रितेश अग्रवाल OYO के संस्थापक (OYO Founder), Group CEO, एंजेल निवेशक और Shark Tank India के जज हैं। यहां जानिए रितेश अग्रवाल कौन हैं, उनकी जीवनी (Ritesh Agarwal Biography), उम्र (Ritesh Agarwal Age), पत्नी गीतांशा सूद (Ritesh Agarwal Wife), शिक्षा, OYO की शुरुआत कैसे हुई, OYO कंपनी का मालिक कौन है (OYO Owner), OYO के CEO कौन हैं, OYO किस देश की कंपनी है, 2026 में उनकी नेट वर्थ (Ritesh Agarwal Net Worth), सफलता की कहानी, Shark Tank India में उनकी भूमिका तथा Wikipedia जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आसान हिंदी में।
रितेश अग्रवाल
रितेश अग्रवाल (जन्म 16 नवंबर 1993) भारत के एक बहुत बड़े बिज़नेसमैन हैं। वे OYO नाम की होटल कंपनी के Founder और PRISM (OYO की मूल कंपनी) के Group CEO हैं[1]। सिर्फ़ 19 साल की उम्र में उन्होंने OYO शुरू किया था, और आज वे भारत के सबसे युवा अरबपतियों में गिने जाते हैं। वे Shark Tank India में भी जज रह चुके हैं, जहाँ वे सबसे ज़्यादा संपत्ति वाले जज माने जाते हैं[13]।
रितेश अग्रवाल कौन हैं?
रितेश अग्रवाल भारत के एक मशहूर बिज़नेसमैन हैं। वे OYO नाम की होटल कंपनी के मालिक और Founder हैं। OYO एक ऐसी कंपनी है, जो सस्ते और अच्छे होटल बुक करने में मदद करती है।
रितेश ओडिशा के एक छोटे शहर से आते हैं। उनका परिवार एक छोटी सी दुकान चलाता था। कॉलेज छोड़ने के बाद उन्होंने सिर्फ़ 19 साल की उम्र में OYO शुरू किया। आज वे भारत के सबसे युवा अरबपतियों में से एक हैं।
ओडिशा में जन्म → छोटी दुकान वाले परिवार में पले-बढ़े → 13 साल की उम्र में SIM कार्ड बेचना शुरू किया → IIT की तैयारी के लिए कोटा गए, पर IIT नहीं गए → दिल्ली के एक कॉलेज में दाखिला लिया, फिर पढ़ाई छोड़ी → 2012 में Oravel Stays शुरू किया → 2013 में Thiel Fellowship जीती → कंपनी का नाम बदलकर OYO रखा → तेज़ी से पूरे भारत और दुनिया में फैले → कोविड में भारी नुकसान झेला → वापसी की और मुनाफे में आए → Shark Tank India में जज बने → अब PRISM नाम से कंपनी का IPO लाने की तैयारी।
| पूरा नाम | रितेश अग्रवाल |
| जन्म तारीख | 16 नवंबर 1993[1] |
| जन्म स्थान | बिसम कटक, रायगड़ा ज़िला, ओडिशा |
| परिवार | मारवाड़ी परिवार, टिटलागढ़ में पले-बढ़े; परिवार की छोटी दुकान थी |
| स्कूल | Sacred Heart School और St. John’s Senior Secondary School |
| आगे की पढ़ाई | दिल्ली के एक कॉलेज (ISBF) में दाखिला, बाद में पढ़ाई छोड़ी |
| पेशा | बिज़नेसमैन, Founder व Group CEO — PRISM (OYO) |
| कंपनी की शुरुआत | 2012 में Oravel Stays; 2013 में नाम बदलकर OYO |
| पत्नी | गीतांशा सूद |
| शादी | 7 मार्च 2023[1] |
| Shark Tank India | सीज़न 3 (2024) से जज |
| नेट वर्थ (2026, अनुमान) | करीब ₹14,400 – ₹17,000 करोड़ (मीडिया अनुमान) |
रितेश अग्रवाल का बचपन कैसा था?
रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर 1993 को ओडिशा के बिसम कटक नाम की जगह पर हुआ। उनका परिवार मारवाड़ी है। वे टिटलागढ़ में पले-बढ़े, और उनका परिवार रायगड़ा में एक छोटी सी दुकान चलाता था[1]।
माता-पिता और भाई-बहन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रितेश के पिता का नाम रमेश अग्रवाल था, और वे एक छोटा कारोबार चलाते थे[6]। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उनके पिता का निधन उनकी शादी के कुछ समय बाद एक दुर्घटना में हो गया था[4]। इस बारे में कोई एक आधिकारिक और पूरी तरह पुष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उनकी माता और भाई-बहन के बारे में भरोसेमंद जानकारी बहुत सीमित है, इसलिए इस लेख में इसे असत्यापित माना गया है।
रितेश अग्रवाल ने सिर्फ़ 13 साल की उम्र में स्कूल के बाद SIM कार्ड बेचने का काम शुरू कर दिया था। यह उनका पहला छोटा-सा बिज़नेस था[3]।
एक बड़ा बिज़नेस बनाने के लिए ज़रूरी नहीं कि आप बड़े शहर में पैदा हों। रितेश अग्रवाल की कहानी दिखाती है कि छोटे शहर से भी बड़े सपने पूरे हो सकते हैं।
रितेश अग्रवाल की पढ़ाई कहाँ हुई?
रितेश अग्रवाल ने अपनी स्कूली पढ़ाई Sacred Heart School से शुरू की, और बाद में St. John’s Senior Secondary School में पढ़ाई की[1]। 2011 में वे कॉलेज के लिए दिल्ली आ गए।
क्या रितेश अग्रवाल IIT गए थे?
यह एक बहुत बड़ा मिथक (गलत जानकारी) है। रितेश अग्रवाल कभी IIT के छात्र नहीं रहे। दसवीं के बाद वे IIT की Entrance Exam की तैयारी के लिए कोटा, राजस्थान गए थे — यानी वहाँ वे सिर्फ़ Coaching के लिए गए थे, IIT में पढ़ने नहीं। बाद में उन्होंने दिल्ली के एक कॉलेज (Indian School of Business and Finance, यानी ISBF) में दाखिला लिया, IIT में नहीं[6]। इसलिए “रितेश अग्रवाल IIT से पढ़े हैं” कहना गलत है।
क्या वे कॉलेज ड्रॉपआउट हैं?
हाँ। रितेश अग्रवाल ने दिल्ली के कॉलेज ISBF में दाखिला लिया था, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की। उन्होंने करीब 18 साल की उम्र में कॉलेज छोड़ दिया, ताकि वे पूरा समय अपने बिज़नेस पर लगा सकें[6]। यानी उनकी सबसे ऊंची पूरी हुई पढ़ाई स्कूल तक की है।
Peter Thiel Fellowship क्या है?
Peter Thiel Fellowship एक खास प्रोग्राम है, जिसे PayPal बनाने वाले Peter Thiel ने शुरू किया। इसमें दुनिया भर के कुछ चुनिंदा युवाओं को कॉलेज छोड़कर अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे और मदद दी जाती है। 2013 में रितेश अग्रवाल को यह Fellowship मिली, और उन्हें अपने बिज़नेस के लिए $100,000 (करीब ₹60 लाख उस समय) मिले[1]। वे एशिया से यह Fellowship पाने वाले पहले लोगों में शामिल थे।
OYO की शुरुआत कैसे हुई?
रितेश अग्रवाल को यह आइडिया अपने ही बुरे अनुभव से मिला। जब वे यात्रा करते थे, तो अक्सर उन्हें ऐसे होटल मिलते थे जो फोटो में तो अच्छे दिखते थे, पर असल में गंदे या टूटे-फूटे होते थे। इसी परेशानी को हल करने के लिए उन्होंने एक कंपनी बनाने की सोची।
OYO कब शुरू हुआ?
2012 में रितेश अग्रवाल ने Oravel Stays नाम से एक वेबसाइट शुरू की, जो Airbnb जैसी थी — यानी इसमें लोग अपने घर या कमरे किराए पर देने के लिए लिस्ट कर सकते थे। लेकिन यह मॉडल भारत में ठीक से नहीं चला[1]।
OYO का नाम कैसे रखा गया?
