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Yogi Adityanath Biography in Hindi (2026): योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक सफर, संपत्ति और उपलब्धियां

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Yogi Adityanath Biography in Hindi
Yogi Adityanath Biography in Hindi
योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय | Yogi Adityanath Biography in Hindi
🇮🇳 राजनीतिक जीवनी | योगी आदित्यनाथ — गोरखपीठ के पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
📋 अपडेट लॉग: 14 जून 2026 — प्रारंभिक प्रकाशन। SC बुलडोज़र गाइडलाइन (अक्टूबर 2024), GIS 2023 व 2025 डेटा, और ECI-सत्यापित चुनाव परिणाम शामिल। सभी तथ्य Rajneeti Desk द्वारा जाँचे गए।
★ POLITICAL BIOGRAPHY ★

योगी आदित्यनाथ

Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री | गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर
5 बार गोरखपुर से लोकसभा सांसद | भारत के सबसे बड़े राज्य के प्रशासक
🏛️ UP मुख्यमंत्री (2017–) 🕉️ गोरखपीठ पीठाधीश्वर 🗳️ 5 बार सांसद (गोरखपुर) 📜 BJP विधायक दल नेता, UP
1972
जन्म वर्ष
लोकसभा सांसद, गोरखपुर
2017
पहली बार CM शपथ
~24 Cr+
UP जनसंख्या (अनुमानित 2024, देश में 1st)
📖 लगभग 25–30 मिनट का लेख (~6,200 शब्द) ✅ अपडेट: जून 2026 ✍️ Shubham Sirohi 🔍 तथ्य-जाँच: Rajneeti Desk 📚 स्रोत: ECI · UP Govt · Lok Sabha · PIB · SC 🇮🇳 हिंदी में
📌 एक नज़र में — योगी आदित्यनाथ कौन हैं?

योगी आदित्यनाथ (जन्म नाम: अजय मोहन बिष्ट, जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, पौड़ी गढ़वाल) उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।[1] वे 19 मार्च 2017 को पहली बार UP CM बने और 25 मार्च 2022 को दूसरी बार शपथ ली।[2] इससे पहले वे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से लगातार 5 बार (1998, 1999, 2004, 2009, 2014) सांसद रहे।[3] वे गोरखनाथ मठ (गोरखपीठ) के पीठाधीश्वर भी हैं — 12 सितंबर 2014 को गुरु महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद यह जिम्मेदारी मिली।[4]

योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय — Yogi Adityanath Biography in Hindi
योगी आदित्यनाथ — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री | Yogi Adityanath Biography in Hindi

📋 व्यक्तिगत जानकारी

📋 योगी आदित्यनाथ — व्यक्तिगत जानकारी (स्रोत: ECI, Lok Sabha, UP Govt)
जन्म का नामअजय मोहन बिष्ट (Ajay Mohan Bisht)
धार्मिक नामयोगी आदित्यनाथ (दीक्षा के बाद, 1993)
जन्म तिथि5 जून 1972 [1]
जन्म स्थानपंचूर, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (तत्कालीन UP) [1]
आयु (2026)53 वर्ष (जून 2026)
धर्म / सम्प्रदायहिंदू — नाथ सम्प्रदाय (शैव परंपरा)
पेशाराजनेता, धार्मिक नेता, मुख्यमंत्री
पार्टीभारतीय जनता पार्टी (BJP)
वर्तमान पदमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (19 मार्च 2017 से) [2]
शिक्षाB.Sc. (Mathematics), HNB Garhwal University, श्रीनगर गढ़वाल [6]
लोकसभा सांसदगोरखपुर — 1998 (26,206 मतों से), 1999 (7,339 मतों से), 2004 (1,42,039 मतों से), 2009 (2,20,260 मतों से), 2014 (3,13,048 मतों से) [3]
धार्मिक पदगोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर (12 सितंबर 2014 से) [4]
गुरुमहंत अवेद्यनाथ (निधन: 12 सितंबर 2014)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित (सन्यासी)
पिताआनंद सिंह बिष्ट (वन विभाग, पौड़ी गढ़वाल)
मातासावित्री देवी
भाई-बहन3 बड़े भाई, 3 बहनें (परिवार में चौथे)
प्रथम CM शपथ19 मार्च 2017 [2]
द्वितीय CM शपथ25 मार्च 2022 [2]
2022 विधानसभा क्षेत्रगोरखपुर शहर (जीत का अंतर: 1,03,390 मत) [3]
सोशल मीडिया@myogiadityanath (Twitter/X)

👨‍👩‍👦 परिवार और पृष्ठभूमि

योगी आदित्यनाथ का परिवार उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से है — एक साधारण, मध्यवर्गीय पहाड़ी परिवार।

उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में कार्यरत थे।[1] माता सावित्री देवी गृहिणी थीं। परिवार में तीन बड़े भाई और तीन बहनें हैं। अजय मोहन परिवार में चौथे नंबर पर थे। बिष्ट परिवार राजपूत (ठाकुर) समुदाय से है।

📌 पारिवारिक पृष्ठभूमि

पहाड़ों की कठोर जीवन-शैली और धार्मिक परिवेश में पले-बढ़े अजय मोहन बिष्ट बचपन से ही धर्म और अध्यात्म की ओर झुकाव रखते थे। 1993 में M.Sc. अधूरी छोड़कर गोरखपुर आए और दीक्षा ली। सन्यास के बाद से उन्होंने गृहस्थ जीवन से पूर्णतः नाता तोड़ा — पर परिवार से सम्बंध बनाए रखते हैं।[1]

🎓 शिक्षा

योगी आदित्यनाथ ने Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University (HNB Garhwal University), श्रीनगर गढ़वाल से गणित (Mathematics) में B.Sc. की डिग्री हासिल की।[6] M.Sc. की पढ़ाई के दौरान 1993 में गोरखपुर आए, महंत अवेद्यनाथ से मिले और M.Sc. अधूरी छोड़ दीक्षा ली।

💡 विश्लेषण

गणित की पृष्ठभूमि और तार्किक सोच का असर उनकी प्रशासनिक शैली में दिखता है — डेटा और परिणामों पर जोर। UP सरकार के वार्षिक प्रगति रिपोर्टों में आँकड़ों का विस्तृत विवरण इसी की झलक है। HNB Garhwal University एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है जो UGC द्वारा मान्यता प्राप्त है।[6]

🕉️ गोरखनाथ पीठ — आध्यात्मिक उत्तराधिकार

गोरखनाथ मठ (गोरखपुर) नाथ सम्प्रदाय की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थाओं में से एक है। गोरक्षनाथ द्वारा स्थापित इस परंपरा का पूर्वांचल में गहरा प्रभाव है।

महंत दिग्विजयनाथ के बाद महंत अवेद्यनाथ पीठाधीश्वर बने — जो राजनीति में भी सक्रिय रहे और BJP के टिकट पर तीन बार (1989, 1991, 1996 लोकसभा) गोरखपुर से सांसद रहे।[4] 12 सितंबर 2014 को महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर बने।[4]

🕉️ गोरखपीठ की विशेषता

गोरखनाथ मठ में हजारों साधु-संतों का निवास है। पूर्वांचल में मठ की करोड़ों श्रद्धालुओं पर गहरी पकड़ है। यही पकड़ योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक ताकत का आधार रही है।[4]

🏛️ BJP और राजनीतिक सफर की शुरुआत

1998 में महंत अवेद्यनाथ ने सक्रिय संसदीय राजनीति से अलग होने का निर्णय लिया — और 26 वर्षीय योगी को BJP के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा से उतारा। [5] UP की राजनीति में जानने के लिए BJP उत्तर प्रदेश का इतिहास भी पढ़ें।

🤔 क्या आप जानते हैं?

Lok Sabha records के अनुसार 1998 में 12वीं लोकसभा में योगी आदित्यनाथ उसके सबसे युवा सदस्य (youngest member) थे।[5]

🗳️ 5 बार सांसद — सटीक ECI डेटा (1998–2014)

गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र योगी आदित्यनाथ का अजेय दुर्ग बना रहा। नीचे Election Commission of India के आधिकारिक आँकड़े दिए गए हैं।

📊 गोरखपुर लोकसभा — ECI सत्यापित चुनावी परिणाम (स्रोत: eci.gov.in)
वर्षमत (ECI)मत %जीत का अंतरनिकटतम प्रतिद्वंद्वीपरिणाम
19982,68,42842.62%26,206जमुना प्रसाद निषाद (SP) — 2,42,222✅ विजयी
19992,67,38241.10%7,339जमुना प्रसाद निषाद (SP) — 2,60,043✅ विजयी
20043,53,64751.31%1,42,039जमुना प्रसाद निषाद (SP) — 2,11,608✅ विजयी
20094,03,15653.85%2,20,260विनय शंकर तिवारी (BSP) — 1,82,885✅ विजयी
20145,39,12751.83%3,13,048राजमती निषाद (SP) — 2,26,079✅ विजयी (विशाल अंतर)
⚠️ स्रोत: Election Commission of India (eci.gov.in) — ECI Affidavit Portal (affidavit.eci.gov.in)। 1999 में SP से कड़ा मुकाबला — सिर्फ 7,339 मतों से जीत। 2014 में 5,39,127 मत — सर्वाधिक। 2017 में CM बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा।[3]
📊 UP विधानसभा चुनाव — BJP का प्रदर्शन (स्रोत: ECI)
2012
47/403
2017 ★
312/403
2022 ★
255/403
UP में 403 विधानसभा सीटें। बहुमत के लिए 202 ज़रूरी।[8]

⚔️ हिंदू युवा वाहिनी

हिंदू युवा वाहिनी (HYV) — योगी आदित्यनाथ द्वारा 2002 में स्थापित संगठन।[7] उद्देश्य: हिंदू युवाओं को संगठित करना और सांस्कृतिक-सामाजिक कार्यक्रम चलाना।

⚠️ विवाद

HYV के कुछ सदस्यों पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप लगे। संगठन के कार्यकर्ताओं के कई मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों (The Hindu, Indian Express) में इसका विस्तार से विवरण है।[7]

🏛️ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री — 2017

19 मार्च 2017 — एक ऐसा मुख्यमंत्री जो भगवा वस्त्र पहने हुआ था, जिसका कोई परिवार नहीं, जो पहले कभी सरकार में नहीं रहा था।

2017 विधानसभा चुनाव में BJP को 403 में से 312 सीटें मिली थीं।[8] BJP ने CM चेहरा घोषित नहीं किया था। BJP विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को नेता चुना गया।[2] 2017 UP विधानसभा चुनाव के बारे में विस्तार से पढ़ें।

पहले 100 दिन — प्राथमिकताएँ

CM बनते ही: एंटी-रोमियो स्क्वॉड शुरू की, अवैध बूचड़खाने बंद कराए, UP पुलिस को सक्रिय किया, माफियाओं पर कार्रवाई शुरू की।[9]

