बाद वे सीधे भारतीय सैन्य अकादमी में शामिल हो गए। 

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गोरखा राइफल्स की 5 वीं रेजिमेंट

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की तरह यहां भी इयान का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इतना ही नहीं अपनी ट्रेनिंग खत्म होने से पहले ही इयान को 5 गोरखा राइफल्स ( फ्रंटियर फोर्स ) में जगह मिल गई थी। 

इयान को 5 गोरखा राइफल्स में जगह मिलने के बाद में उन्होंने गोरखा राइफल्स की 5 वीं रेजिमेंट की पहली बटालियन की कमान संभाली।।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की कहानी

इयान कार्डोजो पांचवीं गोरखा राइफल्स के मेजर जनरल थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान एक ऐसी घटना हुई थी जब मेजर जनरल इयान कार्डोजो को खुद अपना पैर काटना पड़ा था। 

भारत-पाक युद्ध (1971)

1971 में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव चल रहा था। युद्ध की संभावना प्रतीत हो रही थी। कुछ ही देर में युद्ध की भी खबर आ गई। यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान की स्वतंत्रता के लिए छिड़ गया।

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भारत पाक युद्द 1971

अगर पाकिस्तान ने पहल की तो भारत को युद्ध में जाना होगा। ऐसे में भारत ने अपनी सेना भेजनी शुरू कर दी। पहले भेजे गए सैनिकों में से एक गोरखा रेजीमेंट का था।

इयान 4/5 गोरखा राइफल्स में थे। हालाँकि, उन्हें शुरू में ही युद्ध में भाग लेने का मौका नहीं मिला। उन्हें युद्ध का हिस्सा बनाया गया था, जब उनका एक अधिकारी पाकिस्तानी सेना से लड़ते हुए शहीद हो गया था।

इयान को उसकी जगह लेने के लिए युद्ध में जाना पड़ा। इतना ही नहीं इस दौरान इयान भारतीय सेना के पहले हेलिकॉप्टर मिशन का भी हिस्सा बने। 

जब इयान और उसके साथी अपने गंतव्य पर पहुंचे, तो उन्हें वहां भारी गोलियों का सामना करना पड़ा। सामने एक बहुत बड़ी सेना खड़ी थी और उनके साथ एक छोटी सी टुकड़ी भी मौजूद थी।

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनकी टुकड़ी ने हार नहीं मानी। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के साथ लड़ाई जारी रखी।भोजन और गोला-बारूद खत्म हो रहे थे, लेकिन फिर भी वह कायम रहा।

जब मेजर ने काटा खुद का पैर –

हर गुजरते दिन के साथ लड़ाई और भी गंभीर होती जा रही थी। सभी इकाइयाँ सेना से बैकअप का इंतज़ार कर रही थीं। इसी बीच इयान की टुकड़ी को पास में फंसे कुछ बांग्लादेशी कैदियों को निकालने का काम मिला। 

उन्हें बीएसएफ की एक टुकड़ी के साथ मिलकर इस मिशन को अंजाम देना था। दोनों इकाइयाँ कैदी के यहाँ पहुँच गईं।

पाकिस्तानी सेना से लड़ते हुए और आगे बढ़ते हुए उसने उस जगह को पूरी तरह खाली कर दिया था। अब बस जरूरत थी, उन घायल और कमजोर कैदियों को सेना के शिविर में लाने की।

 बीएसएफ अधिकारी ने जब पूछा कि उन कैदियों को लाने का काम कौन करेगा, तो इयान ने कहा कि वह करेंगे. बंदियों की मदद के लिए वह जल्दी-जल्दी उनके पास जाने लगा।

हालांकि, इयान को नहीं पता था कि वह एक बड़े जाल में फंसने वाला है। उसने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि वह जिस जगह जा रहा है, वहां पाकिस्तानी सेना पहले ही लैंड माइंस बिछा चुकी है।

इयान कुछ ही कदम चला था कि उसका पैर एक खदान पर गिर गया। जोरदार धमाका हुआ और इयान बहुत दूर गिर गया। उसके पूरे शरीर से खून बह रहा था। उसकी आँखों के सामने अँधेरा था।

 सेना के जवानों के आने से पहले एक बांग्लादेशी ने इयान को घायल देखा। वह तुरन्त उसके पास गया, उसे उठाकर सेना में ले गया। इसके तुरंत बाद सेना इयान को अपने शिविर में ले गई।

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घायल मेजर को ले जाती हुई भारतीय सैना

इयान को सफलतापूर्वक शिविर में ले जाया गया लेकिन शिविर में उसका इलाज करने के लिए कोई चिकित्सक नहीं था। भारतीय सेना से मदद के लिए अभी भी समय था। सभी को डर था कि कहीं इयान की मौत न हो जाए। हालांकि, इयान होश में आ गया और सभी खुश थे। 

इयान को होश आ गया था लेकिन उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई थी। लैंड माइन पर पड़े उसके पैर की हालत बहुत खराब थी। 

उन्होंने पास खड़े जवानों से मॉर्फिन मांगा लेकिन उन्होंने कहा कि यह उपलब्ध नहीं है. इसके बाद इयान ने कुछ और दवाओं का नाम लिया, लेकिन सेना के पास कोई दवा नहीं बची.