मई 2013 में रितेश अग्रवाल ने कंपनी का पूरा मॉडल बदल दिया और नाम रखा OYO, जिसका मतलब है “On Your Own” — यानी “अपने दम पर”। नए मॉडल में OYO खुद होटल नहीं बनाती थी, बल्कि पहले से मौजूद छोटे होटलों के साथ मिलकर काम करती थी और उन्हें एक जैसी अच्छी सुविधाएं देने में मदद करती थी[2]।
OYO को शुरुआती पैसा एक Mumbai के Accelerator प्रोग्राम “Venture Nursery” से मिला था — करीब ₹30 लाख[9]। इसके बाद 2013 में Thiel Fellowship के $100,000 ने कंपनी को असली रफ़्तार दी।
पहला आइडिया हमेशा सही नहीं होता। रितेश अग्रवाल का पहला मॉडल (Oravel Stays) नहीं चला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने आइडिया को बदलकर एक बेहतर मॉडल (OYO) बनाया।
OYO कैसे पैसा कमाती है?
OYO का मालिक कौन है?
OYO का कोई एक मालिक नहीं है। इसकी मूल कंपनी PRISM (पहले नाम Oravel Stays Limited) में सबसे बड़ी हिस्सेदारी SoftBank की SVF India Holdings के पास है — करीब 40%। रितेश अग्रवाल की अपनी कंपनी R A Hospitality Holdings के पास करीब 20% हिस्सेदारी है, और वे खुद सीधे करीब 6.6% के मालिक हैं[9]। यानी मिलाकर उनकी और उनकी कंपनी की हिस्सेदारी करीब 26-30% के आसपास बैठती है।
OYO के CEO कौन हैं?
रितेश अग्रवाल खुद PRISM (OYO की मूल कंपनी) के Founder और Group CEO हैं[1]। यानी उन्होंने कंपनी सिर्फ़ शुरू ही नहीं की, बल्कि आज भी वे इसकी रोज़ की कमान संभाल रहे हैं — यह Kunal Bahl या Aman Gupta जैसे कुछ अन्य Founders से अलग है, जिन्होंने अपनी कंपनियों की CEO की कुर्सी छोड़ दी है।
OYO किस देश की कंपनी है?
OYO एक भारतीय कंपनी है। इसकी शुरुआत भारत में हुई थी, और इसका मुख्यालय (Headquarters) गुरुग्राम, हरियाणा में है[2]। हालांकि आज यह 40 से भी ज़्यादा देशों में काम करती है।
OYO का Business Model क्या है?
OYO का Business Model बहुत आसान है। यह खुद होटल नहीं बनाती। यह पहले से मौजूद छोटे और बजट होटलों के साथ Partnership करती है। बदले में वह उन होटलों को अपनी Technology, Marketing और Branding से जोड़ती है, ताकि ग्राहकों को हर जगह एक जैसी अच्छी सुविधा मिले। जब कोई कमरा बुक होता है, तो OYO होटल मालिक से एक तय हिस्सा (Commission) लेती है।
OYO का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कौन करता है?
OYO का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल बजट में यात्रा करने वाले लोग करते हैं — जैसे कॉलेज छात्र, अकेले घूमने वाले यात्री, बिज़नेस के लिए यात्रा करने वाले लोग और छोटे शहरों में जाने वाले पर्यटक। हाल के सालों में तीर्थ-यात्रा (Pilgrimage) से जुड़े शहरों में भी OYO की मांग तेज़ी से बढ़ी है, जैसे अयोध्या जैसी जगहों पर[1]।
OYO कैसे इतनी बड़ी कंपनी बनी?