💡 COVID-19 पहली लहर बनाम दूसरी लहर

2020 में COVID-19 पहली लहर के दौरान UP सरकार के प्रवासी मजदूर पंजीकरण और बस-व्यवस्था को कुछ विश्लेषकों ने सराहा। हालाँकि, 2021 में दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन और बेड की कमी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर टिप्पणियाँ कीं।[13] दोनों लहरों में प्रदर्शन का यह अंतर UP के COVID प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण पाठ है।

🔄 दूसरा कार्यकाल — 2022 (ऐतिहासिक जीत)

2022 UP विधानसभा चुनाव में BJP को 255 सीटें मिलीं।[8] 25 मार्च 2022 को दूसरी बार शपथ। योगी ने गोरखपुर शहर विधानसभा से 1,03,390 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।[3]

📌 ऐतिहासिक रिकॉर्ड

1985 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री 5 वर्ष का पूर्ण कार्यकाल पूरा करके दोबारा सत्ता में आया। (विभिन्न विश्लेषणों में 1985 का उल्लेख मिलता है — ECI archives इसकी पुष्टि करते हैं।)[2]

⚖️ प्रमुख नीतियाँ और निर्णय

1. कानून-व्यवस्था और “बुलडोज़र” कार्रवाई

योगी सरकार ने अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाने की नीति अपनाई।[9] अक्टूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने WP(C) No. 295/2022 में राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए — बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के संपत्ति नहीं गिराई जा सकती।[14]

2. एंटी-रोमियो स्क्वॉड

2017 में महिला सुरक्षा के लिए शुरू।[9] कुछ मामलों में मनमानी कार्रवाई की शिकायतें भी आईं।

3. UP में निवेश — GIS 2023 और 2025

UP Global Investors Summit (GIS 2023, फरवरी 2023) में सरकार के दावे अनुसार लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए।[9] वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन पर स्वतंत्र जाँच जारी है।

4. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

13 दिसंबर 2021 को PM नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। धार्मिक पर्यटन में बड़ा कदम।[9]

5. अयोध्या राम मंदिर — राज्य सहयोग

22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा। UP सरकार ने व्यापक तैयारी करवाई। राम मंदिर अयोध्या पर विस्तृत जानकारी के लिए क्लिक करें।[9]

6. धर्म परिवर्तन विरोधी कानून — 2020

नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 जारी हुआ (Gazette Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020, दिनांक 27 नवंबर 2020), बाद में विधानसभा से कानून बना।[15]

📊 योगी सरकार — प्रमुख नीतिगत निर्णय (स्रोत: UP Govt / PIB / Gazette)
वर्षनिर्णयस्थिति
2017एंटी-रोमियो स्क्वॉड✅ लागू
2017अवैध बूचड़खाने बंद✅ लागू
2020धर्म परिवर्तन विरोधी कानून✅ पारित
2021काशी विश्वनाथ कॉरिडोर✅ उद्घाटन 13 दिसंबर 2021
2021जनसंख्या नियंत्रण बिल (ड्राफ्ट)⚠️ अभी कानून नहीं
2022–24बुलडोज़र कार्रवाई (माफिया संपत्ति)⚠️ SC गाइडलाइन अक्टूबर 2024
2023UP Global Investors Summit (GIS 2023)✅ फरवरी 2023 आयोजित
2024अयोध्या राम मंदिर (राज्य सहयोग)✅ 22 जनवरी 2024
2025UP GIS 2025✅ आयोजित

⚖️ उपलब्धियाँ बनाम आलोचना — संतुलित विश्लेषण

किसी भी नेता का मूल्यांकन तब पूर्ण होता है जब उपलब्धियाँ और आलोचनाएँ — दोनों को समान स्थान मिले। नीचे सत्यापित स्रोतों पर आधारित संतुलित विवरण है।

✅ प्रमुख उपलब्धियाँ
  • काशी विश्वनाथ कॉरिडोर — धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक बदलाव [9]
  • UP में गंभीर अपराधों के मामलों में कमी (UP Police वार्षिक रिपोर्ट)
  • UP GIS 2023 और 2025 — निवेश प्रस्ताव (सरकारी दावा) [9]
  • अयोध्या राम मंदिर परिसर विकास — अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान [9]
  • 2017 BJP विधानसभा जीत (312/403) — 1980 के बाद किसी पार्टी की UP में सबसे बड़ी जीत [8]
  • गोरखपुर AIIMS — CM कार्यकाल में स्थापित (2019)
  • एक्सप्रेसवे और सड़क अवसंरचना विस्तार (UP Govt)
  • COVID-19 पहली लहर (2020) — प्रवासी मजदूर पंजीकरण व बस-व्यवस्था को कुछ विश्लेषकों ने सराहा
⚠️ प्रमुख आलोचनाएँ
  • BRD मेडिकल कॉलेज — 2017 में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत की खबरें; सरकारी जाँच में संख्या और कारण विवादित रहे [12]
  • COVID-19 दूसरी लहर — इलाहाबाद HC ने कुछ जिलों में हालात पर कड़ी टिप्पणी की [13]
  • बुलडोज़र कार्रवाई — SC ने अक्टूबर 2024 में कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया [14]
  • UP में बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर विपक्षी आरोप
  • 2007 में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में गिरफ्तारी (बाद में बरी) [12]
  • HYV के कुछ सदस्यों की विवादास्पद गतिविधियाँ [7]
  • 2018 गोरखपुर उपचुनाव में BJP की हार — SP-BSP गठबंधन के सामने [8]
  • पुलिस एनकाउंटर — मानवाधिकार संगठनों के सवाल (NHRC में शिकायतें)
📊 स्वतंत्र विश्लेषण

NITI Aayog की रिपोर्टों में UP के SDG (Sustainable Development Goals) पर मिश्रित प्रगति दर्शाई गई है। कुछ संकेतकों में सुधार (बिजली, सड़क) है, तो कुछ में (स्वास्थ्य, पोषण) चुनौतियाँ बनी हैं।[18] किसी भी नेतृत्व का अंतिम मूल्यांकन ठोस डेटा पर निर्भर करता है।

📊 चुनाव डेटा — सम्पूर्ण विश्लेषण

वर्षचुनावक्षेत्रमत / सीटेंपरिणाम
1998लोकसभागोरखपुर2,68,428 (42.62%)✅ 26,206 मतों से विजयी
1999लोकसभागोरखपुर2,67,382 (41.10%)✅ 7,339 मतों से विजयी (करीबी)
2004लोकसभागोरखपुर3,53,647 (51.31%)✅ 1,42,039 मतों से विजयी
2009लोकसभागोरखपुर4,03,156 (53.85%)✅ 2,20,260 मतों से विजयी
2014लोकसभागोरखपुर5,39,127 (51.83%)✅ 3,13,048 मतों से विजयी
2017UP विधानसभापूरा UPBJP — 312/403✅ CM शपथ 19 मार्च 2017
2018गोरखपुर उपचुनावगोरखपुर LS❌ BJP हारी (SP के प्रवीण कुमार निषाद ने जीता)
2022UP विधानसभागोरखपुर शहर1,65,499 (66.18%)✅ CM शपथ 25 मार्च 2022 | 1,03,390 मतों से विधायक
📌 उपचुनाव 2018 का संदर्भ

2018 में जब CM बने और गोरखपुर में उपचुनाव हुआ, SP-BSP गठबंधन के SP उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद ने BJP के उपेंद्र दत्त शुक्ला को हराया। यह योगी सरकार का पहला बड़ा चुनावी झटका था।[8] हालाँकि, 2022 में BJP ने गोरखपुर शहर विधानसभा सीट 1,03,390 मतों के अंतर से जीती।

⚠️ विवाद — सत्यापित तथ्य

नोट: सभी विवाद सरकारी अभिलेखों, न्यायालय आदेशों और प्रतिष्ठित मीडिया में प्रकाशित सत्यापित तथ्यों पर आधारित हैं।

आपराधिक मामले — ECI हलफनामे में स्वयं घोषित
1999–2007 | स्रोत: affidavit.eci.gov.in

2007 के चुनावी हलफनामे में योगी ने धारा 153A (सांप्रदायिक सौहार्द भंग), 295A (धार्मिक भावना ठेस) आदि के मामले घोषित किए थे।[12] इनमें से कई बाद में वापस या खारिज हुए। मूल दस्तावेज: affidavit.eci.gov.in

गोरखपुर दंगे और गिरफ्तारी — 2007
2007 | स्रोत: The Hindu, Indian Express

2007 में गोरखपुर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद गिरफ्तारी हुई।[12] BJP ने तब दूरी बनाई। बाद में बरी हुए।

BRD मेडिकल कॉलेज — 2017
अगस्त 2017 | स्रोत: NDTV, The Wire, Times of India

अगस्त 2017 में गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने से बच्चों की मौत की खबरें आईं।[12] मीडिया रिपोर्टों में संख्या 60+ बताई गई, जबकि सरकारी जाँच में ऑक्सीजन से संबंधित मौतों की संख्या और कारण विवादित रहे। विपक्ष ने सरकार पर जवाबदेही का सवाल उठाया।

COVID-19 प्रबंधन — दूसरी लहर 2021
अप्रैल–मई 2021 | स्रोत: Allahabad HC — Suo Motu PIL No. 352/2021, 19 April 2021

दूसरी लहर में ऑक्सीजन, बेड और अंत्येष्टि की कमी की खबरें आईं।[13] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Suo Motu PIL No. 352/2021 (19 अप्रैल 2021) में UP के कुछ जिलों में चिकित्सा हालात पर कड़ी टिप्पणी की।

बुलडोज़र कार्रवाई — सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन अक्टूबर 2024
2024 | SC: WP(C) No. 295/2022, Justice B.R. Gavai & Justice K.V. Viswanathan, 1 October 2024

अक्टूबर 2024 में SC ने WP(C) No. 295/2022 (Justice B.R. Gavai व Justice K.V. Viswanathan की पीठ) में राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए — बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के संपत्ति नहीं गिराई जा सकती।[14]

💰 संपत्ति — ECI हलफनामे के आधार पर

📊 योगी आदित्यनाथ — संपत्ति विवरण (2022 UP विधानसभा हलफनामा)

⚠️ स्रोत: ECI Affidavit Portal — affidavit.eci.gov.in (2022 UP विधानसभा नामांकन, गोरखपुर शहर)

~₹1 Cr
कुल घोषित संपत्ति (2022 हलफनामा)
अविवाहित
सन्यासी — कोई गृहस्थ संपत्ति नहीं
0 देनदारी
घोषित देनदारियाँ (2022)
0 वाहन
स्वयं के नाम (2022 हलफनामा)
ECI 2022
सत्यापन स्रोत
नाथ सम्प्र.
गोरखनाथ मठ — अलग धार्मिक संस्था

नोट: सन्यासी होने के कारण व्यक्तिगत संपत्ति बहुत कम है। गोरखनाथ मठ एक अलग धार्मिक-सामाजिक संस्था है। सटीक जानकारी: affidavit.eci.gov.in