जब कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने अपने साथियों से कहा कि उसका पैर काट दो! उन्होंने उसका पैर काटने से इनकार कर दिया क्योंकि उनके पास चिकित्सा उपकरण नहीं थे।

 इसके बाद इयान ने उन्हें अपनी खुकरी दी और उनका पैर काटने को कहा लेकिन उनके साथियों ने इससे इनकार कर दिया।

 हर कोई हैरान था कि इयान अपने पैर को काटने के लिए कैसे बोल सकता है। अंत में जब कोई इस काम के लिए राजी नहीं हुआ तो इयान ने खुद इसे करने का फैसला किया।

उसने अपनी खुकरी ली और बिना किसी हिचकिचाहट के उसका पैर काट दिया! उसने सामने खड़े सिपाही से कहा कि पैर मिट्टी में गाड़ दो।

 इयान के इस काम को देख हर कोई हैरान रह गया. इयान ने युद्ध में बने रहने के लिए अपना पैर काटने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। 

भारत का युद्ध जीतना  

कुछ ही दिनों में भारत की जीत का बिगुल बज उठा। सेना को वापस देश ले जाने की व्यवस्था की गई। देश वापस आने के बाद जब इयान की बहादुरी की कहानी लोगों के सामने रखी गई तो यह सुनकर हर कोई हैरान रह गया.

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मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो को मैडल से नवाजते हुए

 इयान के इस साहसी कार्य की सभी ने सराहना की। उन्हें अपने काम के लिए ‘सेना मेडल’ से भी नवाजा गया था। इयान ने सबको दिखाया कि एक सैनिक देश के लिए कुछ भी कर सकता है। उनकी वीरता की गाथा आज भी याद की जाती है।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो पर बन रही फिल्म -गोरखा (Gorkha Movie)

अभिनेता अक्षय कुमार ने एक बटालियन और एक ब्रिगेड की कमान संभालने वाले भारतीय सेना के पहले युद्ध-विकलांग सेना अधिकारी पर आधारित फिल्म के लिए फिल्म निर्माता संजय पीएस चौहान का साथ दिया है । यह फिल्म युद्ध नायक मेजर जनरल इयान कार्डोजो पर आधारित होगी। 

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फिल्म -गोरखा

फिल्म की घोषणा करते हुए, कुमार ने ट्विटर पर लिखा,

“कभी-कभी आपके सामने इतनी प्रेरक कहानियां आती हैं कि आप उन्हें बनाना चाहते हैं। #गोरखा- महान युद्ध नायक मेजर जनरल इयान कार्डोजो के जीवन पर ऐसी ही एक फिल्म है ”

अक्षय कुमार ने भी फिल्म से अपना फर्स्ट लुक शेयर किया। इन फोटोज में एक्टर मिलिट्री यूनिफॉर्म में नजर आ रहे हैं. देखने से ऐसा लग रहा है कि वह जंग का नारा दे रहे हैं। 

एक तस्वीर में उनके हाथ में तलवार है और उनकी तीव्र निगाहें उनके दुश्मनों को डराने के लिए निश्चित हैं। पोस्टर पर “भारत की 75 वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ का जश्न” शब्द इस बात का संकेत देते हैं कि गोरखा 2022 में स्वतंत्रता दिवस पर सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती हैं।

FAQ

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो कौन है ?

मेजर जनरल इयान कार्डोजो भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी हैं।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की मृत्यु कब हुई ?

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो अभी जिन्दा है उनकी उम्र साल 2021 में 84 साल हो गयी है

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की कहानी क्या है ? 

गोरखा रेजीमेंट के मेजर कार्डोजो ने युद्ध में अपना पैर खुकरी से काटने के बाद भी भारत पाक का युद्द लड़ा था।

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की कहानी पर कौन सी फिल्म बन रही है ?

मेजर जनरल इयान कार्डोज़ो की कहानी पर बन रही फिल्म का नाम ”गोरखा ” है।

अंतिम कुछ शब्द 

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