2013 में शुरू होने के बाद OYO बहुत तेज़ी से बढ़ी। जनवरी 2020 तक इसके पास 80 देशों के 800 शहरों में 43,000 से ज़्यादा Properties (यानी होटल और घर) और 10 लाख से ज़्यादा कमरे थे[2]।
OYO को SoftBank, Sequoia India, Lightspeed, Airbnb और Microsoft जैसे बड़े निवेशकों का साथ मिला। कंपनी ने अमेरिका में Motel 6 और Studio 6 जैसे बड़े ब्रांड भी खरीदे, जिससे उसकी पकड़ अमेरिका में भी मज़बूत हुई[7]।
एक साधारण-सी परेशानी (गंदे होटल के कमरे) को हल करने का आइडिया, अगर सही तरीके से बड़े स्तर पर लागू किया जाए, तो वह दुनिया भर में फैल सकता है।
OYO को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
OYO की कहानी सिर्फ़ सफलता की नहीं है। कंपनी ने कई मुश्किल दौर भी देखे हैं।
Covid के समय OYO पर क्या असर पड़ा?
2020 में Covid-19 महामारी ने पूरी दुनिया में यात्रा और होटल बिज़नेस को बुरी तरह प्रभावित किया। OYO की Valuation (कंपनी की अनुमानित कीमत) 2019 के $10 अरब से गिरकर 2020 में करीब $3 अरब रह गई। कंपनी को भारी नुकसान हुआ, और उसे बड़े पैमाने पर Layoffs (यानी कर्मचारियों को नौकरी से निकालना) करने पड़े[14]।
इसके अलावा कुछ होटल मालिकों ने OYO पर पेमेंट रोकने और शर्तें बदलने के आरोप भी लगाए। कंपनी को अमेरिका जैसे देशों में भी कुछ कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा[14]।
इन सभी मुश्किल हालातों के बावजूद OYO पूरी तरह बंद नहीं हुई। कंपनी ने अपने खर्चे कम किए, Technology पर ज़्यादा भरोसा किया, और धीरे-धीरे वापसी की।
OYO अभी कैसा प्रदर्शन कर रही है?
OYO ने अपनी वापसी बहुत मज़बूती से की है। मई 2024 में कंपनी ने अपनी पूरी History में पहली बार सालाना मुनाफा (Profit After Tax) दिखाया — करीब ₹229 करोड़, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए[1]।
क्या OYO घाटे में है?
नहीं, अब OYO घाटे में नहीं है। कंपनी अब मुनाफे में है। PRISM (OYO की मूल कंपनी) ने FY26 के पहले 9 महीनों में ₹748 करोड़ का मुनाफा कमाया, जो पूरे FY25 में हुए ₹245 करोड़ के मुनाफे का करीब 3 गुना है[9]।
OYO IPO की जानकारी
OYO की मूल कंपनी PRISM ने दिसंबर 2025 में SEBI के पास गोपनीय तरीके से IPO के दस्तावेज़ जमा किए। यह कंपनी का तीसरा IPO प्रयास है — पहला प्रयास 2021 में और दूसरा 2023 में हुआ था, पर दोनों बार बाज़ार की हालत ठीक न होने के कारण इसे टाल दिया गया[10]।
| IPO की मुख्य बातें | जानकारी |
|---|---|
| IPO का आकार | ₹6,650 करोड़ (पूरी तरह नए Share, कोई पुराना Share नहीं बिकेगा) |
| अनुमानित Valuation | $7–8 अरब |
| पैसे का इस्तेमाल | करीब ₹4,987 करोड़ पुराने कर्ज़ चुकाने में |
| तीसरा प्रयास | पहले 2021 और 2023 में IPO टाला गया था |
रितेश अग्रवाल की दूसरी कंपनियां और निवेश
OYO के अलावा रितेश अग्रवाल एक सक्रिय Angel Investor भी हैं — यानी वे अपने निजी पैसे से नए Startup में निवेश करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने अब तक 54 से ज़्यादा Startup में निवेश किया है[7]।
| क्षेत्र | प्रमुख निवेश |
|---|---|
| शिक्षा | Unacademy |
| यात्रा व परिवहन | Zingbus |
| गाड़ियां | Cars24 |
| बिज़नेस Technology | C-Zentrix |
रितेश अग्रवाल Prism नाम की अपनी निवेश-कंपनी (R A Hospitality Holdings) के ज़रिए OYO में अपनी हिस्सेदारी भी रखते हैं। 2019 में उन्होंने इसी कंपनी के ज़रिए एक बड़ा फ़ैसला लिया — उन्होंने करीब $2 अरब की डील में पुराने निवेशकों (Lightspeed और Sequoia India) से Share वापस खरीदे, जिससे उनकी OYO में हिस्सेदारी 10% से बढ़कर करीब 30% हो गई[2]। यह पैसा उन्होंने आंशिक रूप से अपनी जेब से और आंशिक रूप से कर्ज़ लेकर जुटाया था।
Shark Tank India में उनकी भूमिका
रितेश अग्रवाल 2024 में Shark Tank India सीज़न 3 में सबसे युवा Shark के तौर पर जुड़े[12]। इसके बाद वे सीज़न 4 और 2026 में आए सीज़न 5 में भी पैनल का हिस्सा बने रहे।
Shark Tank India में उन्होंने किन Startup में निवेश किया?