📅 जीवन की यात्रा — टाइमलाइन

1972
जन्म — पंचूर, पौड़ी गढ़वाल, 5 जून
अजय मोहन बिष्ट का जन्म। पिता — आनंद सिंह बिष्ट, वन विभाग।
~1990
B.Sc. (Mathematics) — HNB Garhwal University
गणित में स्नातक। राम मंदिर आंदोलन का वैचारिक प्रभाव।[6]
1993
🕉️ गोरखपुर — महंत अवेद्यनाथ से दीक्षा
M.Sc. अधूरी छोड़ी। गोरखनाथ मठ में दीक्षा ली। नाम मिला — योगी आदित्यनाथ।
1998
🗳️ पहली बार सांसद — गोरखपुर (26 वर्ष)
BJP टिकट पर। 2,68,428 मत। 26,206 मतों से जीत। 12वीं लोकसभा के सबसे युवा सदस्य।[5]
1999
🗳️ दूसरी बार सांसद — करीबी जीत (7,339 मत)
SP के जमुना प्रसाद निषाद से कड़ा मुकाबला।[3]
2002
हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना
पूर्वांचल में हिंदू युवाओं का संगठन।[7]
2004
🗳️ तीसरी बार सांसद — 1,42,039 मतों से जीत
3,53,647 मत (51.31%)।[3]
2007
⚠️ गोरखपुर दंगे — गिरफ्तारी, बाद में बरी
सांप्रदायिक हिंसा के आरोप। BJP ने दूरी बनाई। न्यायालय से बरी हुए।[12]
2009
🗳️ चौथी बार सांसद — 2,20,260 मतों से जीत
4,03,156 मत (53.85%)।[3]
2014
🗳️ पाँचवीं बार सांसद (3,13,048 मतों से) | 🕉️ गोरखपीठ पीठाधीश्वर
5,39,127 मत। महंत अवेद्यनाथ निधन (12 सितंबर 2014) — पीठाधीश्वर बने।[4]
2017
🏛️ UP मुख्यमंत्री — 19 मार्च 2017 | ⚠️ BRD विवाद
BJP को 312/403 सीटें। पहली बार CM की शपथ।[2] अगस्त: BRD मेडिकल कॉलेज ऑक्सीजन विवाद।[12]
2018
⚠️ गोरखपुर उपचुनाव में BJP की हार
SP-BSP गठबंधन — SP के प्रवीण कुमार निषाद विजयी।[8]
2021
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन | ⚠️ COVID दूसरी लहर
13 दिसंबर 2021 को PM मोदी ने उद्घाटन किया। अप्रैल-मई में HC ने हालात पर टिप्पणी।[13]
2022
🏛️ दूसरी बार UP CM — 25 मार्च 2022
1985 के बाद पहली बार UP CM ने 5 वर्ष पूरे कर दोबारा जीत दर्ज की। BJP 255/403। गोरखपुर शहर से 1,03,390 मतों से विधायक।[2]
2023
UP Global Investors Summit (GIS 2023)
फरवरी 2023 में आयोजित। सरकार के दावे अनुसार बड़े निवेश प्रस्ताव।[9]
2024
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा | ⚠️ SC बुलडोज़र गाइडलाइन
22 जनवरी 2024 — अयोध्या में लोकार्पण। अक्टूबर 2024: SC ने WP(C) No. 295/2022 में बुलडोज़र कार्रवाइयों पर राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए।[14]
2026
CM पद जारी
UP के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल में कार्यरत।

💡 रोचक तथ्य

1
योगी आदित्यनाथ का जन्म नाम अजय मोहन बिष्ट है। 1993 में गोरखनाथ मठ में दीक्षा के बाद नाम मिला।[1]
2
Lok Sabha records के अनुसार 1998 में वे 12वीं लोकसभा के सबसे युवा सदस्य थे।[5]
3
1999 में सिर्फ 7,339 मतों का अंतर था — 5 लोकसभा जीतों में सबसे करीबी मुकाबला।[3]
4
2014 में 5,39,127 मत और 3,13,048 के अंतर से जीत — पाँचवीं और सबसे बड़ी लोकसभा जीत।[3]
5
गणित में B.Sc. — एक सन्यासी जिनके पास विज्ञान की डिग्री है।[6]
6
2022 में गोरखपुर शहर विधानसभा से पहली बार विधायक चुनाव लड़ा और 66.18% मतों (1,65,499) से जीते।[3]
7
UP की ~24 करोड़+ आबादी (अनुमानित 2024) — ब्राज़ील से बड़ी। इसे एक देश की तरह चलाना राजनीतिक चुनौती है।
8
वे हमेशा भगवा वस्त्र में ही शपथ लेते हैं — सन्यासी पहचान कभी नहीं बदली।
9
महंत अवेद्यनाथ BJP के टिकट पर तीन बार (1989, 1991, 1996) गोरखपुर से सांसद रहे — योगी उनके उत्तराधिकारी।[4]
10
रात को अचानक थाने, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण उनकी प्रशासनिक शैली का हिस्सा है।
11
2007 के हलफनामे में आपराधिक मामले घोषित — बाद में कई वापस या खारिज।[12]
12
2017 में CM बनने से पहले कभी सरकार में कोई पद नहीं रखा — न मंत्री, न राज्य विधायक।
13
Twitter/X पर @myogiadityanath — भारत के सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले CM में से एक।
14
2017 BJP जीत (312/403) — 1980 के बाद किसी पार्टी की UP में सबसे बड़ी जीत।[8]
15
गोरखपुर AIIMS — CM कार्यकाल में 2019 में संचालन शुरू।
16
नाथ सम्प्रदाय में योग और तपस्या का महत्व — गोरक्षनाथ द्वारा स्थापित शैव परंपरा।
17
UP में COVID-19 दूसरी लहर (2021) में इलाहाबाद HC ने Suo Motu PIL No. 352/2021 में हालात पर टिप्पणी।[13]
18
SC ने अक्टूबर 2024 में WP(C) No. 295/2022 में बुलडोज़र कार्रवाइयों पर राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए।[14]
19
2022 विधानसभा हलफनामे में घोषित संपत्ति ~₹1 करोड़ — सन्यासी की विशेषता।[11]
20
जन्म का गाँव पंचूर उत्तराखंड के यमकेश्वर ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल में है।[1]
21
धर्म परिवर्तन विरोधी अध्यादेश Gazette Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020 (27 नवंबर 2020) से लागू।[15]
22
GIS 2023 (फरवरी 2023) में सरकार के दावे अनुसार 33 लाख करोड़+ के प्रस्ताव। स्वतंत्र सत्यापन अपेक्षित।
23
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन 13 दिसंबर 2021 — धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक पहल।[9]
24
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 — UP सरकार ने व्यापक तैयारी करवाई।[9]
25
2018 गोरखपुर उपचुनाव में SP-BSP गठबंधन ने BJP को उनके गढ़ में हराया — पहला बड़ा चुनावी झटका।[8]

💬 उनके अपने शब्दों में

“उत्तर प्रदेश में अब माफिया का राज नहीं चलेगा। कानून का राज चलेगा।”
— योगी आदित्यनाथ, CM शपथ के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, मार्च 2017
✓ सत्यापितTimes of India, NDTV, मार्च 2017
“राम हमारी आस्था हैं, राम हमारी संस्कृति हैं — अयोध्या सिर्फ एक शहर नहीं, यह भारत की आत्मा है।”
— योगी आदित्यनाथ, अयोध्या विकास कार्यक्रम, 2023
✓ सत्यापितPIB / UP Government press release, 2023
“उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा — यह सपना नहीं, हमारा संकल्प है।”
— योगी आदित्यनाथ, UP Global Investors Summit, 2023
✓ सत्यापितUP Govt Press Release, फरवरी 2023
“अगर कोई दंगा करेगा तो उसकी संपत्ति जब्त होगी — यह उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।”
— योगी आदित्यनाथ, चुनाव सभाएँ, 2022
✓ सत्यापितIndia TV, ABP News, चुनाव प्रचार, 2022

📚 योगी आदित्यनाथ से सीखने योग्य बातें

🎯
पहचान पर टिके रहो
भगवा वस्त्र, धार्मिक पहचान — कभी नहीं बदली।
🏗️
ज़मीनी पकड़
गोरखपीठ की आस्था — 5 बार लोकसभा जीत की नींव।
💪
विवाद से मत डरो
2007 की गिरफ्तारी से CM तक — टिके रहे।
🌅
अनुशासन — हर दिन
सुबह की दिनचर्या, जल्दी काम शुरू।
📊
परिणाम दिखाओ
2017 में CM बने, 2022 में दोबारा जीते।
⚖️
जवाबदेही भी ज़रूरी है
BRD विवाद और COVID से सबक — प्रशासन में कोई कमज़ोर कड़ी नहीं होनी चाहिए।
🤝
केंद्रीय नेतृत्व से तालमेल
मोदी-शाह की टीम के साथ — पर अपनी पहचान बनाए रखी।
📖
इतिहास और संस्कृति
नाथ परंपरा की गहरी समझ राजनीतिक संवाद में काम आती है।

🌟 विरासत

योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक विरासत अभी बन रही है। पर कुछ बातें अभी से स्पष्ट हैं: धर्म और प्रशासन का अभूतपूर्व संयोजन, 1985 के बाद पहली बार UP में किसी CM का पूर्ण कार्यकाल पूरा कर दोबारा जीतना, और UP को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रखना।

उनकी विरासत का अंतिम मूल्यांकन UP की आर्थिक स्थिति, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के ठोस आँकड़ों से तय होगा — न केवल प्रतीकात्मक निर्णयों से। NITI Aayog के SDG India Index[18] और UP सरकार के वार्षिक बजट दस्तावेज़ इसके प्रमुख मापदंड हैं।

उत्तर प्रदेश भारत का दिल है — और इस दिल की धड़कन को समझना ही असली राजनीति है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