शो में उन्होंने कई अलग-अलग Startup में निवेश का Offer दिया है, खासकर Travel, Consumer और Technology से जुड़े बिज़नेस में। सभी Episode में किए गए उनके पूरे निवेशों की सटीक सूची इस लेख की रिसर्च में सार्वजनिक रूप से Compile करके नहीं मिली — इसकी सबसे भरोसेमंद जानकारी के लिए Shark Tank India के Official Episode देखे जा सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2026 में Shark Tank India सीज़न 5 के पैनल में रितेश अग्रवाल सबसे ज़्यादा संपत्ति वाले Shark माने जाते हैं — उनकी अनुमानित नेट वर्थ करीब ₹16,000 करोड़ बताई जाती है, जो पैनल के दूसरे नंबर के Shark (अमित जैन, करीब ₹2,900 करोड़) से भी कई गुना ज़्यादा है[13]।
रितेश अग्रवाल की सोच और बिज़नेस करने का तरीका
रितेश अग्रवाल का मानना है कि किसी भी बड़ी परेशानी को हल करने से पहले, आसपास की छोटी परेशानी को ध्यान से देखना ज़रूरी है। OYO का पूरा आइडिया ही उनके अपने बुरे यात्रा अनुभव से निकला था।
नए Startup शुरू करने वालों के लिए उनकी सलाह
अपने इंटरव्यू और Shark Tank India के दौरान रितेश अग्रवाल अक्सर कुछ बातें दोहराते हैं — सही टीम चुनना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अकेले कोई बड़ा बिज़नेस नहीं बना सकता। मुश्किल समय में भी हार नहीं माननी चाहिए। और सबसे ज़रूरी — किसी भी बिज़नेस का मकसद सिर्फ़ बड़ा होना नहीं, बल्कि लोगों की असली परेशानी हल करना होना चाहिए।
बड़ी सफलता के पीछे अक्सर एक बहुत ही छोटी और आम परेशानी छिपी होती है। ज़रूरी यह है कि उसे कोई गंभीरता से पहचाने और हल करने की कोशिश करे।
रितेश अग्रवाल का परिवार और शादी
रितेश अग्रवाल की पत्नी कौन हैं?
रितेश अग्रवाल की पत्नी का नाम गीतांशा सूद है। वे लखनऊ की रहने वाली हैं[1]।
उनकी शादी कब हुई?
रितेश अग्रवाल और गीतांशा सूद की शादी 7 मार्च 2023 को हुई[1]। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह शादी दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हुई थी, और इसमें Startup जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं[15]। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों करीब 10 साल तक साथ रहने और डेट करने के बाद शादी के बंधन में बंधे[6]।
क्या उनके बच्चे हैं?