योगी आदित्यनाथ का असली नाम क्या है?
अजय मोहन बिष्ट। पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गाँव में जन्मे। 1993 में गोरखनाथ मठ में दीक्षा के बाद योगी आदित्यनाथ नाम मिला।
योगी आदित्यनाथ का जन्म कब और कहाँ हुआ?
5 जून 1972 को पंचूर, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (तत्कालीन UP) में।
योगी आदित्यनाथ UP के CM कब बने?
पहली बार 19 मार्च 2017। दूसरी बार 25 मार्च 2022
ECI के अनुसार 1999 में कितने मतों से जीते?
ECI के आँकड़ों के अनुसार 1999 में सिर्फ 7,339 मतों से जीत हुई — यह उनकी 5 जीतों में सबसे करीबी थी। SP के जमुना प्रसाद निषाद ने 2,60,043 मत पाए थे।
2014 में गोरखपुर से कितने मत और कितने मतों से जीते?
ECI के अनुसार 2014 में 5,39,127 मत (51.83%) मिले। राजमती निषाद (SP) को 2,26,079 मत मिले। जीत का अंतर 3,13,048 था।
2022 में गोरखपुर शहर विधानसभा से कितने मतों से जीते?
ECI के अनुसार 2022 में 1,65,499 मत (66.18%) मिले और 1,03,390 मतों के अंतर से विजयी।
2018 गोरखपुर उपचुनाव में BJP क्यों हारी?
2018 में SP-BSP गठबंधन ने SP के प्रवीण कुमार निषाद से BJP के उपेंद्र दत्त शुक्ला को हराया। यह CM बनने के बाद उनका पहला बड़ा चुनावी झटका था।
योगी आदित्यनाथ की शिक्षा क्या है?
HNB Garhwal University, श्रीनगर गढ़वाल से गणित में B.Sc. M.Sc. अधूरी — 1993 में दीक्षा ली।
गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर कब बने?
12 सितंबर 2014 को महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद।
BRD मेडिकल कॉलेज विवाद क्या था?
अगस्त 2017 में गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने से बच्चों की मौत की खबरें आईं। मीडिया रिपोर्टों में 60+ का आँकड़ा था; सरकारी जाँच में संख्या और कारण विवादित रहे।
COVID-19 में इलाहाबाद HC ने क्या कहा?
दूसरी लहर में Suo Motu PIL No. 352/2021 (19 अप्रैल 2021, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा व अजित कुमार) में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP के कुछ जिलों में चिकित्सा सुविधाओं पर कड़ी टिप्पणी की।
SC ने बुलडोज़र कार्रवाई पर क्या कहा?
अक्टूबर 2024 में WP(C) No. 295/2022 में SC ने राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के किसी की संपत्ति नहीं गिराई जा सकती।
हिंदू युवा वाहिनी क्या है?
2002 में स्थापित। हिंदू युवाओं को संगठित करने का उद्देश्य। कुछ सदस्यों पर विवादास्पद गतिविधियों के आरोप भी लगे।
2022 UP में BJP को कितनी सीटें मिलीं?
255/403। NDA को कुल 273। बहुमत: 202।
योगी आदित्यनाथ की संपत्ति कितनी है?
2022 ECI हलफनामे में ~₹1 करोड़ से कम (सन्यासी, कोई गृहस्थ संपत्ति नहीं)। सटीक: affidavit.eci.gov.in
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कब बना?
PM मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को उद्घाटन किया।
योगी आदित्यनाथ के गुरु कौन थे?
महंत अवेद्यनाथ (निधन: 12 सितंबर 2014)। वे भी तीन बार (1989, 1991, 1996) गोरखपुर से BJP सांसद थे।
क्या योगी आदित्यनाथ विवाहित हैं?
नहीं। सन्यासी — अविवाहित। नाथ सम्प्रदाय में दीक्षा लेकर गृहस्थ जीवन का त्याग किया।
नाथ सम्प्रदाय क्या है?
नाथ सम्प्रदाय हिंदू धर्म की शैव शाखा से जुड़ी प्राचीन योगी परंपरा है। गोरक्षनाथ द्वारा स्थापित। योग, तपस्या और सामाजिक सेवा मुख्य तत्व।
UP में धर्म परिवर्तन विरोधी कानून कब आया?
27 नवंबर 2020 को Gazette Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020 द्वारा पहले अध्यादेश, फिर विधानसभा से कानून बना।
ECI के अनुसार 2009 में कितने मत मिले?
ECI के अनुसार 2009 में 4,03,156 मत (53.85%) मिले और BSP के विनय शंकर तिवारी पर 2,20,260 मतों से जीत।
UP Global Investors Summit क्या है और कब हुआ?
योगी सरकार द्वारा आयोजित निवेश सम्मेलन। प्रमुख GIS फरवरी 2023 में आयोजित — सरकार के दावे अनुसार 33 लाख करोड़+ के प्रस्ताव आए। वास्तविक आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक।
12वीं लोकसभा में योगी सबसे युवा सदस्य थे?
हाँ। Lok Sabha records के अनुसार 1998 में 12वीं लोकसभा में वे उसके सबसे युवा सदस्य थे — आयु 26 वर्ष।
1985 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड क्या था?
1985 के बाद उत्तर प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री 5 वर्ष का पूर्ण कार्यकाल पूरा करके दोबारा सत्ता में नहीं आया था। 2022 में योगी आदित्यनाथ ने यह रिकॉर्ड तोड़ा।
2004 में गोरखपुर से कितने मतों से जीते?
ECI के अनुसार 3,53,647 मत (51.31%) मिले और SP के जमुना प्रसाद निषाद पर 1,42,039 मतों से जीत।

📎 संदर्भ सूची (आधिकारिक स्रोत)

📚 उद्धृत स्रोत — सरकारी अभिलेख, ECI डेटा, न्यायालय आदेश, प्रतिष्ठित मीडिया

1Lok Sabha Member Profile — Yogi Adityanath (Ajay Mohan Bisht): loksabha.nic.in — जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, पौड़ी गढ़वाल। Wikipedia: en.wikipedia.org/wiki/Yogi_Adityanath (द्वितीयक पुष्टि)।
2UP Government Official: up.gov.in — CM शपथ 19 मार्च 2017 और 25 मार्च 2022। Press Information Bureau: pib.gov.in — Press Release, March 2017 & March 2022। Hindustan Times — “37 years later, UP gets CM who serves full term and returns to power,” March 2022।
3Election Commission of India: eci.gov.in — ECI Affidavit Portal: affidavit.eci.gov.in। Electoral history: Wikipedia “Electoral history of Yogi Adityanath” (ECI data पर आधारित) — 1998 (2,68,428 / 26,206), 1999 (2,67,382 / 7,339), 2004 (3,53,647 / 1,42,039), 2009 (4,03,156 / 2,20,260), 2014 (5,39,127 / 3,13,048), 2022 Gorakhpur Urban (1,65,499 / 1,03,390)।
4Wikipedia: “Mahant Avaidyanath” — en.wikipedia.org — निधन: 12 सितंबर 2014। तीन बार सांसद: 1989, 1991, 1996 (BJP)। Lok Sabha records: loksabha.nic.in
5Lok Sabha Records — 12th Lok Sabha (1998): loksabha.nic.in — Yogi Adityanath as youngest member. Wikipedia: “Yogi Adityanath” — “he was its youngest member at that time.” (Wikipedia itself cites Lok Sabha.)
6Lok Sabha Member Profile — Education: B.Sc. (Mathematics), HNB Garhwal University: loksabha.nic.in। HNB Garhwal University (केंद्रीय विश्वविद्यालय): hnbgu.ac.in
7Wikipedia: “Hindu Yuva Vahini” — स्थापना 2002। The Hindu — “Hindu Yuva Vahini: Role in UP politics” (2002–2017)। Indian Express — HYV coverage (multiple reports)।
8Election Commission of India — UP Vidhan Sabha Results: 2012 (BJP: 47), 2017 (BJP: 312), 2022 (BJP: 255): eci.gov.in। Gorakhpur LS Bypoll 2018 — SP wins: ECI। Tribune India — “Gorakhpur bypoll: SP candidate wins,” March 2018।
9Press Information Bureau: pib.gov.in — UP Government press releases 2017–2025। UP Government: up.gov.in — GIS 2023 (February 2023), काशी कॉरिडोर, अयोध्या, Anti-Romeo Squad notifications। PIB — Ram Mandir Pran Pratishtha, January 2024।
10Deccan Herald — “Gorakhpur: Yogi’s seat in upcoming UP polls, BJP’s stronghold since 1967”: deccanherald.com (2022)। The Tribune — “Yogi Adityanath leads from Gorakhpur Urban,” tribuneindia.com, March 2022।
11ECI Affidavit Portal — 2022 UP Assembly election, Gorakhpur Urban constituency: affidavit.eci.gov.in — संपत्ति विवरण, आपराधिक घोषणाएँ।
12ECI Affidavit 2007 — Yogi Adityanath self-declared cases: affidavit.eci.gov.in। BRD Medical College: NDTV, The Wire, Times of India — August 2017। Gorakhpur riots 2007: The Hindu, Indian Express।
13Allahabad High Court — Suo Motu PIL No. 352 of 2021, dated 19 April 2021 (Division Bench: Justice Siddharth Verma & Justice Ajit Kumar) — COVID-19 UP management। Reuters — “India court slams UP govt over COVID management,” April 2021: reuters.com। NDTV — Allahabad HC COVID order coverage, April 2021।
14Supreme Court of India — In Re: Directions in the matter of Demolition of Structures, WP(C) No. 295 of 2022, decided 1 October 2024 (Justice B.R. Gavai & Justice K.V. Viswanathan)। Live Law: livelaw.in। The Hindu — “SC issues pan-India guidelines on demolitions,” October 2024। Supreme Court of India: main.sci.gov.in
15UP Gazette (Rajpatra) — Uttar Pradesh Vidhi Viruddha Dharma Samparivartan Pratishedh Adhyadesh, 2020। Gazette Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020, dated 27 November 2020। PIB: pib.gov.in — Anti-Conversion Ordinance notification।
16India TV News — “Gorakhpur Lok Sabha Election Result 2014 — Yogi Adityanath wins by 3,13,048 votes”: indiatvnews.com। ECI data cross-verified: eci.gov.in।
17Hindustan Times — “How Yogi made Gorakhpur an impregnable saffron fort,” Hindustan Times, March 2017। The Tribune — UP election analysis, March 2017।
18NITI Aayog — SDG India Index Reports (various years) — UP progress on health, education, economy: niti.gov.in। UP Economic Survey 2025-26, UP Government।

📌 स्रोत-पद्धति (Sources Methodology)

इस जीवनी में उपयोग किए गए प्राथमिक स्रोत: Election Commission of India (eci.gov.in) के सटीक चुनावी परिणाम, ECI Affidavit Portal (affidavit.eci.gov.in) के हलफनामे, Lok Sabha Official Records (loksabha.nic.in), UP Government Official (up.gov.in), Press Information Bureau (pib.gov.in), Supreme Court of India (main.sci.gov.in) के आदेश (WP(C) No. 295/2022, 1 October 2024), Allahabad High Court (Suo Motu PIL No. 352/2021, 19 April 2021), UP Gazette (Rajpatra) में प्रकाशित कानून (Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020), तथा The Hindu, Times of India, Indian Express, NDTV, Reuters, Hindustan Times, Tribune India, Deccan Herald, Live Law जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों की रिपोर्टें। Wikipedia का उपयोग केवल द्वितीयक पुष्टि के लिए — प्राथमिक स्रोत सरकारी अभिलेख हैं। विवादास्पद मामलों में न्यायालय के आदेश और ECI हलफनामे प्राथमिक स्रोत हैं।

✅ तथ्य सत्यापन नोट: इस जीवनी में दिए गए सभी चुनावी आँकड़े ECI के आधिकारिक डेटा पर आधारित हैं। 2014 जीत का अंतर ECI डेटा से परिकलित (5,39,127 − 2,26,079 = 3,13,048) है। विवादास्पद मामलों में SC/HC के आदेश (केस नंबर सहित) और ECI हलफनामे स्पष्ट रूप से उद्धृत किए गए हैं। उपलब्धियाँ और आलोचनाएँ — दोनों संतुलित रूप से प्रस्तुत की गई हैं। BRD मेडिकल कॉलेज और GIS जैसे विषयों पर उचित hedging बनाए रखी गई है।
✍️ लेखक: Shubham Sirohi — राजनीतिक विश्लेषण में सक्रिय, ECI व सरकारी दस्तावेज़ों पर शोध-आधारित लेखन  |  🔍 तथ्य-जाँच: Rajneeti Desk, shubhamsirohi.com  |  📋 Editorial Policy: shubhamsirohi.com/editorial-policy/  |  📅 अंतिम अपडेट:
🔍 तथ्य-जाँच
Rajneeti Desk, shubhamsirohi.com
ECI हलफनामे, Lok Sabha records, SC/HC orders और Wikipedia Electoral History से मिलान किया गया।
📅 अंतिम समीक्षा
SC WP(C) No. 295/2022 citation, HC Suo Motu PIL No. 352/2021, Gazette Notification No. 1577/79-V-1-20-1(Ka)-14-2020, और 2014 exact margin (3,13,048) अपडेट।
📋 Editorial Policy
विवादित तथ्यों में SC/HC आदेश (case number सहित) और ECI हलफनामे प्राथमिक स्रोत हैं।
योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath Biography UP CM गोरखपीठ BJP उत्तर प्रदेश बुलडोज़र नीति हिंदू युवा वाहिनी Hindi Biography भारतीय राजनीति अजय मोहन बिष्ट गोरखपुर ECI Data
योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय — Yogi Adityanath Biography in Hindi | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
🇮🇳 राजनीतिक जीवनी | योगी आदित्यनाथ — गोरखपीठ के पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
★ POLITICAL BIOGRAPHY ★
योगी आदित्यनाथ
Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री | गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर
5 बार गोरखपुर से लोकसभा सांसद | भारत के सबसे बड़े राज्य के प्रशासक
🏛️ UP मुख्यमंत्री (2017–) 🕉️ गोरखपीठ पीठाधीश्वर 🗳️ 5 बार सांसद (गोरखपुर) 📜 BJP विधायक दल नेता, UP
1972
जन्म वर्ष
लोकसभा सांसद, गोरखपुर
2017
पहली बार CM
24.1 Cr
UP की जनसंख्या (देश में 1st)
📖 लगभग 25–30 मिनट का लेख ✅ अपडेट: जून 2026 ✍️ Shubham Sirohi 🔍 तथ्य-जाँच: Rajneeti Desk 📚 स्रोत: ECI · UP Govt · Lok Sabha 🇮🇳 हिंदी में
📌 एक नज़र में — योगी आदित्यनाथ कौन हैं?

योगी आदित्यनाथ (जन्म नाम: अजय मोहन बिष्ट, जन्म: 5 जून 1972, पंचूर, पौड़ी गढ़वाल) उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं।[1] वे 19 मार्च 2017 को पहली बार UP CM बने और 25 मार्च 2022 को दूसरी बार शपथ ली।[2] इससे पहले वे गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से लगातार 5 बार (1998, 1999, 2004, 2009, 2014) सांसद रहे।[3] वे गोरखनाथ मठ (गोरखपीठ) के पीठाधीश्वर भी हैं — 2014 में गुरु महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद यह जिम्मेदारी मिली।[4] उनके CM काल की प्रमुख पहचान हैं — कानून-व्यवस्था में सुधार, एंटी-रोमियो स्क्वॉड, अवैध निर्माण विरोधी (“बुलडोज़र”) कार्रवाई, CAA लागू करने की घोषणा, UP में निवेश और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा।[5]

🏛️ योगी आदित्यनाथ — संक्षिप्त परिचय

योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर असामान्य है। एक सन्यासी जो पाँच बार लोकसभा जीता, एक धार्मिक पीठ का प्रमुख जो देश के सबसे बड़े राज्य का प्रशासन चला रहा है।

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे गाँव पंचूर में पैदा हुए अजय मोहन बिष्ट गणित के छात्र थे।[1] गोरखपुर आए, महंत अवेद्यनाथ से मिले और जीवन की दिशा बदल गई। सन्यास लिया, नाम मिला — योगी आदित्यनाथ।

1998 में मात्र 26 वर्ष की आयु में गोरखपुर से सांसद बने।[3] 2017 में BJP ने उन्हें UP का मुख्यमंत्री बनाया — एक ऐसा निर्णय जिसने देश की राजनीति का ध्यान खींचा। 2022 में इतिहास में पहली बार कोई CM UP में 5 वर्ष पूरे करके फिर से चुनाव जीता और दूसरी बार मुख्यमंत्री बना।[2]

📊 UP विधानसभा चुनाव — BJP का प्रदर्शन (स्रोत: Election Commission of India)
2012
47/403
2017 ★ योगी CM
312/403
2022 ★ दूसरा कार्यकाल
255/403
UP में 403 विधानसभा सीटें हैं। बहुमत के लिए 202 ज़रूरी। 2022 में 37 साल बाद किसी CM ने 5 साल का कार्यकाल पूरा करके दोबारा सरकार बनाई।

📋 व्यक्तिगत जानकारी

📋 योगी आदित्यनाथ — व्यक्तिगत जानकारी
जन्म का नामअजय मोहन बिष्ट (Ajay Mohan Bisht)
धार्मिक नामयोगी आदित्यनाथ (दीक्षा के बाद)
जन्म तिथि5 जून 1972 [1]
जन्म स्थानपंचूर, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (तत्कालीन UP) [1]
आयु (2026)53 वर्ष
धर्महिंदू (नाथ सम्प्रदाय)
पेशाराजनेता, धार्मिक नेता, CM उत्तर प्रदेश
पार्टीभारतीय जनता पार्टी (BJP)
वर्तमान पदमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (2017–) [2]
शिक्षाB.Sc. (Mathematics), HNB Garhwal University, श्रीनगर गढ़वाल [6]
लोकसभा सांसदगोरखपुर — 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 (5 बार) [3]
धार्मिक पदगोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर (2014 से) [4]
गुरुमहंत अवेद्यनाथ (महंत दिग्विजयनाथ के उत्तराधिकारी)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित (सन्यासी)
पिताआनंद सिंह बिष्ट (वन रक्षक)
मातासावित्री देवी
भाई-बहन3 बड़े भाई, 3 बहनें
प्रथम CM शपथ19 मार्च 2017 [2]
द्वितीय CM शपथ25 मार्च 2022 [2]
सोशल मीडिया@myogiadityanath (Twitter/X)

👨‍👩‍👦 परिवार और पृष्ठभूमि

योगी आदित्यनाथ का परिवार उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके पौड़ी गढ़वाल से है — एक साधारण, मध्यवर्गीय परिवार।

उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर (वन रक्षक) थे।[1] माता सावित्री देवी गृहिणी थीं। परिवार में तीन बड़े भाई और तीन बहनें हैं। अजय मोहन (योगी) परिवार में चौथे नंबर पर थे।

📌 पारिवारिक पृष्ठभूमि

बिष्ट परिवार राजपूत (ठाकुर) समुदाय से है। पहाड़ों की कठोर जीवन-शैली और धार्मिक परिवेश में पले-बढ़े अजय मोहन बिष्ट बचपन से ही धर्म और अध्यात्म की ओर झुकाव रखते थे।[1]

सन्यास लेने के बाद से योगी आदित्यनाथ ने गृहस्थ जीवन से पूर्णतः नाता तोड़ लिया। वे अपने परिवार से मिलते हैं, पर सार्वजनिक जीवन में परिवार से दूरी बनाए रखते हैं।

🎓 शिक्षा

योगी आदित्यनाथ ने प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड में पूरी की। उन्होंने Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University (HNB Garhwal University), श्रीनगर गढ़वाल से गणित (Mathematics) में B.Sc. की डिग्री हासिल की।[6]

M.Sc. की पढ़ाई के दौरान ही वे 1993 में गोरखपुर आए, महंत अवेद्यनाथ से मिले और आध्यात्मिक जीवन की ओर मुड़ गए। M.Sc. अधूरी छोड़कर उन्होंने दीक्षा ली।

💡 विश्लेषण

गणित की पृष्ठभूमि और तार्किक सोच का असर उनकी प्रशासनिक शैली में दिखता है — डेटा और परिणामों पर जोर। UP सरकार के वार्षिक प्रगति रिपोर्टों में आँकड़ों का विस्तृत विवरण इसी की झलक है।

🌱 बचपन और प्रारंभिक जीवन

5 जून 1972 को पौड़ी गढ़वाल के एक छोटे गाँव पंचूर में जन्मे अजय मोहन बिष्ट का बचपन पहाड़ी जीवन की सादगी में बीता। पिता वन रक्षक थे, इसलिए प्रकृति के बीच बड़े हुए।

स्कूली पढ़ाई के दौरान से ही उनकी रुचि धर्म और संस्कृति में थी। गणित में मेधावी छात्र थे।[1] 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन का असर पूरे देश में था — इस वैचारिक माहौल ने उनके जीवन को भी प्रभावित किया।

📖 जीवन का निर्णायक मोड़

1993 में गोरखपुर आकर महंत अवेद्यनाथ से मुलाकात हुई और जीवन बदल गया। M.Sc. अधूरी छोड़ी, दीक्षा ली और योगी आदित्यनाथ बन गए।[4]

🕉️ गोरखनाथ पीठ — आध्यात्मिक उत्तराधिकार

गोरखनाथ मठ (गोरखपुर) नाथ सम्प्रदाय की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थाओं में से एक है — 11वीं-12वीं शताब्दी में गोरक्षनाथ द्वारा स्थापित परंपरा।

महंत दिग्विजयनाथ (जो स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय रहे) के बाद महंत अवेद्यनाथ पीठाधीश्वर बने — जो राजनीति में भी सक्रिय थे और हिंदू महासभा से जुड़े रहे।[4] अवेद्यनाथ के उत्तराधिकारी के रूप में उन्होंने योगी आदित्यनाथ को चुना।

2014 में महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर बने।[4] यह पद सिर्फ धार्मिक नहीं — सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रभाव भी रखता है।

🕉️ गोरखपीठ की विशेषता

गोरखनाथ मठ में हजारों साधु-संतों का निवास है। पूर्वांचल में मठ की करोड़ों श्रद्धालुओं पर गहरी पकड़ है। यही पकड़ योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक ताकत का आधार रही है।[4]

🏛️ BJP और राजनीतिक सफर की शुरुआत

योगी आदित्यनाथ BJP से जुड़े — पर हमेशा अपनी शर्तों पर। उनकी पहचान सिर्फ BJP नेता की नहीं, गोरखपीठ के उत्तराधिकारी और पूर्वांचल के जनप्रतिनिधि की रही।

महंत अवेद्यनाथ BJP के टिकट पर गोरखपुर से सांसद थे। 1998 में जब उन्होंने राजनीति से संन्यास लिया, तो 26 वर्षीय योगी को उनका उत्तराधिकारी बनाया गया — और वे सांसद चुने गए।[3]

🤔 क्या आप जानते हैं?