एक मीडिया रिपोर्ट में उनके एक बेटे का ज़िक्र मिलता है[11], लेकिन यह जानकारी किसी बड़े या आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं है। इसलिए इस लेख में इसे असत्यापित माना गया है।
उनका परिवार
रितेश अग्रवाल अपने निजी परिवार की जानकारी सार्वजनिक रूप से बहुत कम साझा करते हैं। उनके माता-पिता और भाई-बहन के बारे में कोई पूरी तरह पुष्ट जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में उपलब्ध नहीं है।
रितेश अग्रवाल एक बहुत बड़े Public Figure हैं, फिर भी वे अपने परिवार की निजी बातों को मीडिया से दूर रखना पसंद करते हैं।
रितेश अग्रवाल की दिनचर्या, पसंद और शौक
उनकी दिनचर्या
रितेश अग्रवाल की पूरी Daily Routine के बारे में कोई सटीक, आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे यात्रा करते समय भी OYO की ही Properties में रुकना पसंद करते हैं, ताकि वे अपने प्रोडक्ट को खुद अनुभव कर सकें[15]।
उनकी पसंद और शौक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रितेश अग्रवाल साइकिल चलाना पसंद करते हैं, कुत्तों से बहुत प्यार करते हैं, और शराब नहीं पीते। एक Episode में उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने कभी कॉफी नहीं पी[6]।
क्या रितेश अग्रवाल शाकाहारी हैं?
इस विषय पर सार्वजनिक रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनके खान-पान की आदतों के बारे में कोई ठोस, भरोसेमंद जानकारी नहीं मिलती।
उनकी पसंदीदा किताबें
दिलचस्प बात यह है कि रितेश अग्रवाल खुद भी एक किताब के लेखक रह चुके हैं — उन्होंने कम उम्र में “Indian Engineering Colleges” नाम की एक किताब लिखी थी, जो टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेजों की जानकारी देती थी। इसके अलावा उनके नाम से “Kaleidoscope” नाम की एक किताब भी जुड़ी है, जिसमें 25 कहानियां शामिल हैं[7]। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें Elon Musk और Steve Jobs जैसे बड़े बिज़नेसमैन की जीवनियां पढ़ना पसंद है[15]।
उनकी गाड़ियां
रितेश अग्रवाल की निजी गाड़ियों के बारे में कोई पूरी तरह पुष्ट, आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि एक मीडिया रिपोर्ट में उनके पास करीब ₹2 करोड़ के एक Private Jet का ज़िक्र मिलता है[6], जो एक असत्यापित दावा है।
उनका घर
इस विषय पर भी सार्वजनिक रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उनके सोशल मीडिया अकाउंट
रितेश अग्रवाल LinkedIn और X (पहले Twitter) पर सक्रिय हैं, जहाँ वे OYO और अपने बिज़नेस से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं। उनके हर Platform के Official Handle की स्वतंत्र रूप से पुष्टि इस लेख में नहीं की जा सकी, इसलिए यहाँ कोई सीधा Link नहीं दिया जा रहा।
2026 में रितेश अग्रवाल की कुल संपत्ति कितनी है?
रितेश अग्रवाल की Net Worth (कुल संपत्ति) का कोई एक सरकारी या कंपनी-पुष्ट आंकड़ा नहीं है, क्योंकि PRISM अभी तक Stock Market में लिस्टेड कंपनी नहीं है। हालांकि, कई भरोसेमंद मीडिया संस्थानों के अनुमान इस मामले में काफी हद तक एक जैसे हैं।
2025 के अंत में Hurun Rich List के हवाले से Economic Times और Indian Express जैसे संस्थानों ने उनकी संपत्ति करीब ₹14,400 करोड़ बताई थी[11]। 2026 की शुरुआत में कई मीडिया रिपोर्ट्स इसे बढ़ाकर करीब ₹16,000–17,000 करोड़ (लगभग $1.9–2.3 अरब) बताती हैं[6]। चूंकि Snapdeal और boAt जैसी कंपनियों के मुकाबले यहाँ अलग-अलग अनुमानों में ज़्यादा अंतर नहीं है, इसलिए इस सीमा (₹14,400–17,000 करोड़) को अपेक्षाकृत ज़्यादा भरोसेमंद माना जा सकता है — फिर भी यह एक अनुमान ही है, कोई पुष्ट आधिकारिक आंकड़ा नहीं।
क्या रितेश अग्रवाल सच में अरबपति हैं?