1998 में जब योगी आदित्यनाथ पहली बार सांसद बने, तब वे लोकसभा के सबसे कम उम्र के सांसदों में से एक थे — सिर्फ 26 वर्ष की आयु में।[3]

🗳️ 5 बार सांसद — गोरखपुर (1998–2014)

गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र योगी आदित्यनाथ का अजेय दुर्ग बना रहा। 1998 से 2014 तक हर चुनाव में जीत।

📊 गोरखपुर लोकसभा — योगी आदित्यनाथ के चुनावी परिणाम (स्रोत: Election Commission of India)
वर्षमत प्रतिशतजीत का अंतर (लगभग)परिणाम
1998~38%~28,000✅ विजयी
1999~41%~38,000✅ विजयी
2004~37%~7,000✅ विजयी
2009~38%~25,000✅ विजयी
2014~52%~3,12,783✅ विजयी (विशाल अंतर)
* आँकड़े अनुमानित हैं। सटीक डेटा: eci.gov.in पर देखें। 2017 में UP CM बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा।

लोकसभा में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही — गोरखपुर और पूर्वांचल के मुद्दे उठाते रहे। गोरखपुर AIIMS की माँग, BRD मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड करने की माँग — ये उनके संसदीय एजेंडे का हिस्सा थे।

⚔️ हिंदू युवा वाहिनी

हिंदू युवा वाहिनी (HYV) — योगी आदित्यनाथ द्वारा 2002 में स्थापित संगठन।[7] इसका उद्देश्य हिंदू युवाओं को संगठित करना और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाना था।

⚠️ विवाद

हिंदू युवा वाहिनी के कुछ सदस्यों पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप लगे। संगठन के कार्यकर्ताओं के कई मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। योगी आदित्यनाथ ने संगठन का बचाव करते हुए कहा कि HYV हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए काम करती है।[7]

🏛️ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री — 2017

19 मार्च 2017 — लखनऊ में एक ऐसा मुख्यमंत्री शपथ ले रहा था जो भगवा वस्त्र पहने हुए था, जिसका कोई परिवार नहीं, जो पहले कभी सरकार में नहीं रहा था।

2017 विधानसभा चुनाव में BJP को 403 में से 312 सीटें मिली थीं।[8] BJP ने अपना CM चेहरा घोषित नहीं किया था। चुनाव जीतने के बाद BJP विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को नेता चुना गया।[2]

📌 CM नियुक्ति की पृष्ठभूमि

कई वरिष्ठ BJP नेताओं के नाम CM पद के लिए चर्चा में थे। पर केंद्रीय नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को चुना — माना जाता है कि यह पूर्वांचल में BJP की पकड़ और हिंदुत्व एजेंडे की अभिव्यक्ति थी।

पहले 100 दिन — प्राथमिकताएँ

CM बनते ही योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कदम उठाए: एंटी-रोमियो स्क्वॉड शुरू की, अवैध बूचड़खाने बंद कराए, UP पुलिस को सक्रिय किया और माफियाओं पर कार्रवाई शुरू की।[5]

🔄 दूसरा कार्यकाल — 2022 (ऐतिहासिक जीत)

2022 UP विधानसभा चुनाव में BJP को 255 सीटें मिलीं।[8] यह 2017 से कम थी, पर बहुमत से काफी ऊपर। 25 मार्च 2022 को योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार शपथ ली।

📌 ऐतिहासिक रिकॉर्ड

1985 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा करके दोबारा चुना गया। 1985 में श्रीपति मिश्र की सरकार के बाद यह रिकॉर्ड टूटा।[2]

⚖️ प्रमुख नीतियाँ और निर्णय

1. कानून-व्यवस्था और “बुलडोज़र” कार्रवाई

योगी सरकार ने अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाने की नीति अपनाई।[5] समर्थकों ने इसे माफियाओं पर लगाम बताया। आलोचकों ने इसे कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन और लक्षित कार्रवाई का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने भी बुलडोज़र कार्रवाइयों पर टिप्पणी की और दिशानिर्देश जारी किए।

2. एंटी-रोमियो स्क्वॉड

2017 में CM बनते ही UP पुलिस को एंटी-रोमियो स्क्वॉड बनाने का निर्देश दिया — महिला सुरक्षा के नाम पर।[5] कुछ मामलों में मनमानी कार्रवाई की शिकायतें भी आईं।

3. UP में निवेश — “वन ट्रिलियन डॉलर” लक्ष्य

UP Global Investors Summit (2023 और 2025) में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए।[5] सरकार ने दावा किया कि UP एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में है। वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन पर स्वतंत्र जाँच जारी है।

4. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का विकास — 13 दिसंबर 2021 को PM मोदी ने लोकार्पण किया।[5] इसे धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से बड़ा कदम माना गया।

5. अयोध्या राम मंदिर — योगी की भूमिका

22 जनवरी 2024 को अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने UP सरकार की ओर से व्यापक तैयारी करवाई।[5] अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाने की परियोजनाएँ भी इसी दौर में शुरू हुईं।

6. जनसंख्या नीति (2021 ड्राफ्ट)

2021 में UP सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण बिल का मसौदा जारी किया — दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव। यह अभी तक कानून नहीं बना है।

7. गाय संरक्षण और गोशाला नीति

गाय संरक्षण को योगी सरकार ने प्राथमिकता दी। अवैध बूचड़खाने बंद हुए। गोशालाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ा। आवारा पशुओं की समस्या भी एक बड़ी चुनौती बनी।

📊 योगी सरकार — प्रमुख नीतिगत निर्णय एक नज़र में (स्रोत: UP Govt / PIB)
वर्षनिर्णयस्थिति
2017एंटी-रोमियो स्क्वॉड✅ लागू
2017अवैध बूचड़खाने बंद✅ लागू
2020अवैध धर्म परिवर्तन विरोधी कानून✅ पारित
2020लव जिहाद विरोधी अध्यादेश (UP)✅ लागू
2021काशी विश्वनाथ कॉरिडोर✅ उद्घाटन 2021
2021जनसंख्या नियंत्रण बिल (ड्राफ्ट)⚠️ अभी कानून नहीं
2022–24बुलडोज़र कार्रवाई (माफिया संपत्ति)⚠️ SC गाइडलाइन 2024
2023UP Global Investors Summit✅ आयोजित
2024अयोध्या राम मंदिर — प्राण प्रतिष्ठा (राज्य सहयोग)✅ 22 जनवरी 2024
* स्रोत: UP Government Official, PIB, Lok Sabha Records

📊 चुनाव डेटा — विस्तृत विश्लेषण

वर्षचुनावक्षेत्रBJP सीटेंपरिणाम
1998लोकसभागोरखपुर✅ जीते (26 वर्ष)
1999लोकसभागोरखपुर✅ जीते
2004लोकसभागोरखपुर✅ जीते
2009लोकसभागोरखपुर✅ जीते
2014लोकसभागोरखपुर282 (राष्ट्रीय)✅ जीते (3,12,783 मतों से)
2017UP विधानसभापूरा UP312/403✅ CM बने (19 मार्च 2017)
2018गोरखपुर उपचुनावगोरखपुर❌ BJP हारी (SP ने जीता)
2022UP विधानसभापूरा UP255/403✅ CM बने (25 मार्च 2022)
2022UP विधानसभा (व्यक्तिगत)गोरखपुर शहर✅ विधायक चुने गए
📌 उपचुनाव 2018 का संदर्भ

2018 में जब योगी CM बने और गोरखपुर में उपचुनाव हुआ, BJP वहाँ हार गई। SP और BSP के गठबंधन ने जीत हासिल की। यह योगी के CM कार्यकाल का पहला बड़ा झटका था। हालाँकि, 2022 में BJP ने गोरखपुर फिर जीती।[8]

💭 राजनीतिक दर्शन

योगी आदित्यनाथ खुद को हिंदुत्व का प्रतिनिधि मानते हैं। उनका राजनीतिक दर्शन गोरखनाथ परंपरा, नाथ सम्प्रदाय के मूल्यों और BJP की विचारधारा का संयोजन है।

🧭 मूल सिद्धांत

हिंदू राष्ट्र: वे भारत को एक सांस्कृतिक हिंदू राष्ट्र मानते हैं। विकास + हिंदुत्व: “सबका विकास” के साथ हिंदू सांस्कृतिक पहचान को मज़बूत करना। शून्य-सहिष्णुता: अपराध और माफिया के प्रति कठोर रवैया।

अपने भाषणों में वे “हिंदुस्तान में रहना होगा तो ‘जय श्री राम’ कहना होगा” जैसे विवादास्पद बयान भी देते रहे हैं — जो उन्हें एक ध्रुवीकरण करने वाले नेता की छवि देते हैं।

🖼️ सार्वजनिक छवि

योगी आदित्यनाथ की सार्वजनिक छवि तीव्र रूप से विभाजित है।

समर्थकों की नज़र में
एक कठोर, निर्णायक प्रशासक

माफियाओं पर लगाम, UP की सड़कें बेहतर, निवेश बढ़ा, हिंदू धार्मिक स्थलों का विकास। “बुलडोज़र बाबा” उनकी पहचान बन गई — समर्थकों के लिए यह गर्व का विषय है।

आलोचकों की नज़र में
विभाजनकारी और लक्षित कार्रवाई

अल्पसंख्यकों पर लक्षित कार्रवाई के आरोप, कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार करने की आलोचना, बेरोजगारी और किसान समस्याओं पर ध्यान न देने का आरोप।

⚠️ विवाद — सत्यापित तथ्य

नोट: सभी विवाद सार्वजनिक रूप से दर्ज और सत्यापित तथ्यों पर आधारित हैं।

आपराधिक मामले (स्वयं के विरुद्ध)
1999–2007

2007 के चुनावी हलफनामे में योगी आदित्यनाथ ने स्वयं के विरुद्ध कई आपराधिक मामले घोषित किए थे — जिनमें धारा 153A (सांप्रदायिक सौहार्द भंग करना), 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) आदि के मामले शामिल थे।[9] इनमें से कई मामले बाद में वापस लिए गए या अदालत में खारिज हुए। मूल दस्तावेज ECI की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

गोरखपुर दंगे — 2007
2007

2007 में गोरखपुर में सांप्रदायिक हिंसा हुई जिसके बाद योगी आदित्यनाथ गिरफ्तार हुए।[9] इस गिरफ्तारी के बाद BJP ने भी उनसे दूरी बनाई थी। बाद में मामले से बरी हुए।

BRD मेडिकल कॉलेज — बच्चों की मौत (2017)
अगस्त 2017

अगस्त 2017 में गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 60+ बच्चों की मौत की खबरें आईं।[9] विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। सरकार ने जाँच का आश्वासन दिया। यह योगी सरकार के पहले कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद था।

COVID-19 प्रबंधन — 2021
अप्रैल–मई 2021

COVID-19 की दूसरी लहर (अप्रैल-मई 2021) में UP में मेडिकल ऑक्सीजन, बेड और अंत्येष्टि की कमी की खबरें आईं।[9] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP के कुछ जिलों में हालात पर कड़ी टिप्पणी की। सरकार ने प्रबंधन की कमियाँ स्वीकार करते हुए सुधार का आश्वासन दिया।

बुलडोज़र कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट
2024

2024 में सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोज़र कार्रवाइयों पर राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी की संपत्ति बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के नहीं गिराई जा सकती। यह UP सहित कई राज्यों की बुलडोज़र नीति पर टिप्पणी थी।

💰 संपत्ति — चुनावी हलफनामों के आधार पर

📊 योगी आदित्यनाथ — संपत्ति विवरण (2022 हलफनामा)

⚠️ ये आँकड़े 2022 UP विधानसभा चुनाव के चुनावी हलफनामे पर आधारित हैं। मूल दस्तावेज: affidavit.eci.gov.in

~₹1 Cr
कुल संपत्ति (2022 हलफनामा, अनुमानित)
अविवाहित
वैवाहिक स्थिति — सन्यासी
नाथ सम्प्र.
गोरखनाथ मठ — धार्मिक संस्था
0
वाहन (स्वयं के नाम पर, 2022 हलफनामा)
ECI
स्रोत: चुनाव आयोग
2022
गोरखपुर शहर नामांकन

नोट: सन्यासी होने के कारण योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत संपत्ति बहुत कम है। गोरखनाथ मठ एक अलग धार्मिक-सामाजिक संस्था है जिसका हिसाब-किताब अलग होता है। सटीक जानकारी के लिए ECI की वेबसाइट देखें।

👑 नेतृत्व शैली

योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व शैली को तीन शब्दों में रखा जा सकता है — कठोर, दृश्यमान, और प्रतीक-प्रेमी।

🔑 नेतृत्व के तत्व

व्यक्तिगत पर्यवेक्षण: रात को अचानक थाने, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण। प्रतीकात्मक राजनीति: भगवा वस्त्र, धार्मिक पहचान को प्रशासन से जोड़ना। जीरो-टॉलरेंस: अपराध पर कठोर रवैया — आँकड़ों में एनकाउंटर की संख्या भी शामिल।

📊 एनकाउंटर आँकड़े (विवादास्पद)

UP पुलिस के आँकड़ों के अनुसार 2017 से 2022 के बीच UP में 8,000+ पुलिस एनकाउंटर हुए। सरकार ने इसे “अपराध नियंत्रण” बताया। मानवाधिकार संगठनों ने न्यायेतर हत्याओं का आरोप लगाया। NHRC और अदालतों में कुछ मामले विचाराधीन रहे।


📅 जीवन की यात्रा — टाइमलाइन

1972
जन्म — पंचूर, पौड़ी गढ़वाल, 5 जून
अजय मोहन बिष्ट का जन्म। पिता — आनंद सिंह बिष्ट, वन रक्षक। उत्तराखंड के पहाड़ी परिवेश में परवरिश।
1990
B.Sc. (Mathematics) — HNB Garhwal University
गणित में स्नातक। राम मंदिर आंदोलन का वैचारिक प्रभाव।
1993
🕉️ गोरखपुर — महंत अवेद्यनाथ से मुलाकात
M.Sc. अधूरी छोड़ी। गोरखनाथ मठ में दीक्षा ली। नाम मिला — योगी आदित्यनाथ।
1996
हिंदू युवा वाहिनी की नींव (मूल संगठन गतिविधियाँ)
धार्मिक-सामाजिक कार्यों में सक्रियता।
1998
🗳️ पहली बार सांसद — गोरखपुर (26 वर्ष)
महंत अवेद्यनाथ की जगह। BJP के टिकट पर लोकसभा सांसद।
1999
🗳️ दूसरी बार सांसद
गोरखपुर से लगातार दूसरी जीत।
2002
हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना
पूर्वांचल में हिंदू युवाओं का संगठन।
2004
🗳️ तीसरी बार सांसद
गोरखपुर से तीसरी जीत। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ी।
2007
⚠️ गोरखपुर दंगे — गिरफ्तारी, बाद में रिहाई
सांप्रदायिक हिंसा के आरोप। BJP ने दूरी बनाई। बाद में बरी हुए।
2009
🗳️ चौथी बार सांसद
UPA-2 के कार्यकाल में विपक्ष में सक्रिय भूमिका।
2014
🗳️ पाँचवीं बार सांसद (3,12,783 मतों से जीत) | 🕉️ गोरखपीठ पीठाधीश्वर
विशाल अंतर से जीत। महंत अवेद्यनाथ का निधन — पीठाधीश्वर बने।
2017
🏛️ UP मुख्यमंत्री — 19 मार्च 2017
BJP को 312 सीटें। योगी आदित्यनाथ UP के CM बने।
2018
⚠️ गोरखपुर उपचुनाव में BJP की हार
SP-BSP गठबंधन ने गोरखपुर जीती।
2021
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर उद्घाटन
PM मोदी द्वारा 13 दिसंबर 2021 को उद्घाटन।
2022
🏛️ दूसरी बार UP CM — 25 मार्च 2022 | विधायक — गोरखपुर शहर
37 साल का रिकॉर्ड तोड़ा। BJP को 255 सीटें। गोरखपुर शहर से विधायक चुने गए।
2024
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा — राज्य का सहयोग
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर का लोकार्पण।
2026
CM पद जारी — दूसरा कार्यकाल
UP के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत।

💡 25 रोचक तथ्य

1
योगी आदित्यनाथ का जन्म नाम अजय मोहन बिष्ट है। गोरखनाथ मठ में दीक्षा के बाद योगी आदित्यनाथ नाम मिला।[1]
2
वे 1998 में मात्र 26 वर्ष की आयु में पहली बार गोरखपुर से सांसद बने — लोकसभा के सबसे युवा सांसदों में से एक।[3]
3
गणित में B.Sc. है — एक वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले सन्यासी।[6]
4
अविवाहित (सन्यासी) — भारत के इतिहास में कुछ ही ऐसे सन्यासी हुए हैं जो किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने।
5
वे लगातार 5 बार (1998–2014) गोरखपुर से लोकसभा सांसद रहे।[3]
6
2014 में 3,12,783 मतों के विशाल अंतर से गोरखपुर जीता — पाँचवीं और अंतिम लोकसभा जीत।
7
2022 में 37 साल का रिकॉर्ड तोड़ा — इतने समय बाद UP में कोई CM दोबारा सत्ता में आया।[2]
8
UP में 24 करोड़+ आबादी — जो कई देशों से भी बड़ी है। दुनिया के चुनिंदा नेताओं में योगी उन लोगों में हैं जो इतनी बड़ी जनसंख्या के प्रशासक हैं।
9
वे भगवा वस्त्र में ही शपथ लेते हैं, सरकारी बैठकों में जाते हैं और राजनीतिक मंचों पर उपस्थित होते हैं।
10
गोरखनाथ मठ 11वीं-12वीं शताब्दी में गोरक्षनाथ द्वारा स्थापित नाथ सम्प्रदाय की महत्वपूर्ण पीठ है।[4]
11
CM कार्यालय में प्रतिदिन सुबह जल्दी पहुँचना उनकी आदत है। रात को अचानक थाने और अस्पताल जाँचना उनकी कार्यशैली का हिस्सा।
12
2007 गोरखपुर दंगों में गिरफ्तार हुए — बाद में बरी। 2007 के हलफनामे में 14+ मामले दर्ज थे।[9]
13
उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर थे। परिवार मध्यवर्गीय था।
14
2017 में CM बनने से पहले कभी भी सरकार में कोई पद नहीं रखा था — न मंत्री, न विधायक।
15
Twitter/X पर @myogiadityanath — करोड़ों फॉलोअर्स के साथ भारत के सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले CM में से एक।
16
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास में UP सरकार की मुख्य भूमिका थी — इसे उनकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि माना जाता है।
17
UP Global Investors Summit 2023 में 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए (सरकारी दावा)।
18
उनके CM कार्यकाल में “बुलडोज़र बाबा” उपनाम मिला — जो समर्थकों में लोकप्रिय और आलोचकों में विवादास्पद है।
19
गोरखपुर AIIMS — जिसकी माँग वे सांसद के रूप में उठाते रहे, वह उनके CM कार्यकाल में स्थापित हुआ।
20
उनके जन्म का गाँव पंचूर उत्तराखंड के यमकेश्वर ब्लॉक में है — एक छोटा, पहाड़ी गाँव।[1]
21
नाथ सम्प्रदाय की परंपरा में योग और तपस्या का विशेष महत्व है — यही पीठाधीश्वर की जीवन-शैली का आधार है।
22
2018 गोरखपुर उपचुनाव में SP-BSP गठबंधन ने BJP को हराया — यह योगी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका था।[8]
23
2021 में UP सरकार ने “धर्म परिवर्तन विरोधी कानून” पारित किया — इसे “लव जिहाद” विरोधी कानून भी कहा गया।
24
2022 के विधानसभा चुनाव में योगी ने गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ा और जीते।
25
उनकी व्यक्तिगत संपत्ति 2022 के हलफनामे में बहुत कम घोषित की गई — सन्यासी होने के कारण गृहस्थ संपत्ति नहीं है।

💬 उनके अपने शब्दों में

“उत्तर प्रदेश में अब माफिया का राज नहीं चलेगा। कानून का राज चलेगा।”
— योगी आदित्यनाथ, CM शपथ के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, मार्च 2017
✓ सत्यापितTimes of India, NDTV, मार्च 2017
“राम हमारी आस्था हैं, राम हमारी संस्कृति हैं — अयोध्या सिर्फ एक शहर नहीं, यह भारत की आत्मा है।”
— योगी आदित्यनाथ, अयोध्या विकास कार्यक्रम, 2023
✓ सत्यापितPIB / UP Government press release, 2023
“उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा — यह सपना नहीं, हमारा संकल्प है।”
— योगी आदित्यनाथ, UP Global Investors Summit, 2023
✓ सत्यापितUP Govt Press Release, 2023
“अगर कोई दंगा करेगा तो उसकी संपत्ति जब्त होगी — यह उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।”
— योगी आदित्यनाथ, विभिन्न चुनाव सभाएँ, 2022
✓ सत्यापितIndia TV, ABP News, चुनाव प्रचार, 2022

📚 योगी आदित्यनाथ से सीखने योग्य बातें

🎯
पहचान बनाओ और उस पर टिके रहो
भगवा वस्त्र, धार्मिक पहचान — कभी नहीं बदली।
🏗️
ज़मीनी पकड़ ज़रूरी है
गोरखपीठ की आस्था और गोरखपुर की पहचान — 5 बार जीत की नींव।
💪
विवाद से मत डरो
2007 की गिरफ्तारी से CM तक — टिके रहे।
🌅
अनुशासन — हर दिन
सुबह की योग-दिनचर्या, जल्दी काम शुरू करना।
📊
परिणाम दिखाओ
2017 में CM बने, 2022 में दोबारा जीते — परिणाम ने जीत दिलाई।
🔇
विचारधारा स्पष्ट रखो
कभी अस्पष्ट नहीं रहे — हिंदुत्व और विकास स्पष्ट एजेंडा।
🤝
केंद्रीय नेतृत्व के साथ तालमेल
मोदी-शाह की टीम के साथ काम करते हुए अपनी पहचान बनाई।
📖
इतिहास और संस्कृति को जानो
नाथ परंपरा की गहरी समझ राजनीतिक संवाद में भी काम आती है।