हाँ। डॉलर में उनकी संपत्ति करीब $1.9–2.3 अरब के बीच आंकी जाती है, जो उन्हें आधिकारिक तौर पर एक Billionaire (अरबपति) बनाती है। 2020 में वे दुनिया के दूसरे सबसे युवा Self-made Billionaire (यानी खुद अपनी मेहनत से अरबपति बने व्यक्ति) बने थे, Kylie Jenner के बाद[3]।
भारत के सबसे युवा अरबपतियों में रितेश अग्रवाल का स्थान क्या है?
वे भारत के सबसे युवा Self-made अरबपतियों में गिने जाते हैं। Hurun Rich List of India जैसी सूचियों में उन्हें बार-बार Top 10 सबसे युवा भारतीय अरबपतियों में जगह मिली है[1]।
उनकी कमाई कहाँ-कहाँ से होती है?
उनकी कमाई मुख्यतः तीन जगहों से आती है — पहला, PRISM (OYO) में उनकी बड़ी हिस्सेदारी। दूसरा, अपने Angel Investment यानी 54 से ज़्यादा Startup में किए गए निवेश। तीसरा, Shark Tank India में जज बनने से मिलने वाली Professional Fee, और उनकी किताबों से मिलने वाली Royalty (यानी किताब बिकने पर मिलने वाला हिस्सा)[7]।
उनकी सैलरी कितनी है?
उनकी सटीक निजी Salary का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि PRISM अभी निजी (Private) कंपनी है। उनकी असली संपत्ति मुख्यतः कंपनी में उनकी हिस्सेदारी की कीमत से आती है, न कि किसी तय मासिक Salary से।
अमीर कौन है, रितेश अग्रवाल या शाहरुख खान?
दोनों की संपत्ति की तुलना करना मुश्किल है, क्योंकि दोनों की कमाई के तरीके अलग-अलग हैं और दोनों की Net Worth के आंकड़े भी अलग-अलग एजेंसियों से आते हैं, जो एक-दूसरे से सीधे तुलना करने लायक नहीं होते। इस विषय पर कोई एक निश्चित और पूरी तरह भरोसेमंद तुलना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
रितेश अग्रवाल को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
| वर्ष | पुरस्कार / उपलब्धि |
|---|---|
| 2013 | Thiel Fellowship — एशिया से पहले प्राप्तकर्ताओं में शामिल |
| 2014 | TiE-Lumis Entrepreneurial Excellence Award |
| 2016 | Forbes 30 Under 30 Asia सूची में शामिल |
| 2018 | EY Entrepreneur of the Year (Services श्रेणी) |
| 2020 | दुनिया के दूसरे सबसे युवा Self-made अरबपति बने |
| 2024 | Shark Tank India सीज़न 3 के सबसे युवा Shark बने |
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है OYO को दुनिया के सबसे बड़े होटल Network में से एक बनाना। कोविड जैसे भारी संकट के बाद कंपनी को दोबारा मुनाफे में लाना भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है — क्योंकि कई बड़ी कंपनियां ऐसे संकट से कभी उबर नहीं पातीं।
रितेश अग्रवाल से जुड़े विवाद
एक संतुलित जीवनी सिर्फ़ सफलता नहीं, चुनौतियां और विवाद भी दिखाती है। रितेश अग्रवाल और OYO से जुड़े कुछ मुख्य विवाद इस प्रकार हैं:
- Zostel विवाद — 2015 में OYO ने Zostel नाम की एक कंपनी को खरीदने की बात की थी, पर डील पूरी नहीं हुई। इसके बाद वर्षों तक Zostel और OYO के बीच अदालत में मामला चला। 2021 में एक Arbitrator (मध्यस्थ) ने Zostel के पक्ष में फ़ैसला दिया, लेकिन 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने वह फ़ैसला पलट दिया। Zostel ने इसे फिर से चुनौती दी है, और यह मामला अब भी अदालत में चल रहा है — अगली सुनवाई जुलाई 2026 में तय है[10]।
- को-फाउंडर का आरोप — Wikipedia के अनुसार, OYO के शुरुआती दिनों में एक Co-founder, Manish Sinha, ने रितेश अग्रवाल पर एक होटल का पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। कंपनी ने इन सभी आरोपों से इनकार किया[1]।
- होटल मालिकों की शिकायतें — कोविड के दौर में और उसके बाद, कुछ होटल मालिकों ने OYO पर पेमेंट में देरी करने और एकतरफा शर्तें बदलने के आरोप लगाए। कुछ मामले अदालत तक भी पहुंचे[14]।
- बड़े पैमाने पर Layoffs — कोविड के दौरान OYO को हज़ारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा, जिसकी काफी आलोचना हुई थी[14]।
इनमें से कई मामले द्वितीयक मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। किसी आरोप का ज़िक्र होने का मतलब यह नहीं कि वह अदालत में साबित हो चुका है। पाठकों को इन्हें रिपोर्ट किए गए दावों के तौर पर देखना चाहिए।
रितेश अग्रवाल अभी क्या कर रहे हैं?