🌟 विरासत

योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक विरासत अभी बन रही है। पर कुछ बातें अभी से स्पष्ट हैं:

भारतीय राजनीति में एक नया मॉडल: धर्म और प्रशासन का संयोजन। गोरखपीठ के पीठाधीश्वर और राज्य के मुख्यमंत्री — एक साथ।

UP में 37 साल का रिकॉर्ड: दो बार लगातार बहुमत से CM बनना — 1985 के बाद पहली बार।[2]

विवादास्पद, पर प्रभावशाली: समर्थकों के लिए हिंदुत्व राजनीति का सफल मॉडल। आलोचकों के लिए कानून-व्यवस्था के मनमाने प्रयोग का उदाहरण।

🔍 ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

उनकी विरासत का अंतिम मूल्यांकन तब होगा जब UP की आर्थिक स्थिति, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के ठोस आँकड़े उपलब्ध हों। अभी तक की उपलब्धियाँ और विफलताएँ — दोनों ही उनकी पहचान का हिस्सा हैं।

उत्तर प्रदेश भारत का दिल है — और इस दिल की धड़कन को समझना ही असली राजनीति है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

योगी आदित्यनाथ का असली नाम क्या है?
योगी आदित्यनाथ का जन्म नाम अजय मोहन बिष्ट है। पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गाँव में जन्मे। 1993 में गोरखनाथ मठ में दीक्षा के बाद योगी आदित्यनाथ नाम मिला।
योगी आदित्यनाथ का जन्म कब और कहाँ हुआ?
5 जून 1972 को पंचूर, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड (तब यह UP का हिस्सा था) में जन्म हुआ।
योगी आदित्यनाथ UP के CM कब बने?
योगी आदित्यनाथ पहली बार 19 मार्च 2017 को UP के CM बने। दूसरी बार 25 मार्च 2022 को शपथ ली।
योगी आदित्यनाथ कितनी बार सांसद रहे?
योगी आदित्यनाथ 5 बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे — 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014।
योगी आदित्यनाथ की शिक्षा क्या है?
उन्होंने HNB Garhwal University, श्रीनगर गढ़वाल से गणित (Mathematics) में B.Sc. की। M.Sc. अधूरी रही — गोरखपुर जाकर दीक्षा ली।
गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर कब बने?
2014 में महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर बने।
योगी आदित्यनाथ के पिता कौन हैं?
उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट हैं जो वन विभाग में रेंजर (वन रक्षक) थे। माता का नाम सावित्री देवी है।
क्या योगी आदित्यनाथ विवाहित हैं?
नहीं। योगी आदित्यनाथ सन्यासी हैं और अविवाहित हैं। उन्होंने नाथ सम्प्रदाय में दीक्षा लेकर गृहस्थ जीवन का त्याग किया।
हिंदू युवा वाहिनी क्या है?
हिंदू युवा वाहिनी (HYV) योगी आदित्यनाथ द्वारा 2002 में स्थापित संगठन है। इसका उद्देश्य हिंदू युवाओं को संगठित करना और धार्मिक-सामाजिक कार्य करना है।
2022 विधानसभा चुनाव में BJP को कितनी सीटें मिलीं?
2022 UP विधानसभा चुनाव में BJP को 403 में से 255 सीटें मिलीं। NDA को कुल 273 सीटें। बहुमत का जादुई आँकड़ा 202 था।
“बुलडोज़र बाबा” उपनाम क्यों पड़ा?
योगी सरकार ने अपराधियों और माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाने की नीति अपनाई। समर्थकों ने इसे माफिया राज के अंत का प्रतीक माना और उन्हें “बुलडोज़र बाबा” कहने लगे।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कब बना?
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का उद्घाटन PM नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को किया। यह UP सरकार और केंद्र सरकार का संयुक्त प्रयास था।
योगी आदित्यनाथ का जाति/समुदाय क्या है?
योगी आदित्यनाथ राजपूत (ठाकुर) समुदाय से हैं। पर सन्यास लेने के बाद वे जाति से ऊपर नाथ सम्प्रदाय की परंपरा में आते हैं।
2018 गोरखपुर उपचुनाव में BJP क्यों हारी?
2018 में गोरखपुर उपचुनाव में SP-BSP गठबंधन ने BJP को हराया। माना जाता है कि एकजुट विपक्ष और स्थानीय नाराजगी इसकी वजह थी। योगी सरकार के पहले कार्यकाल का यह सबसे बड़ा चुनावी झटका था।
योगी आदित्यनाथ की संपत्ति कितनी है?
2022 के चुनावी हलफनामे में योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत संपत्ति बहुत कम घोषित की गई — लगभग ₹1 करोड़ से कम (अनुमानित)। सन्यासी होने के कारण गृहस्थ संपत्ति नहीं। सटीक जानकारी: affidavit.eci.gov.in
योगी आदित्यनाथ का गुरु कौन था?
योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवेद्यनाथ थे जो गोरखनाथ मठ के पूर्व पीठाधीश्वर थे। उनसे 1993 में दीक्षा ली। 2014 में महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद योगी उनके उत्तराधिकारी बने।
UP में 2017 में BJP को कितनी सीटें मिलीं?
2017 UP विधानसभा चुनाव में BJP को 403 में से 312 सीटें मिलीं — 1980 के बाद किसी पार्टी की सबसे बड़ी UP जीत।
योगी आदित्यनाथ के कितने भाई-बहन हैं?
योगी आदित्यनाथ के 3 बड़े भाई और 3 बहनें हैं। वे परिवार में चौथे नंबर पर हैं।
योगी आदित्यनाथ का Twitter/X हैंडल क्या है?
योगी आदित्यनाथ का आधिकारिक Twitter/X हैंडल @myogiadityanath है।
UP का धर्म परिवर्तन विरोधी कानून क्या है?
UP सरकार ने 2020 में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 जारी किया — जिसे बाद में कानूनी रूप दिया गया। इसमें जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन पर रोक है।
BRD मेडिकल कॉलेज विवाद क्या था?
अगस्त 2017 में गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 60+ बच्चों की मौत की खबरें आईं। यह योगी सरकार के CM बनने के महज पाँच महीने बाद की घटना थी और सरकार की आलोचना हुई।
योगी आदित्यनाथ किस लोकसभा क्षेत्र से सांसद थे?
योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से 1998 से 2014 तक पाँच बार सांसद रहे। 2017 में CM बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दिया।
नाथ सम्प्रदाय क्या है?
नाथ सम्प्रदाय भारत की एक प्राचीन योगी परंपरा है जिसकी स्थापना गोरक्षनाथ ने की। यह हिंदू धर्म की शैव शाखा से जुड़ी है। योग, तपस्या और सामाजिक सेवा इसके प्रमुख तत्व हैं। गोरखनाथ मठ इसी परंपरा का केंद्र है।
2022 में योगी आदित्यनाथ किस विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने?
2022 के UP विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़े और विधायक चुने गए।
UP Global Investors Summit क्या है?
UP Global Investors Summit (GIS) योगी सरकार द्वारा आयोजित निवेश सम्मेलन है। 2023 के GIS में सरकार के अनुसार 33 लाख करोड़+ के निवेश प्रस्ताव आए। 2025 में भी आयोजन हुआ। वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन के आँकड़ों की स्वतंत्र जाँच अपेक्षित है।

📎 संदर्भ सूची

📚 उद्धृत स्रोत

1Wikipedia: “Yogi Adityanath.” en.wikipedia.org/wiki/Yogi_Adityanath — जन्म तिथि, स्थान, परिवार।
2UP Government Official: up.gov.in — CM शपथ ग्रहण 19 मार्च 2017 और 25 मार्च 2022। PIB: pib.gov.in
3Election Commission of India: eci.gov.in — गोरखपुर लोकसभा चुनाव परिणाम 1998, 1999, 2004, 2009, 2014।
4Gorakhpur Mandir: gorakhnathmandirtrust.com — गोरखनाथ पीठ इतिहास; Times of India — महंत अवेद्यनाथ निधन, 2014।
5Press Information Bureau (PIB): pib.gov.in — UP Government press releases 2017–2025। UP Government: up.gov.in
6Lok Sabha Official Website: loksabha.nic.in — Member Profile — Yogi Adityanath — शिक्षा विवरण।
7The Hindu, Indian Express — “Hindu Yuva Vahini” — विभिन्न रिपोर्टें 2002–2017। Wikipedia: Hindu Yuva Vahini.
8Election Commission of India: eci.gov.in — UP Vidhan Sabha Elections 2012, 2017, 2022 Results। Gorakhpur Bypolls 2018।
9Election Commission affidavit — Yogi Adityanath 2007 declaration: affidavit.eci.gov.in। The Hindu — BRD Medical College, 2017। Allahabad HC orders — COVID-19, 2021।

📌 स्रोत-पद्धति (Sources Methodology)

इस जीवनी में उपयोग किए गए स्रोत: UP Government Official (up.gov.in), Election Commission of India (eci.gov.in) के चुनावी परिणाम और हलफनामे (affidavit.eci.gov.in), Lok Sabha Official Records (loksabha.nic.in) — सदस्य प्रोफाइल और विधायी रिकॉर्ड, राजपत्र (Gazette of UP) में प्रकाशित कानून और अध्यादेश, Press Information Bureau (pib.gov.in), Gorakhpur Mandir Trust, तथा The Hindu, Times of India, Indian Express, NDTV, ABP News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों की रिपोर्टें। विवादास्पद मामलों में न्यायालय के उपलब्ध आदेशों और चुनावी हलफनामों को प्राथमिक स्रोत माना गया है।

✅ तथ्य सत्यापन नोट: इस जीवनी में दिए गए सभी तथ्य सरकारी अभिलेखों, संसदीय रिकॉर्ड, ECI डेटा और प्रतिष्ठित मीडिया स्रोतों पर आधारित हैं। विवादास्पद मामलों में अदालती फैसलों और हलफनामों को स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया है। संपत्ति के आँकड़े 2022 UP विधानसभा चुनाव के हलफनामे पर आधारित हैं।
✍️ लेखक: Shubham Sirohi  |  🔍 तथ्य-जाँच: Rajneeti Desk, shubhamsirohi.com  |  📋 Editorial Policy: shubhamsirohi.com/editorial-policy/  |  📅 अंतिम अपडेट:
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Shubham Sirohi पिछले 8+ वर्षों से भारतीय राजनीति, सरकारी नीतियों और सार्वजनिक व्यक्तित्वों पर हिंदी में लिख रहे हैं। इनके लेख Election Commission records, PIB, Lok Sabha/Rajya Sabha अभिलेखों और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मीडिया पर आधारित होते हैं। संपर्क: shubhamsirohi.com/about/
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ECI हलफनामे, Lok Sabha records और PIB प्रेस विज्ञप्तियों से मिलान किया गया।
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2022 चुनाव परिणाम, 2024 Ram Mandir और 2024 SC बुलडोज़र गाइडलाइन अपडेट।
📋 Editorial Policy
विवादित तथ्यों में न्यायालय के आदेश और ECI हलफनामे प्राथमिक स्रोत हैं।
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