2026 में रितेश अग्रवाल तीन बड़े कामों में व्यस्त हैं। पहला, PRISM (OYO) के Group CEO के तौर पर कंपनी को IPO के लिए तैयार करना। दूसरा, Shark Tank India सीज़न 5 में जज के तौर पर नए उद्यमियों की मदद करना। तीसरा, अपने Angel Investment पोर्टफोलियो के ज़रिए नए Startup में निवेश करना।
उनकी सफलता से क्या सीख मिलती है?
रितेश अग्रवाल की कहानी सिखाती है कि छोटे शहर, सीमित पैसा या अधूरी पढ़ाई — कोई भी चीज़ किसी को बड़ा बिज़नेस बनाने से नहीं रोक सकती, अगर उसके पास साफ़ सोच, मेहनत और मुश्किल समय में डटे रहने की हिम्मत हो। उनकी कहानी में उतार-चढ़ाव दोनों शामिल हैं — यही इसे और भी असली बनाता है।
- रितेश अग्रवाल ने सिर्फ़ 19 साल की उम्र में OYO शुरू किया, स्कूल के बाद उन्होंने कोई डिग्री पूरी नहीं की।
- वे कभी IIT नहीं गए — यह एक आम गलतफहमी है।
- OYO ने कोविड जैसे भारी संकट के बाद भी वापसी की और अब मुनाफे में है।
- वे Shark Tank India पैनल के सबसे ज़्यादा संपत्ति वाले जज माने जाते हैं।
- OYO की मूल कंपनी PRISM 2026 में IPO लाने की तैयारी में है।
रितेश अग्रवाल और OYO से जुड़े आम मिथक
क्या रितेश अग्रवाल IIT गए थे?
क्या रितेश अग्रवाल IAS हैं?
क्या वे कोडिंग जानते थे?
OYO कंपनी किस देश की है?
क्या OYO Founder की शादी हो चुकी है?
क्या OYO कंपनी का मालिक अकेले रितेश अग्रवाल हैं?
इन जीवनियों को पढ़कर आप भारत के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योगपतियों और Shark Tank India के जजों के जीवन, करियर और सफलता की कहानियों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।
रितेश अग्रवाल से जुड़े 50 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फुटनोट एवं तथ्य संदर्भ
स्रोत एवं संदर्भ
यह जीवनी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एवं सत्यापित स्रोतों — कंपनी फाइलिंग (DRHP), सेबी दस्तावेज़, IDC रिपोर्ट्स, आधिकारिक कंपनी घोषणाएँ, विश्वसनीय समाचार संस्थान, सार्वजनिक इंटरव्यू और उद्योग अनुसंधान — के आधार पर तैयार की गई है। जहाँ विभिन्न स्रोतों में मतभेद या अनुमान मौजूद हैं (जैसे नेट वर्थ, कंपनी वैल्यूएशन या अन्य सार्वजनिक दावे), वहाँ उन्हें स्पष्ट रूप से मीडिया अनुमान के रूप में दर्शाया गया है और सत्यापित तथ्यों से अलग रखा गया है।
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अंतिम अपडेट: जुलाई 2026 | संपादकीय समीक्षा: पूर्ण | तथ्य सत्यापन: आधिकारिक दस्तावेज़, सार्वजनिक स्रोत एवं उद्योग रिपोर्ट्स के आधार पर


